
new delhi railway station stampede: 18 की मौत, चश्मदीद ने सुनाई खौफनाक दास्तां
new delhi railway station stampede: शनिवार रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 14 पर हुई भगदड़ (stampede) में 18 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। इस हादसे में जान बचाने वालों में से एक किरण कुमारी (35) ने अपनी आंखों के सामने हुई इस त्रासदी को याद करते हुए कहा, “लोग मेरे सामने मर रहे थे, मैं और मेरी बहन लोहे की ग्रिल पकड़कर लटके रहे। पीछे से लोग धक्का दे रहे थे, लेकिन हम अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे।”
कैसे हुआ हादसा – चश्मदीद की जुबानी
new delhi railway station stampede में बचीं किरण कुमारी अपने परिवार के साथ प्रयागराज एक्सप्रेस से महा कुंभ जाने के लिए निकली थीं। हादसे के समय वह अपने बेटे विवेक (14) और बहन आरती (27) के साथ स्टेशन पर मौजूद थीं।
किरण बताती हैं, “हम लोग बुराड़ी से आए थे और ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 14 पर रात 9 बजे खड़ी थी। मैं अपने बेटे के साथ ट्रेन में बैठ गई और अपनी बहन और बहनोई का इंतजार करने लगी।”
लगभग एक घंटे बाद, बहन का फोन आया कि स्टेशन पर भारी भीड़ है और प्लेटफॉर्म तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कई ट्रेनों के एक साथ पहुंचने के कारण फुटओवर ब्रिज पर अफरा-तफरी मच गई थी।
जब चारों ओर मचा हाहाकार
किरण बताती हैं, “मैंने अपने बेटे को ट्रेन में रहने को कहा और बहन-बहनोई को ढूंढने बाहर गई। जैसे ही मैं प्लेटफॉर्म पर पहुंची, वहां हजारों लोग सीढ़ियों पर ऊपर-नीचे हो रहे थे। मैंने देखा कि मेरी बहन और बहनोई सीढ़ियों से नीचे आने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अचानक भीड़ बेकाबू हो गई।”
हादसे के दौरान शैलेन्द्र पोद्दार (38), जो कि किरण के बहनोई हैं, का पैर लोहे की ग्रिल में फंस गया। किरण ने बताया, “हमने उन्हें खींचने की कोशिश की लेकिन तब तक उनका पैर टूट चुका था और वे दर्द से तड़प रहे थे।”
भगदड़ में 18 लोगों की मौत, कई घायल
new delhi railway station stampede में अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को पास के लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हादसे की मुख्य वजह भीड़ का अचानक बढ़ना, प्लेटफॉर्म पर उचित व्यवस्था का अभाव और फुटओवर ब्रिज पर यात्रियों की भीड़ थी।
new delhi railway station stampede: हादसे के बाद मची अफरा-तफरी
हादसे के तुरंत बाद रेलवे अधिकारियों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। चश्मदीद किरण ने कहा, “मैंने अपनी आंखों से देखा कि लोग जमीन पर गिर रहे थे, उनके सिर, नाक और मुंह से खून बह रहा था।”
उन्होंने कहा, “इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जिनमें महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। मैंने अपने बेटे को सुरक्षित घर भेज दिया है। इस तरह का मंजर मैंने अपनी जिंदगी में पहले कभी नहीं देखा।”
new delhi railway station stampede की जांच के आदेश
रेल मंत्रालय ने इस new delhi railway station stampede की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
रेलवे प्रवक्ता ने बताया कि, “इस तरह की त्रासदी दोबारा न हो, इसके लिए फुटओवर ब्रिज पर भीड़ नियंत्रण की नई योजना तैयार की जाएगी।”
मुख्य कारण – क्यों हुई भगदड़?
- ट्रेनों की लेट लतीफी: कई ट्रेनों के एक ही समय पर प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से भीड़ बढ़ गई।
- अधूरी घोषणाएं: स्टेशन पर कई बार घोषणाएं की गईं, जिससे यात्रियों में भ्रम की स्थिति पैदा हुई।
- प्रबंधन की चूक: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था।
new delhi railway station stampede: हादसे से जुड़ी अहम बातें
- नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 14 पर भगदड़ में 18 लोगों की मौत।
- 50 से ज्यादा लोग घायल, जिनमें से कई की हालत गंभीर।
- हादसे की जांच के लिए रेलवे की उच्च स्तरीय समिति गठित।
- महा कुंभ के लिए भीड़ की वजह से हादसा हुआ।
new delhi railway station stampede: रेलवे प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का आरोप है कि रेलवे ने पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि भीड़ नियंत्रण के लिए जल्द ही नई नीति लागू की जाएगी।