प्रोटीन को अक्सर सिर्फ बॉडी बिल्डिंग से जोड़कर देखा जाता है, जबकि यह शरीर की बुनियादी जरूरतों में शामिल है
Protein intake: आज के दौर में फिटनेस केवल एक ट्रेंड नहीं बल्कि लाइफस्टाइल बन चुकी है। लोग जिम जा रहे हैं, योग और रनिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं, लेकिन अब समझ यह भी बढ़ी है कि केवल वर्कआउट से शरीर फिट नहीं रहता। सही खानपान, खासकर पर्याप्त प्रोटीन का सेवन, अच्छी सेहत और बेहतर बॉडी कंपोजिशन के लिए बेहद जरूरी है।
प्रोटीन को अक्सर सिर्फ बॉडी बिल्डिंग से जोड़कर देखा जाता है, जबकि यह शरीर की बुनियादी जरूरतों में शामिल है। मसल्स, स्किन, बाल, नाखून और यहां तक कि एंजाइम और हार्मोन के निर्माण में भी इसकी अहम भूमिका होती है। यही वजह है कि विशेषज्ञ संतुलित आहार में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करने की सलाह देते हैं।
शरीर में प्रोटीन की क्या भूमिका है?
प्रोटीन अमीनो एसिड से मिलकर बना होता है, जो शरीर के “बिल्डिंग ब्लॉक्स” माने जाते हैं। जब हम एक्सरसाइज करते हैं, खासकर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, तो मसल्स फाइबर में सूक्ष्म क्षति होती है। इनकी मरम्मत और ग्रोथ के लिए प्रोटीन जरूरी है।
इसके अलावा Protein intake:
- शरीर में टिशू की रिपेयर और ग्रोथ में मदद करता है
- मेटाबॉलिज़्म को नियंत्रित करने वाले हार्मोन के निर्माण में सहायक होता है
- इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है
- एंजाइम और एंटीबॉडी के निर्माण में योगदान देता है
विशेषज्ञ बताते हैं कि प्रोटीन का “थर्मिक इफेक्ट” कार्बोहाइड्रेट और फैट की तुलना में अधिक होता है। यानी इसे पचाने में शरीर ज्यादा ऊर्जा खर्च करता है। यही कारण है कि यह वजन प्रबंधन में भी सहायक माना जाता है।
रोजाना कितना प्रोटीन लेना चाहिए?
Protein intake की जरूरत हर व्यक्ति के लक्ष्य, उम्र, वजन और एक्टिविटी लेवल पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर निम्नलिखित मात्रा की सलाह दी जाती है:
1. सामान्य स्वस्थ वयस्क
लगभग 0.8 से 1 ग्राम प्रति किलो वजन
उदाहरण: 60 किलो वजन वाले व्यक्ति को 48–60 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन
2. वजन कम करने की कोशिश करने वाले लोग
लगभग 1.2 से 1.6 ग्राम प्रति किलो वजन
उदाहरण: 60 किलो वजन वाले व्यक्ति को 72–96 ग्राम प्रतिदिन
3. मसल्स बनाने या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने वाले लोग
लगभग 1.6 से 2.2 ग्राम प्रति किलो वजन
उदाहरण: 60 किलो वजन वाले व्यक्ति को 96–132 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन
डायटिशियन के अनुसार, अचानक बहुत अधिक प्रोटीन लेने के बजाय अपनी जरूरत के अनुसार धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाना बेहतर होता है। किडनी संबंधी समस्या वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना हाई-प्रोटीन डाइट नहीं अपनानी चाहिए।
Protein intake का सही समय क्या है?
सिर्फ मात्रा ही नहीं, बल्कि समय भी मायने रखता है।
वजन घटाने के लिए
खाने के बीच में प्रोटीन युक्त स्नैक्स लेने से भूख नियंत्रित रहती है। प्रोटीन घ्रेलिन (भूख बढ़ाने वाला हार्मोन) के स्तर को कम करने में मदद करता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है। इससे कुल कैलोरी इनटेक कम हो सकता है और ओवरईटिंग की संभावना घटती है।
मसल्स बनाने के लिए
वर्कआउट के बाद 30 मिनट से 2 घंटे के भीतर प्रोटीन का सेवन फायदेमंद माना जाता है। इस समय शरीर मसल्स रिपेयर और रिकवरी के लिए पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग करता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि पूरे दिन में प्रोटीन को बराबर हिस्सों में बांटना अधिक प्रभावी होता है, बजाय एक बार में बहुत ज्यादा लेने के।
क्या सिर्फ सप्लीमेंट जरूरी हैं?
अक्सर लोग प्रोटीन का नाम सुनते ही प्रोटीन पाउडर या शेक की ओर भागते हैं। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि ज्यादातर लोग अपनी जरूरत का प्रोटीन सामान्य भोजन से ही पूरा कर सकते हैं।
अच्छे प्रोटीन स्रोतों में शामिल हैं:
- अंडे
- दूध, दही और पनीर
- मछली और चिकन
- दालें और राजमा
- छोले और बीन्स
- सोया उत्पाद
- नट्स और बीज
प्लांट और एनिमल दोनों स्रोतों को मिलाकर लेने से शरीर को जरूरी सभी अमीनो एसिड मिलते हैं। शाकाहारी लोगों के लिए दाल, चना, सोया, क्विनोआ और डेयरी उत्पाद बेहतरीन विकल्प हैं।
Protein intake से जुड़े कुछ रोचक तथ्य
- प्रोटीन मसल्स के साथ-साथ बालों और त्वचा की सेहत के लिए भी जरूरी है।
- उम्र बढ़ने के साथ मसल्स लॉस (सारकोपीनिया) को रोकने में पर्याप्त प्रोटीन मददगार होता है।
- हाई-प्रोटीन डाइट ब्लड शुगर को स्थिर रखने में भी सहायक हो सकती है।
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