
BIMSTEC: प्रधानमंत्री मोदी ने आज बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस से मुलाकात की। बांग्लादेश में तख्ता पलटने के बाद उनकी यह पहली मुलाकात थी। दोनों नेताओं की यह मुलाकात थाईलैंड के BIMSTEC समिति में हुई। इससे पहले BIMSTEC डिनर में कल रात यह दोनों नेता एक साथ दिखाई दिए थे। प्रधानमंत्री मोदी BIMSTEC देशों की 6वी समिति में शिरकत हुए। इस दौरान थाईलैंड की प्रधानमंत्री ने उनका स्वागत किया। इससे पहले आज प्रधानमंत्री ने म्यांमार के मिलिट्री लीडर जनरल मीनआंग से मुलाकात की थी। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार में भूकंप के कारण मारे गए लोगों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
क्या है BIMSTEC ? भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?
1990 के दशक में जब शीत युद्ध का अंत और सोवियत संघ का पतन हुआ उसके बाद दुनिया में तेजी से परिवर्तन आए। विश्व भर के देश ग्लोबलाइजेशन के चलते आर्थिक गठबंधन बनाने को मजबूर हुए। आर्थिक गठबंधन बनाने की सबसे ज्यादा जरूरत साउथ और साउथ ईस्ट एशिया के देशों को हुई। उस वक्त साउथ ईस्ट एशिया के पास (एसोसिएशन ऑफ़ साउथईस्ट एशियन नेशन) था जो काफी हद तक सफल था।
लेकिन इस संगठन में भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों को जगह ही नहीं मिल पाई। मतलब भारत और उसके पड़ोसी देशों के पास ऐसी कोई संगठन या मंच नहीं था जो उनकी आर्थिक सहायता को मजबूती दे। इसलिए थाईलैंड के पूर्व विदेश मंत्री थानात खमनन ने 1994 में BIMSTEC की स्थापना का सुझाव दिया। भारत को भी अपनी लुक ईस्ट पॉलिसी के तहत दक्षिण पूर्व एशिया के देशों के साथ संबंध अच्छे करने थे। इसलिए थाईलैंड और भारत की पहल पर दोनों ने सूझबूझ से फैसला लिया और साल 1997 में BIMSTEC का गठन हुआ।
भारत में SAARC को छोड़ BIMSTEC में क्यों हुआ ज्वॉइन
साल 2014 में प्रधानमंत्री की शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री मोदी 6 महीने बाद SAARC समिट में हिस्सा लेने काठमांडू पहुंचे थे। यहां भारत का जोर रेलवे और मोटर व्हीकल एग्रीमेंट पर था। लेकिन नवाज शरीफ की तत्कालीन पाकिस्तान सरकार ने इसमें टांग अड़ा दी और ऑब्जर्व कंट्री चीन के सिल्क रोड प्रोजेक्ट को पेश करने की वकालत की थी।
नरेंद्र मोदी इस बात से इतना नाराज हुए कि उन्होंने नवाज शरीफ से आधिकारिक रूप से मुलाकात भी नहीं किया। इसके बाद 2016 में हुए उरी अटैक के बाद SAARC समिट में शामिल होने से प्रधानमंत्री मोदी ने इनकार कर दिया। भारत की मनाही के कारण भूटान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान जाने से मना कर दिया। इस घटना को 9 साल बीत गए लेकिन आज तक दोबारा SAARC समिट नहीं हुआ।
बंगाल की खाड़ी से सटे देश के साथ मिलकर बनाया बम स्टिकर
BIMSTEC संगठन बंगाल की खाड़ी से सटे हुए 7 देश का एक क्षेत्रीय संगठन है। शुरुआत में इस संगठन में सिर्फ चार ही देश थे। बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका और थाईलैंड। लेकिन बाद में म्यांमार, भूटान और नेपाल भी इसमें शामिल हो गए। हालांकि बंगाल की खाड़ी से सटे हुए देश में नेपाल और भूटान शामिल नहीं है। यह दोनों देश चारों ओर से गिरे हुए हैं। लेकिन फिर भी इन दोनों देशों को इस संगठन में शामिल किया गया क्योंकि यह दोनों ही देश हाइड्रोपावर के एक बड़े स्रोत है।
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