
पीएम मोदी को जापान का सबसे मशहूर तोहफ़ा मिला – Daruma Doll, जानिए क्या है इसकी खासियत
Daruma Doll: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) इस समय अपने दो दिवसीय Japan Visit पर हैं। इस यात्रा के दौरान उन्हें जापान की संस्कृति का सबसे अनोखा और मशहूर तोहफ़ा दिया गया – Daruma Doll। जापान में यह Doll न सिर्फ़ एक souvenir है बल्कि इसे Good Luck Charm और सफलता का प्रतीक माना जाता है। इस Doll को प्रधानमंत्री मोदी को Shorinzan Daruma-ji Temple के मुख्य पुजारी सेईशी हिरोसे ने भेंट किया।
Chief Priest of Shorinzan Daruma-Ji Temple presents Daruma Doll to PM Modi pic.twitter.com/mewqmIgoBg
— Aarambh News Official (@aarambhnewsoffi) August 29, 2025
क्या है Daruma Doll?
Daruma Doll जापान की सबसे प्रसिद्ध पारंपरिक गुड़िया है। यह गोल आकार की, बिना हाथ-पांव की, लाल रंग की hollow figure होती है। इसका चेहरा हमेशा गम्भीर या scowling expression वाला दिखता है। यह गुड़िया असल में 5वीं सदी के बौद्ध भिक्षु Bodhidharma का प्रतीक है, जिन्हें जापान में “Daruma” कहा जाता है।
कहानी है कि बोधिधर्मा ने लगातार 9 साल तक ध्यान (meditation) किया था। इतने लंबे ध्यान के कारण उनके हाथ-पांव काम करना बंद हो गए। यही कारण है कि Daruma Doll का आकार केवल सिर और धड़ जैसा होता है, जिसमें हाथ-पैर नहीं दिखते।
जापान की मान्यताओं से जुड़ा है Daruma Doll
जापान में माना जाता है कि Daruma Doll perseverance यानी धैर्य और कभी हार न मानने की सीख देता है। एक कहावत है – Nanakorobi Yaoki, जिसका मतलब है “सात बार गिरो, आठवीं बार उठो।” यही संदेश यह Doll देता है।
लोग इसे घरों, दुकानों और रेस्टोरेंट्स में सजाते हैं ताकि वहां Good Fortune और समृद्धि आए। यही कारण है कि यह Doll हर गली-कूचे, दुकान और मंदिर में देखने को मिल जाता है।
Daruma Doll से जुड़ी परंपरा
Daruma Doll को सिर्फ़ सजाने के लिए ही नहीं रखा जाता, बल्कि इसे एक खास प्रक्रिया के साथ इस्तेमाल किया जाता है। जब कोई व्यक्ति कोई बड़ी इच्छा करता है या कोई लक्ष्य तय करता है, तो वह Doll की एक आंख में रंग भरता है। यह माना जाता है कि Doll को आंख देकर उसे आत्मा प्रदान की जाती है और अब वह इच्छा पूरी करने में मदद करेगा।
जब इच्छा पूरी हो जाती है, तब Doll की दूसरी आंख रंगी जाती है। यह परंपरा जापान में बहुत आम है। माना जाता है कि यह Doll एक साल तक अपना प्रभाव दिखाता है और उसके बाद इसे जलाना जरूरी होता है। इसके लिए जापान में हर साल Daruma Kuyo Ceremony या Otakiage Ritual होता है, जहां हजारों Dolls को मंदिर में जलाया जाता है।
रंगों का महत्व
हालांकि Daruma Doll का पारंपरिक रंग लाल होता है, लेकिन आजकल यह कई रंगों में बनाया जाता है। हर रंग का अपना महत्व होता है।
- Red Daruma Doll – स्वास्थ्य और सौभाग्य
- White Daruma Doll – प्रेम और सामंजस्य
- Yellow Daruma Doll – सुरक्षा और संरक्षण
- Gold Daruma Doll – आर्थिक सफलता और संपत्ति
इस Doll के चेहरे पर भी खास प्रतीक होते हैं। Doll की आंखें बड़ी होती हैं, जिन्हें एक कथा से जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि बोधिधर्मा ने ध्यान करते समय नींद से बचने के लिए अपनी पलकों को काट दिया था। इसी कारण Daruma Doll की आंखें हमेशा चौड़ी दिखाई जाती हैं।
कहां बनती है Daruma Doll?
जापान की 80% से ज्यादा Daruma Dolls का उत्पादन Takasaki (Gunma Prefecture) में होता है। यहां 17वीं सदी में किसानों ने इसे बनाना शुरू किया था। शुरुआत में किसान Doll बनाकर अच्छी फसल की कामना करते थे और साथ ही इसे बेचकर अपनी आय भी बढ़ाते थे।
आज भी Takasaki में Daruma Doll का उत्पादन सबसे ज्यादा होता है। पीएम मोदी को जो Doll भेंट की गई है, वह भी इसी क्षेत्र के Shorinzan Daruma-ji Temple से आई है, जिसे Daruma Dolls का जन्मस्थान माना जाता है।
क्यों खास है मोदी को मिला यह तोहफ़ा?
जापान में किसी मेहमान को Daruma Doll भेंट करना शुभ माना जाता है। यह सम्मान और सफलता की शुभकामना देने का तरीका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला यह Doll सिर्फ़ एक souvenir नहीं, बल्कि भारत-जापान रिश्तों की गहराई और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक भी है।
Daruma Doll पॉप कल्चर में
आज Daruma Doll सिर्फ़ मंदिरों और घरों में ही नहीं, बल्कि जापानी literature, films, anime, manga और video games में भी दिखाई देता है। यह जापान की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा बन चुका है।