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चुनाव आयोग द्वारा एनसीपी के अजित पवार गुट को पार्टी का प्रतीक दिया गया

Maharashtra Deputy Chief Minister Ajit Pawar

भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अजीत पवार के गुट को पार्टी के नाम और घड़ी के चुनावी प्रतीक का उपयोग करने की अनुमति दी है। इसकी घोषणा मंगलवार (6 फरवरी) को की गई।चुनाव आयोग के आदेश के पैराग्राफ 134 में अजीत पवार को घड़ी का प्रतीक दिया  है, जिसे “पार्टी संविधान के लक्ष्यों और उद्देश्यों की परीक्षा”, “पार्टी संविधान की परीक्षा” और “बहुमत की परीक्षा” कहा जाता है।

चुनाव आयोग ने पिछले छह महीनों में दोनों गुटों के बीच कानूनी विवाद में लगभग दस सुनवाई की थी। आयोग ने अजीत पवार गुट को अपने नए राजनीतिक गठन के लिए एक नाम का दावा करने और तीन प्राथमिकताएं प्रस्तुत करने का एक बार का विकल्प प्रदान किया। जिसकी समय सीमा बुधवार (7 फरवरी) दोपहर 3 बजे निर्धारित की गई है। ईसीआई का आदेश शरद पवार जिन्होंने एनसीपी की स्थापना की के लिए एक झटका है।

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बताया “चुनाव आयोग ने आज अजित पवार को (पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न) सौंप दिया है। ऐसा ही निर्णय (शिवसेना) के मामले में भी दिया गया था। सब जानते हैं कि पार्टी किसने बनाई और पार्टी किसकी है। लेकिन सत्ता में बैठे लोगों के राजनीतिक दबाव में चुनाव आयोग ने एक बार फिर अनुचित आदेश पारित किया है। देशमुख ने कहा “यह एक बार फिर लोकतंत्र की मौत है।”

शरद पवार गठबंधन के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने एएनआई(ANI) को बताया कि ईसीआई(ईलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया) का आदेश “आश्चर्य की बात नहीं”। “शरद पवार एनसीपी के प्रमुख हैं जो 28 राज्यों में है… उनमें से 25 ने शरद पवार का समर्थन किया। अब सुप्रीम कोर्ट को बताना होगा कि इस सबके पीछे की सच्चाई क्या है” उन्होंने इसे गठबंधन के रूप में शरद पवार के समर्थन के उल्लंघन के रूप में बताया और इसे सुप्रीम कोर्ट के सामने लाने की बात कही।

चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की शरद पवार गुट की घोषणा का जिक्र करते हुए अजित ने कहा, ”इसमें कुछ भी गलत नहीं है, अगर चुनाव आयोग ने हमारे खिलाफ फैसला सुनाया होता तो हम भी इसे चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाते।” हम सुप्रीम कोर्ट में भी अपनी बात रखेंगे।”

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