Sunetra Pawar बन सकती हैं नई उपमुख्यमंत्री
महाराष्ट्र की राजनीति बुधवार सुबह एक गहरे सदमे में डूब गई, जब राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख नेता अजित पवार का आकस्मिक निधन हो गया। जिसके बाद Sunetra Pawar डिप्टी सीएम की सबसे मजबूत दावेदार बन गयी है। अजित पवार का आकस्मिक निधन ने न सिर्फ उनके समर्थकों को झकझोर दिया, बल्कि राज्य की सत्तारूढ़ महायुति और एनसीपी के भविष्य पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अजित पवार को एक निर्णायक, आक्रामक और रणनीतिक नेता के रूप में जाना जाता था, जिनकी राजनीतिक समझ गठबंधन सरकार की रीढ़ मानी जाती थी।
Sunetra Pawar बन सकती है डिप्टी सीएम
अजित पवार के निधन के बाद अब उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इन चर्चाओं के केंद्र में उनकी पत्नी और राज्यसभा सांसद Sunetra Pawar का नाम सबसे आगे है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, एनसीपी के शीर्ष नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि सुनेत्रा पवार को जल्द ही महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
बीते दिनों एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और सुनील तटकरे ने पुणे स्थित सुनेत्रा पवार के आवास पर उनसे मुलाकात की। इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट से कहीं ज्यादा अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस दौरान पार्टी की आगे की रणनीति और नेतृत्व को लेकर गंभीर मंथन हुआ।
उपमुख्यमंत्री पद और विधानसभा चुनाव की अटकलें
पार्टी के भीतर यह चर्चा जोरों पर है कि Sunetra Pawar को कैबिनेट में शामिल कर उपमुख्यमंत्री पद सौंपा जा सकता है। इसके साथ ही यह भी संभावना जताई जा रही है कि वह अपने दिवंगत पति की परंपरागत विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतर सकती हैं। एनसीपी नेता नरहरि जिरवाल ने सार्वजनिक रूप से संकेत दिया है कि पार्टी कार्यकर्ता और आम जनता “वहिनी” को मंत्रिमंडल में देखने की इच्छा जता रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुनेत्रा पवार को आगे लाने से पार्टी को भावनात्मक समर्थन के साथ-साथ संगठनात्मक स्थिरता भी मिल सकती है, खासकर बारामती और पश्चिमी महाराष्ट्र जैसे प्रभावशाली इलाकों में।
एनसीपी संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी
अजित पवार के जाने के बाद एनसीपी के संगठनात्मक ढांचे में भी बड़े फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की कमान अब अनुभवी नेता प्रफुल्ल पटेल को सौंपी जा सकती है। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगाने से पहले प्रफुल्ल पटेल जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे।
इस बैठक में केवल सत्ता संतुलन ही नहीं, बल्कि एनसीपी (शरद पवार गुट) के साथ संभावित विलय या रणनीतिक तालमेल जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। यदि ऐसा होता है, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया समीकरण उभर सकता है।
हादसे की भयावह कहानी
अजित पवार का अंत बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला रहा। बुधवार सुबह उनका चार्टर्ड विमान बारामती के रनवे पर लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, तभी अचानक नियंत्रण खो बैठा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान रनवे से फिसलकर पास के इलाके में जा गिरा और टकराते ही आग के गोले में तब्दील हो गया। हादसे के बाद करीब पांच तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
इस दुर्घटना में अजित पवार सहित एक सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे ने पूरे राज्य को शोक में डुबो दिया है।
महायुति के सामने नेतृत्व और स्थिरता की चुनौती
अजित पवार की एनसीपी, भारतीय जनता पार्टी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ मिलकर बनी महायुति सरकार का अहम स्तंभ थी। अजित पवार न सिर्फ एक जनाधार वाले नेता थे, बल्कि गठबंधन की रणनीति को साधने वाले कुशल मैनेजर भी थे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनके जाने से पैदा हुए शून्य को भरने के लिए सुनेत्रा पवार को आगे लाना महायुति के लिए भी एक संतुलनकारी कदम हो सकता है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि एनसीपी इस भावनात्मक क्षण को राजनीतिक स्थिरता में कैसे बदलती है।
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