देशभर के करोड़ों किसानों को अब Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana (PM Kisan Yojana) की अगली किस्त का इंतजार है।
देशभर के करोड़ों किसानों को अब Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana (PM Kisan Yojana) की अगली किस्त का इंतजार है। जानकारी के मुताबिक, योजना की 22वीं किस्त फरवरी 2026 के आखिरी सप्ताह से लेकर मार्च 2026 के बीच किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
हर साल मिलते हैं ₹6,000: कैसे मिलता है लाभ?
PM Kisan Yojana योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि ₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाती है।
योजना का उद्देश्य किसानों की आय को सहारा देना है ताकि वे खेती से जुड़ी जरूरतों—जैसे बीज, उर्वरक, कीटनाशक और उपकरण—पर समय पर खर्च कर सकें। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।
नवंबर 2025 में आई थी 21वीं किस्त
योजना की 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी की गई थी। चूंकि हर चार महीने के अंतराल पर ₹2,000 की राशि दी जाती है, इसलिए अगली किस्त का समय फरवरी-मार्च 2026 के बीच बनता है।
अब देशभर के 9 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानों की नजर सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है।
eKYC अनिवार्य
सरकार ने सभी पंजीकृत किसानों के लिए eKYC अनिवार्य कर रखा है। यदि किसी लाभार्थी की eKYC लंबित है, तो उसकी किस्त रोकी जा सकती है।
किसान स्वयं PM-Kisan पोर्टल पर जाकर OTP आधारित eKYC पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किस्त जारी होने से पहले किसान अपना आधार, बैंक खाता और भूमि रिकॉर्ड की जानकारी पोर्टल पर जांच लें, ताकि भुगतान में कोई तकनीकी बाधा न आए।
PM Kisan Yojana की शुरुआत
पीएम किसान योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी। शुरुआत में यह योजना केवल छोटे और सीमांत किसानों तक सीमित थी, लेकिन बाद में इसे सभी पात्र भूमि धारक किसान परिवारों तक विस्तारित कर दिया गया।
सरकार का दावा है कि योजना के तहत अब तक हजारों करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। यह दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण योजनाओं में से एक मानी जाती है।
योजना का मुख्य उद्देश्य
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह योजना किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। छोटे किसानों के लिए नकद सहायता समय पर उपलब्ध होना बेहद जरूरी होता है, खासकर बुवाई और कटाई के मौसम में।
यह राशि खेती के साथ-साथ परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भी मददगार साबित होती है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को साहूकारों से कर्ज लेने की जरूरत कम पड़ती है।
कौन ले सकता है लाभ और कौन नहीं?
PM Kisan Yojana के नियमों के अनुसार, सभी भूमि धारक किसान परिवार इसके पात्र हैं। यहां ‘परिवार’ का अर्थ पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों से है।
हालांकि, कुछ श्रेणियों को इस योजना से बाहर रखा गया है, ताकि सहायता सही जरूरतमंदों तक पहुंचे।
इनमें शामिल हैं:
- जिनकी जमीन किसी संस्था या कंपनी के नाम पर है।
- पूर्व या वर्तमान मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर या जिला पंचायत अध्यक्ष।
- सरकारी अधिकारी और कर्मचारी।
- ₹10,000 से अधिक मासिक पेंशन पाने वाले।
- आयकर दाता, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और अन्य पेशेवर वर्ग।
PM Kisan Yojana किस्त का स्टेटस कैसे जांचें?
किसान PM Kisan पोर्टल पर “Beneficiary Status” विकल्प के जरिए अपनी किस्त की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं। इसके लिए रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर की जरूरत होती है।
यदि भुगतान लंबित दिखता है, तो किसान संबंधित कृषि विभाग कार्यालय या हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं।
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