
PM Modi abuse controversy: राहुल गांधी की यात्रा से उठा सियासी तूफान,आखिर कौन है ‘गालीबाज’ रिजवी? पूरी कहानी
PM Modi abuse controversy: 2025 का बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक है और सियासत पहले से ही गरमाई हुई है। इसी बीच दरभंगा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी है। दरअसल, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय मां के खिलाफ अपशब्द कहे गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और देखते ही देखते यह मामला चुनावी बहस का केंद्र बन गया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसका नाम है — रिजवी उर्फ राजा। लेकिन बड़ा सवाल है कि आखिर यह रिजवी कौन है और उसकी पृष्ठभूमि क्या है?
मंच से अभद्र टिप्पणी और वायरल वीडियो
दरभंगा के अतरबेल में आयोजित राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की सभा में उस वक्त विवाद खड़ा हो गया जब भीड़ के बीच से आपत्तिजनक नारे सुनाई दिए। वीडियो में साफ सुना जा सकता है — “वोट चोर, गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए जा रहे थे। यही नहीं, पीएम मोदी की मां को लेकर भी अभद्र टिप्पणियां की गईं।
वीडियो सामने आते ही माहौल गरमा गया। बीजेपी ने इस पर कड़ा रुख अपनाया और कहा कि यह सिर्फ प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि पूरे देश का अपमान है। बीजेपी ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से माफी की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई: वीडियो से पहचान और गिरफ्तारी
इस विवाद के बाद दरभंगा की सिमरी पुलिस हरकत में आई। साइबर जांच शुरू हुई और वायरल वीडियो फुटेज खंगाले गए। इसी आधार पर पुलिस ने भवानीपुर पंचायत, वार्ड नंबर 1, भपुरा गांव निवासी रिजवी उर्फ राजा को गिरफ्तार कर लिया।
सिटी एसपी अशोक कुमार ने पुष्टि की कि रिजवी को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो में और भी लोग नजर आ रहे हैं और उनकी पहचान की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
कौन है रिजवी उर्फ राजा?
अब बड़ा सवाल — आखिर यह रिजवी है कौन?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रिजवी उर्फ राजा कोई बड़ा नेता नहीं है। वह दरभंगा के पेठिया चौक पर पंचर की दुकान चलाता है। वह कांग्रेस का आधिकारिक पदाधिकारी भी नहीं है। लेकिन हां, स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों के समर्थक के तौर पर अक्सर रैलियों और आयोजनों में दिखता रहा है।
उसका कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड भी अब तक सामने नहीं आया है। लेकिन राजनीति से जुड़ाव के चलते वह कई बार नेताओं के साथ फोटो खिंचवाते और सभाओं में सक्रिय रहता था। इस घटना ने अचानक उसे चर्चा में ला दिया है।
बीजेपी का हमला और विपक्ष की सफाई
इस विवाद ने बिहार की राजनीति को हिला दिया है। बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उनके मंच से प्रधानमंत्री और उनकी मां का अपमान किया गया। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि “यह बिहार की मर्यादा और शांति को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है।”
बीजेपी ने इसे लालू-राबड़ी राज की अराजकता की वापसी करार दिया और जनता से सावधान रहने की अपील की।
वहीं कांग्रेस ने सफाई दी कि रिजवी उनका कार्यकर्ता नहीं है। उनका कहना है कि यह एक सामान्य समर्थक था जिसे विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दा बना रहा है।
आरजेडी ने भी इस घटना को बीजेपी की साजिश बताते हुए कहा कि चुनावी माहौल भटकाने के लिए इसे तूल दिया जा रहा है।
सियासी पारा और चुनावी असर
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां पूरे जोरों पर हैं। विपक्ष राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा को बड़े अभियान के रूप में देख रहा था। लेकिन इस विवाद ने यात्रा को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मुद्दे चुनाव में वोटरों के मन पर असर डाल सकते हैं। पीएम मोदी की लोकप्रियता और उनकी छवि को निशाना बनाए जाने से बीजेपी समर्थकों में नाराजगी बढ़ सकती है, वहीं विपक्ष को अपने बचाव में सफाई देनी पड़ रही है।
रिजवी की गिरफ्तारी के बाद क्या होगा?
फिलहाल रिजवी पुलिस की गिरफ्त में है और उससे पूछताछ हो रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि अपशब्द कहने के लिए उसे किसने उकसाया और क्या इसमें किसी बड़े नेता की भूमिका रही।
यदि जांच में साबित होता है कि यह सिर्फ एक समर्थक की हरकत थी, तो मामला जल्द शांत हो सकता है। लेकिन अगर इसमें राजनीतिक उकसावे का कोण सामने आया, तो यह विवाद लंबा चल सकता है और चुनावी हवा को पूरी तरह प्रभावित कर सकता है।
जनता की नजर में
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तो आम बात है, लेकिन प्रधानमंत्री और उनकी मां जैसे व्यक्तिगत मामलों पर अपशब्द कहना किसी भी हालत में उचित नहीं है। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कई लोगों ने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना की पूरी जगह है, लेकिन मर्यादा का पालन जरूरी है।
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