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NEET पेपर लीक कांड: आरोपियों की चौंकाने वाली साजिश का पर्दाफाश

4 मई को मिली प्रश्नपत्र की कॉपी, उम्मीदवारों को ‘सेफ हाउस’ में रटवाए गए उत्तर

NEET पेपर लीक कांड में एक बड़ा खुलासा हुआ है जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। आरोपियों ने कबूल कर लिया है कि उन्होंने इस कांड को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया था। पुलिस ने बताया कि उन्हें 4 मई को ही प्रश्नपत्र की कॉपी मिल गई थी, जिसके बाद उम्मीदवारों को इसके उत्तर रटवाए गए थे। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

इस मामले में पूछताछ के दौरान कई हैरान कर देने वाले खुलासे हुए हैं। राज्य सरकार के 56 वर्षीय जूनियर इंजीनियर, सिकंदर कुमार यादवेंदु ने अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तारी के समय ही उन्होंने अपनी भूमिका कबूल कर ली थी। सिटी एसपी वेस्ट अभिनव धीमान ने कहा कि पूछताछ जारी है और कई नई जानकारियां मिली हैं। तथ्यों की जांच की जा रही है और समय पर मीडिया को जानकारी दी जाएगी।

आरोपियों ने किया साजिश का खुलासा

सिकंदर कुमार यादवेंदु ने बताया कि अमित और नीतीश ने 4 मई, 2024 को प्रश्नपत्र हासिल किया था और इसे उम्मीदवारों को राज्य की राजधानी पटना के रामकृष्ण नगर इलाके में एक ‘सेफ हाउस’ में इकट्ठा किया गया। यहां उम्मीदवारों को सारे उत्तर रटवाए गए और फिर सीधा एग्जाम सेंटर पर छोड़ा गया। बिहार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के सामने कई सनसनीखेज कबूलनामे सामने आए हैं।

पटना दफ्तर में होगी पूछताछ

बिहार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बिहार से परीक्षा में शामिल हुए 9 उम्मीदवारों को सोमवार और मंगलवार का समय देते हुए पटना दफ्तर में उपस्थित होने को कहा है। इन सभी 9 उम्मीदवारों के खिलाफ ऐसी आशंका है कि ये सॉल्वर गैंग से जुड़े हुए थे। ये सभी बिहार के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। इनसे आगे की जानकारी और कई सवालों के उत्तर मिल सकेंगे।

शिक्षा मंत्री की सख्त चेतावनी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि ‘नई जानकारियों और तथ्यों पर गौर किया जा रहा है। जितनी बड़ी चूक उतनी बड़ी कार्रवाई होगी। अभी जवाबदेही तय की जा रही है। गड़बड़ी को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की जवाबदेही तय की जाएगी। इस मामले में हर पहलू पर फोकस किया जा रहा है।’

कौन हैं ये 9 उम्मीदवार?

बिहार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने उन 9 उम्मीदवारों को बुलाया है जिनका सॉल्वर गैंग से कनेक्शन साबित हो रहा है। कुल 13 उम्मीदवारों के रोल नंबरों पर छानबीन हुई थी और इनमें से 4 को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। अब सोमवार और मंगलवार को पूछताछ के बाद कार्रवाई होगी। ऐसा माना जा रहा है कि इन 9 उम्मीदवारों को नोटिस मिल चुके हैं। DIG EOU मानवजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि नोटिस भेज दिए गए हैं और अब उन सभी से सॉल्वर गैंग और लीक हुए पेपर के बारे में पूछताछ होगी।

ईमानदारी और निष्पक्षता की मांग

इस घोटाले ने परीक्षा प्रणाली की ईमानदारी और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना न केवल छात्रों के भविष्य के लिए चिंता का विषय है बल्कि परीक्षा की विश्वसनीयता पर भी एक बड़ा धक्का है। ऐसे में जरूरी है कि इस मामले की गहनता से जांच हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

साजिश की परतें

आरोपियों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत इस घोटाले को अंजाम दिया। सरकारी अधिकारी और अन्य लोगों के बीच मिलीभगत से प्रश्नपत्र को लीक किया गया और उम्मीदवारों को ‘सेफ हाउस’ में इकट्ठा कर उत्तर रटवाए गए। इसके बाद इन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया। इस घोटाले में शामिल लोगों की संलिप्तता और उनके नेटवर्क की गहराई का पता लगाने के लिए पुलिस और EOU की टीम जुटी हुई है।

तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों की मांग

इस घोटाले के बाद शिक्षा प्रणाली में तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों की मांग तेज हो गई है। परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और वितरण में तकनीकी उपायों को अपनाना होगा और उन लोगों की पृष्ठभूमि की गहन जांच करनी होगी जो परीक्षा संचालन में शामिल होते हैं।

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