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Home » दुर्घटना » हाथरस पहुंचे राहुल गांधी: लिपटकर रोए हाथरस हादसे के पीड़ित, कहा- टेंशन न लो; मुद्दे को संसद में उठाएंगे

हाथरस पहुंचे राहुल गांधी: लिपटकर रोए हाथरस हादसे के पीड़ित, कहा- टेंशन न लो; मुद्दे को संसद में उठाएंगे

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को हाथरस हादसे के पीड़ितों से मुलाकात की। परिजन उनके गले से लिपटकर रोए। राहुल ने सिर पर हाथ रखकर सांत्वना दी। हाथरस हादसे में मां को खोने वाली वाली एक बच्ची फफक-फफक कर रोने लगी तो राहुल से उसे संभाला और गले लगाया।

इस दौरान राहुल जमीन पर बैठकर पीड़ित परिवार से बातचीत करते नजर आए। कहा- बिल्कुल टेंशन न लो, हम आपके साथ हैं। आप सभी मेरा परिवार हैं। हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।

राहुल शुक्रवार सुबह 5.40 बजे दिल्ली से रवाना हुए। सड़क मार्ग से सुबह 7 बजे अलीगढ़ के पिलखना गांव पहुंचे। हादसे में यहां की मंजू देवी और उनके बेटे पंकज की मौत हुई थी। राहुल उनके घर पहुंचे और परिवार से हादसे की जानकारी ली।

मंजू देवी की बेटी ने बताया, ‘राहुल सर ने कहा कि पार्टी के लोग आपकी मदद करेंगे।’ ननद शांति कुमारी ने कहा- हमारी दुनिया वीरान हो गई। हमने राहुल जी से इंसाफ की मांग की है। मैंने उनसे कहा कि साहब कुछ भी हो जाए, दोषी बचने नहीं चाहिए। राहुल जी ने कहा वो पूरी मदद करेंगे।

अलीगढ़ में राहुल 1 घंटे तक रहे। यहां 3 पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इसके बाद सुबह 9 बजे हाथरस पहुंचे। यहां ग्रीन पार्क में पार्क में हाथरस हादसे के 4 पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। राहुल हाथरस में आधे घंटे रहे।

अलीगढ़ और हाथरस में हादसे के पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद राहुल ने कहा- पीड़ित परिवार दुख में हैं। शॉक्ड हैं। पीड़ितों ने साफ कहा कि प्रशासन की लापरवाही से हादसा हुआ।

राहुल बोले-प्रशासन की कमी और लापरवाही से यह हादसा हुआ

हाथरस में मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा- मैं सरकार से यही कहना चाहूंगा कि जो मुआवजे का ऐलान किया गया। उसे देने में लापरवाही न हो। साथ ही हादसे के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो, पीड़ितों को न्याय मिले।

हाथरस हादसे के बाद 3 जुलाई को सीएम योगी ने भी हाथरस का दौरा किया था। वे अस्पताल में पीड़ित और उनके परिवारों से मिले थे। इधर, हादसे की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग की पहली बैठक गुरुवार शाम सीतापुर जिले के नैमिषारण्य में हुई। आयोग के अध्यक्ष रिटायर्ड जज बृजेश श्रीवास्तव ने कहा- बहुत जल्द आयोग की टीम हाथरस जाएगी और सबूत इकट्ठा करेगी।

पुलिस ने हाथरस हादसे को लेकर जांच तेज कर दी है। आईजी शलभ माथुर ने बताया कि भोले बाबा उर्फ सूरजपाल के 6 सेवादारों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपी आयोजन समिति के सदस्य हैं। इनमें 2 महिलाएं हैं। फरार मुख्य आयोजक देव प्रकाश मधुकर पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया है।

गुरुवार शाम को भोले बाबा उर्फ सूरजपाल के वकील एपी सिंह भी घायलों से मिलने अलीगढ़ पहुंचे। उन्होंने कहा- भोले बाबा फरार नहीं हैं। वह यूपी में ही है। जब जांच टीम बुलाएगी वे आ जाएंगे।

पीड़ित परिवार बोला- इलाज में लापरवाही से हुई मौत

अलीगढ़ में मंजू देवी की बेटी मीना ने रोते हुए कहा-मेडिकल में लापरवाही हुई है। हमारी जिस तरह मदद होनी चाहिए थी, वैसे मदद नहीं हुई। राहुल सर ने कहा कि पार्टी के लोग आपकी मदद करेंगे। बिल्कुल टेंशन न लो, हम हैं। उन्होंने कहा कि अब वो हमारे परिवार के सदस्य ही हैं।

शांति कुमारी ने कहा- मेरी भाभी मंजू और भतीजे पंकज की मौत हो गई है। हमारी दुनिया वीरान हो गई। हमने राहुल जी से इंसाफ की मांग की है। मैंने उनसे कहा कि साहब कुछ भी हो जाए, दोषी बचने नहीं चाहिए। राहुल जी ने वो हमारी पूरी मदद करेंगे। ये सिर्फ आश्वासन नहीं है।

पुलिस ने 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया

हाथरस हादसे में पुलिस ने एटा, हाथरस और मैनपुरी से 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। यह सभी भोले बाबा से जुड़े हुए हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस की टीम सेवादारों की तलाश में हाथरस, एटा, कासगंज, मैनपुरी, इटावा फर्रूखाबाद, मथुरा, आगरा, मेरठ में छानबीन कर रही है। घटनास्थल से सटे गांवों में भी पुलिस सेवादारों की तलाश कर रही है। पुलिस ने 100 से अधिक लोगों का कॉल डेटा रिकॉर्ड भी खंगाला है।

भगदड़ में मरने वालों में महिलाएं इतनी ज्यादा क्यों, 3 पॉइंट में समझिए

हाथरस भगदड़ में 122 लोगों की जान गई। मरने वालों में 112 महिलाएं थीं। सिर्फ 3 पुरुष थे। बाकी 7 बच्चों की मौत हुई। बड़ा सवाल है कि महिलाओं की संख्या इतनी ज्यादा क्यों? तीन पॉइंट में समझिए

साकार हरि उर्फ भोले बाबा के अधिकतर फॉलोअर्स दलित और ओबीसी वर्ग से हैं। इनमें भी 90 फीसदी महिलाएं हैं।
महिला अनुयायियों की उम्र 30-45 साल के बीच है, जो 2 सौ से 3 सौ किमी दूर से आती हैं। वे खाने-पीने का सामान अपने साथ लाती हैं और समागम स्थल पर कैंप करती हैं।
आध्यात्म की दुनिया में दलितों का एक बड़ा वर्ग भोले बाबा को अपना इकलौता धार्मिक अगुवा मानता है। उस पर लोग आंख बंद कर विश्वास करते हैं।
जब चरण की धूल लेने की होड़ मची तो उनमें सबसे अधिक महिलाएं थीं। वे भगदड़ में फंस गईं। इस कदर फंसी कि फिर उठ नहीं पाईं और लोग कुचलते निकल गए। उनकी मौत हो गई। इसलिए मरने वालों में महिलाएं सबसे अधिक हैं।

कौन है नारायण हरि… यूपी पुलिस में कॉन्स्टेबल था

भोले बाबा के नाम से प्रसिद्ध नारायण साकार हरि उर्फ सूरजपाल जाटव यूपी के एटा का रहने वाला है। यूपी पुलिस में 15 साल नौकरी की। 17 साल पहले VRS लिया। पत्नी के साथ सत्संग करते हैं। अनुयायियों में SC-ST-OBC वर्ग के लोग ज्यादा हैं। सत्संग की व्यवस्था सेवादार संभालते हैं। हाथरस के आयोजन में 12 हजार सेवादार लगे थे।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को हाथरस हादसे के पीड़ितों से मुलाकात की। परिजन उनके गले से लिपटकर रोए। राहुल ने सिर पर हाथ रखकर सांत्वना दी। हाथरस हादसे में मां को खोने वाली वाली एक बच्ची फफक-फफक कर रोने लगी तो राहुल से उसे संभाला और गले लगाया।

इस दौरान राहुल जमीन पर बैठकर पीड़ित परिवार से बातचीत करते नजर आए। कहा- बिल्कुल टेंशन न लो, हम आपके साथ हैं। आप सभी मेरा परिवार हैं। हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।

राहुल शुक्रवार सुबह 5.40 बजे दिल्ली से रवाना हुए। सड़क मार्ग से सुबह 7 बजे अलीगढ़ के पिलखना गांव पहुंचे। हादसे में यहां की मंजू देवी और उनके बेटे पंकज की मौत हुई थी। राहुल उनके घर पहुंचे और परिवार से हादसे की जानकारी ली।

मंजू देवी की बेटी ने बताया, ‘राहुल सर ने कहा कि पार्टी के लोग आपकी मदद करेंगे।’ ननद शांति कुमारी ने कहा- हमारी दुनिया वीरान हो गई। हमने राहुल जी से इंसाफ की मांग की है। मैंने उनसे कहा कि साहब कुछ भी हो जाए, दोषी बचने नहीं चाहिए। राहुल जी ने कहा वो पूरी मदद करेंगे।

अलीगढ़ में राहुल 1 घंटे तक रहे। यहां 3 पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इसके बाद सुबह 9 बजे हाथरस पहुंचे। यहां ग्रीन पार्क में पार्क में हाथरस हादसे के 4 पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। राहुल हाथरस में आधे घंटे रहे।

अलीगढ़ और हाथरस में हादसे के पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद राहुल ने कहा- पीड़ित परिवार दुख में हैं। शॉक्ड हैं। पीड़ितों ने साफ कहा कि प्रशासन की लापरवाही से हादसा हुआ।

राहुल बोले-प्रशासन की कमी और लापरवाही से यह हादसा हुआ

हाथरस में मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा- मैं सरकार से यही कहना चाहूंगा कि जो मुआवजे का ऐलान किया गया। उसे देने में लापरवाही न हो। साथ ही हादसे के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो, पीड़ितों को न्याय मिले।

हाथरस हादसे के बाद 3 जुलाई को सीएम योगी ने भी हाथरस का दौरा किया था। वे अस्पताल में पीड़ित और उनके परिवारों से मिले थे। इधर, हादसे की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग की पहली बैठक गुरुवार शाम सीतापुर जिले के नैमिषारण्य में हुई। आयोग के अध्यक्ष रिटायर्ड जज बृजेश श्रीवास्तव ने कहा- बहुत जल्द आयोग की टीम हाथरस जाएगी और सबूत इकट्ठा करेगी।

पुलिस ने हाथरस हादसे को लेकर जांच तेज कर दी है। आईजी शलभ माथुर ने बताया कि भोले बाबा उर्फ सूरजपाल के 6 सेवादारों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपी आयोजन समिति के सदस्य हैं। इनमें 2 महिलाएं हैं। फरार मुख्य आयोजक देव प्रकाश मधुकर पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया है।

गुरुवार शाम को भोले बाबा उर्फ सूरजपाल के वकील एपी सिंह भी घायलों से मिलने अलीगढ़ पहुंचे। उन्होंने कहा- भोले बाबा फरार नहीं हैं। वह यूपी में ही है। जब जांच टीम बुलाएगी वे आ जाएंगे।

पीड़ित परिवार बोला- इलाज में लापरवाही से हुई मौत

अलीगढ़ में मंजू देवी की बेटी मीना ने रोते हुए कहा-मेडिकल में लापरवाही हुई है। हमारी जिस तरह मदद होनी चाहिए थी, वैसे मदद नहीं हुई। राहुल सर ने कहा कि पार्टी के लोग आपकी मदद करेंगे। बिल्कुल टेंशन न लो, हम हैं। उन्होंने कहा कि अब वो हमारे परिवार के सदस्य ही हैं।

शांति कुमारी ने कहा- मेरी भाभी मंजू और भतीजे पंकज की मौत हो गई है। हमारी दुनिया वीरान हो गई। हमने राहुल जी से इंसाफ की मांग की है। मैंने उनसे कहा कि साहब कुछ भी हो जाए, दोषी बचने नहीं चाहिए। राहुल जी ने वो हमारी पूरी मदद करेंगे। ये सिर्फ आश्वासन नहीं है।

पुलिस ने 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया

हाथरस हादसे में पुलिस ने एटा, हाथरस और मैनपुरी से 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। यह सभी भोले बाबा से जुड़े हुए हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस की टीम सेवादारों की तलाश में हाथरस, एटा, कासगंज, मैनपुरी, इटावा फर्रूखाबाद, मथुरा, आगरा, मेरठ में छानबीन कर रही है। घटनास्थल से सटे गांवों में भी पुलिस सेवादारों की तलाश कर रही है। पुलिस ने 100 से अधिक लोगों का कॉल डेटा रिकॉर्ड भी खंगाला है।

भगदड़ में मरने वालों में महिलाएं इतनी ज्यादा क्यों, 3 पॉइंट में समझिए

हाथरस भगदड़ में 122 लोगों की जान गई। मरने वालों में 112 महिलाएं थीं। सिर्फ 3 पुरुष थे। बाकी 7 बच्चों की मौत हुई। बड़ा सवाल है कि महिलाओं की संख्या इतनी ज्यादा क्यों? तीन पॉइंट में समझिए

साकार हरि उर्फ भोले बाबा के अधिकतर फॉलोअर्स दलित और ओबीसी वर्ग से हैं। इनमें भी 90 फीसदी महिलाएं हैं।
महिला अनुयायियों की उम्र 30-45 साल के बीच है, जो 2 सौ से 3 सौ किमी दूर से आती हैं। वे खाने-पीने का सामान अपने साथ लाती हैं और समागम स्थल पर कैंप करती हैं।
आध्यात्म की दुनिया में दलितों का एक बड़ा वर्ग भोले बाबा को अपना इकलौता धार्मिक अगुवा मानता है। उस पर लोग आंख बंद कर विश्वास करते हैं।
जब चरण की धूल लेने की होड़ मची तो उनमें सबसे अधिक महिलाएं थीं। वे भगदड़ में फंस गईं। इस कदर फंसी कि फिर उठ नहीं पाईं और लोग कुचलते निकल गए। उनकी मौत हो गई। इसलिए मरने वालों में महिलाएं सबसे अधिक हैं।

कौन है नारायण हरि… यूपी पुलिस में कॉन्स्टेबल था

भोले बाबा के नाम से प्रसिद्ध नारायण साकार हरि उर्फ सूरजपाल जाटव यूपी के एटा का रहने वाला है। यूपी पुलिस में 15 साल नौकरी की। 17 साल पहले VRS लिया। पत्नी के साथ सत्संग करते हैं। अनुयायियों में SC-ST-OBC वर्ग के लोग ज्यादा हैं। सत्संग की व्यवस्था सेवादार संभालते हैं। हाथरस के आयोजन में 12 हजार सेवादार लगे थे।

 

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