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MP कांग्रेस प्रमुख जीतू पटवारी ने BJP नेता इमरती देवी के खिलाफ विवादित टिप्पणी के लिए मांगी माफी

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता इमरती देवी के खिलाफ अपनी विवादास्पद टिप्पणी के लिए शुक्रवार को माफी मांगी.

पटवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था और उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है.

पटवारी ने एएनआई को बताया, “कल मुझसे वहां एक ऑडियो क्लिप के बारे में सवाल किया गया था. उस वक्त मेरा इरादा सिर्फ उस सवाल को टालना था. उस संदर्भ में मैंने जो टिप्पणी की थी, उसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है. इमरती देवी जी मेरी बड़ी बहन हैं और बड़ी बहन बिल्कुल मां के समान होती है, इसलिए मैं सिर्फ इतना ही कहूंगी कि मेरा मकसद सिर्फ सवाल को टालना था, इसके अलावा मेरा कोई और इरादा नहीं था, फिर भी अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो मैं खेद व्यक्त करता हूं और माफी मांगता हूं.”

उन्होंने आगे बताया कि उनके मन में न तो कोई नकारात्मकता थी और न ही उनका मजाक उड़ाने का कोई इरादा था और उनके संदर्भ को गलत समझा गया. कांग्रेस नेता ने कहा, “मेरे मन में किसी भी तरह की कोई नकारात्मकता नहीं थी, न ही मजाक उड़ाने का मेरा इरादा था. एकमात्र इरादा सवाल से बचना था और मेरे संदर्भ को गलत समझा गया. मैं इसके लिए माफी मांगता हूं.”

बता दें कि, पटवारी ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक सार्वजनिक रैली के दौरान इमरती देवी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. मीडिया से चर्चा करते हुए पटवारी ने पूर्व मंत्री इमरती देवी के संबंध में ऐसे शब्द बोल दिया, जिससे राजनीति गरमा गई. जीतू पटवारी ने कहा था कि इमरती देवी का रस खत्म हो गया है.

इमरती देवी पूर्व कांग्रेस नेता और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री, ज्योतिरादित्य सिंधिया की वफादार हैं, जो 2020 में राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान भगवा खेमे में चली गईं. वह राज्य में मंत्री थीं, लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने चुनाव लड़ा और हार गए.

इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने भी कथित तौर पर भाजपा नेता इमरती देवी को “आइटम” कहा था जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया था.

कमल नाथ ने हिंदी में कहा था, “सुरेश राजे जी हमारी उम्मीद है ये उसके जैसा नहीं है. क्या है उसका नाम मैं क्या उसका नाम लूं? आपको तो मुझे पहले सावधान करना चाहिए था. ये क्या आइटम है” जबकि भीड़ ने इमरती देवी का नाम पुकारा था. यह घटना 2020 में राज्य में विधानसभा उपचुनावों के प्रचार के दौरान हुई थी.

 

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Shree Om Singh
Author: Shree Om Singh

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