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मानव तस्करी, साइबर धोखाधड़ी मामले में NIA ने छठे आरोपी को महाराष्ट्र से किया गिरफ्तार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मानव तस्करी और साइबर धोखाधड़ी मामले में महाराष्ट्र के नासिक में बड़े पैमाने पर की गई तलाशी के बाद शुक्रवार को छठे आरोपी को गिरफ्तार किया.

नासिक के सुदर्शन दराडे इस मामले में तीन सप्ताह से भी कम समय में गिरफ्तार होने वाले छठे व्यक्ति हैं.

बहु-राज्य तलाशी के बाद पांच अन्य आरोपी गिरफ्तार

27 मई को, एनआईए ने संबंधित राज्य पुलिस बलों के साथ संयुक्त अभियान में बहु-राज्य तलाशी के बाद पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था.

गिरफ्तारी के अलावा, एनआईए ने दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और बैंक खातों के विवरण सहित कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की, जिसकी जांच एनआईए मानव तस्करी और जबरन साइबर धोखाधड़ी मामले के पीछे की साजिश को उजागर करने के लिए कर रही है.

अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट्स के आदेश पर हो रहा था काम

एनआईए ने 13 मई को मुंबई पुलिस से मामले को अपने हाथ में ले लिया, जब प्रारंभिक निष्कर्षों में तस्करों और साइबर धोखेबाजों के बीच एक राष्ट्रव्यापी सांठगांठ का पता चला, जो अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट्स के आदेश पर काम कर रहे थे.

एनआईए ने कहा, “जांच से पता चला है कि दराडे सीधे तौर पर संगठित तस्करी सिंडिकेट में शामिल था, जो कानूनी रोजगार के झूठे वादे पर भारतीय युवाओं को लुभाने और विदेशों में तस्करी करने में लगा हुआ था.”

विदेशी नागरिकों द्वारा नियंत्रित और संचालित होता था

टीम ने बताया, “मुख्य रूप से विदेशी नागरिकों द्वारा नियंत्रित और संचालित विस्तृत सिंडिकेट के माध्यम से, युवाओं को लाओस, गोल्डन ट्रायंगल एसईजेड और कंबोडिया सहित अन्य स्थानों पर फर्जी कॉल सेंटरों में काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा था.”

एनआईए के अनुसार, ये सिंडिकेट भारत के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ कंबोडिया और लाओस एसईजेड के अलावा संयुक्त अरब अमीरात और वियतनाम जैसे अन्य देशों में स्थित गुर्गों से जुड़े थे.

एनआईए ने कहा, “अब तक गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी भारतीय युवाओं को थाईलैंड, कंबोडिया और वियतनाम से लाओस एसईजेड तक अवैध रूप से ले जाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से सक्रिय तस्करों के साथ मिलकर काम कर रहे थे.”

तस्करी के शिकार इन युवाओं को क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, फर्जी एप्लिकेशन का उपयोग करके क्रिप्टो करेंसी में निवेश और हनी ट्रैपिंग जैसी ऑनलाइन अवैध गतिविधियां करने के लिए मजबूर किया गया, जो जारी हैं.

 

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