पार्टी नेताओं के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों से लखनऊ आने की कोशिश कर रहे 200 से अधिक कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया।
UP Congress Leaders House Arrested: उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने मनरेगा और शंकराचार्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आज लखनऊ में विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। प्रदेशभर से पार्टी कार्यकर्ताओं के राजधानी पहुंचने की तैयारी के बीच पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इस समय विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
कांग्रेस का कहना है कि राज्य सरकार मनरेगा को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है और कई सामाजिक व धार्मिक मुद्दों पर अपमानजनक रवैया अपनाया गया है। इन्हीं सवालों को लेकर पार्टी ने विधानसभा तक मार्च करने की घोषणा की है।
कांग्रेस कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए लखनऊ स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। दो ट्रकों में भरकर पीएसी के जवान मौके पर पहुंचे हैं। इसके अलावा चार थानों की पुलिस फोर्स को भी ड्यूटी पर लगाया गया है। विधानसभा के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई है और कई मार्गों पर यातायात नियंत्रण लागू किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं और कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।
UP Congress Leaders House Arrested
पार्टी नेताओं के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों से लखनऊ आने की कोशिश कर रहे 200 से अधिक कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। बाराबंकी से कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया सहित कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया। उन्हें लखनऊ के लिए रवाना होने से पहले ही रोककर वापस भेज दिया गया।
रायबरेली में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुशील पासी को भी पुलिस ने घर में नजरबंद किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सुशील पासी ने आरोप लगाया कि पुलिस फोर्स घर के अंदर घुस आई, जिससे परिवार के सदस्य, खासकर बच्चे, घबरा गए। उन्होंने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया।
वहीं, प्रतापगढ़ कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी के बारे में बताया गया है कि वे पुलिस को चकमा देकर लखनऊ पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
अजय राय का बयान: “बैरिकेडिंग टूटेगी”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने स्पष्ट कहा है कि पुलिस बल पार्टी कार्यकर्ताओं को रोक नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि आज बैरिकेडिंग टूटेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज विधानसभा तक पहुंचाई जाएगी।
अजय राय के मुताबिक, प्रदर्शन के प्रमुख मुद्दों में मनरेगा को समाप्त करने की कथित योजना, महिलाओं का सम्मान, शंकराचार्य का अपमान, माता अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ा विवाद और दाल मंडी जैसे पारंपरिक बाजारों को नुकसान पहुंचाने के आरोप शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े इन सवालों पर सरकार जवाब देने से बच नहीं सकती।
पिछले साल की घटना फिर चर्चा में
इस घेराव को लेकर पिछले वर्ष की घटना भी चर्चा में है। एक साल पहले विधानसभा घेराव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभात पांडेय की मौत हो गई थी। उस समय पार्टी ने आरोप लगाया था कि पुलिस की पिटाई के कारण उनकी हालत बिगड़ी थी।
अजय राय ने तब कहा था कि पुलिस कार्रवाई के बाद प्रभात पांडेय बेहोश हो गए थे और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हालांकि प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार किया था। इस घटना के बाद से कांग्रेस लगातार सरकार पर दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाती रही है।
बजट सत्र के बीच सियासी टकराव
विधानसभा का बजट सत्र जारी होने के कारण यह प्रदर्शन राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। विपक्ष जहां सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश में है, वहीं सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रही है।
राजधानी लखनऊ में सुरक्षा व्यवस्था के बीच आज का दिन राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। अब देखना होगा कि कांग्रेस का घेराव किस रूप में आगे बढ़ता है और प्रशासन किस तरह स्थिति को संभालता है।
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