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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बढ़ी मुसीबत, HC ने जमानत पर रोक लगाई

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अभी राहत नहीं मिलने वाली है. दरअसल 20 जून यानी कल इनको दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट से तथाकथित शराब नीति घोटाले मामले में बेल मिल गई थी. आज वो ईडी की गिरफ्तारी से रिहा होने वाले थे, लेकिन अब दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी जमानत पर रोक लगा दी है.

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित आबकारी नीति “घोटाले” से संबंधित धन शोधन मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत देने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है. दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि वह दो से तीन दिनों में ईडी की याचिका पर आदेश पारित करेगा. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली आबकारी नीति से संबंधित धन शोधन मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत देने के राउज एवेन्यू कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है.

20 जून को राउज एवेन्यू कोर्ट ने दी थी जमानत 

ईडी ने राउज एवेन्यू जिला न्यायालय के विशेष न्यायाधीश (अवकाश न्यायाधीश) द्वारा पारित 20 जून, 2024 के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें केजरीवाल को जमानत दी गई थी. ट्रायल कोर्ट ने जमानत आदेश में कहा कि ईडी आवेदक (केजरीवाल) के खिलाफ अपराध की आय के संबंध में कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य देने में विफल रहा है.

ED ने जमानत के खिलाफ HC में डाली अर्जी 

ईडी ने अपनी याचिका में कहा है कि केजरीवाल को नियमित जमानत देने का 20 जून का आदेश ईडी को सुनवाई का पर्याप्त अवसर दिए बिना और वर्तमान मामले के तथ्यों के आलोक में इस बात पर विचार किए बिना पारित किया गया था, जहां सुप्रीम कोर्ट तक की सभी अदालतों ने इस तथ्य पर न्यायिक मुहर लगा दी है कि मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध किया गया है और इसलिए पीएमएलए की धारा 45 के तहत अनिवार्य दोहरी शर्तों के आलोक में नियमित जमानत नहीं दी जा सकती थी.

21 मार्च को केजरीवाल को किया गया था गिरफ्तार 

बता दें अरविंद केजरीवाल को अब रद्द कर दी गई दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 में कथित अनियमितताओं से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था. दिल्ली के मुख्यमंत्री को लोकसभा चुनावों के मद्देनजर 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दी थी और उन्हें 2 जून को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया था. उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय और दिल्ली सचिवालय नहीं जाने के लिए कहा गया था. दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहले जेल से रिहाई की उनकी याचिका को खारिज कर दिया था और लोकसभा चुनावों के बीच राजनीतिक प्रतिशोध की उनकी दलील को खारिज कर दिया था.

 

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