हर साल 14 फरवरी को दुनिया भर में Valentine’s Day मनाया जाता है।
हर साल 14 फरवरी को दुनिया भर में Valentine’s Day मनाया जाता है। प्रेमी जोड़ों के लिए यह दिन बेहद खास माना जाता है। जो लोग अपने दिल की बात कहना चाहते हैं या पहली नजर के प्यार को शब्द देना चाहते हैं, उनके लिए भी यह एक विशेष अवसर होता है।
7 फरवरी से शुरू होने वाला वैलेंटाइन वीक युवाओं में खास उत्साह लेकर आता है। रोज डे, प्रपोज डे, चॉकलेट डे, टेडी डे, प्रॉमिस डे, हग डे और किस डे के बाद 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे का मुख्य उत्सव मनाया जाता है। इस दिन कपल्स डेट प्लान करते हैं, उपहार देते हैं और कई जगहों पर लव थीम पार्टियां आयोजित की जाती हैं।
लेकिन इस आधुनिक उत्सव के पीछे छिपी ऐतिहासिक कहानी से बहुत कम लोग परिचित हैं।
प्राचीन रोम से जुड़ा है इतिहास
वैलेंटाइन डे की आधिकारिक शुरुआत 496 ईस्वी में मानी जाती है। पांचवीं सदी में पोप गेलैसियस प्रथम ने 14 फरवरी को संत वैलेंटाइन के सम्मान में एक विशेष दिवस के रूप में घोषित किया था।
इतिहासकारों के अनुसार, इस दिन का संबंध प्राचीन रोमन उत्सव ‘लूपरकेलिया’ से भी जोड़ा जाता है। यह त्योहार 15 फरवरी को मनाया जाता था और इसका उद्देश्य उर्वरता, शुद्धिकरण और स्वास्थ्य की कामना करना था। यह आयोजन रोम की पैलेंटाइन हिल पर स्थित ‘लूपरकल गुफा’ में होता था। बाद में ईसाई परंपरा के प्रभाव से इस पगान उत्सव की जगह संत वैलेंटाइन दिवस ने ले ली।
Valentine’s Day क्यों मनाया जाता है?
वैलेंटाइन डे की सबसे प्रसिद्ध कथा तीसरी सदी के संत वैलेंटाइन से जुड़ी है। उस समय रोम में सम्राट क्लॉडियस द्वितीय का शासन था। सम्राट का मानना था कि विवाहित पुरुष अच्छे सैनिक नहीं बन पाते क्योंकि वे अपने परिवार और भावनाओं से जुड़े रहते हैं। इसी सोच के चलते उसने सैनिकों के विवाह पर प्रतिबंध लगा दिया।
संत वैलेंटाइन, जो एक पादरी थे, प्रेम को ईश्वर का आशीर्वाद मानते थे। उन्होंने सम्राट के आदेश की अवहेलना करते हुए गुप्त रूप से प्रेमी जोड़ों का विवाह कराना जारी रखा। जब यह बात सम्राट तक पहुंची तो संत वैलेंटाइन को गिरफ्तार कर लिया गया।
जूलिया और अंतिम पत्र
कहानी के अनुसार, जेल में रहने के दौरान संत वैलेंटाइन की मुलाकात जेलर की बेटी जूलिया से हुई, जो दृष्टिहीन थी। संत वैलेंटाइन ने उसे शिक्षा दी और कहा जाता है कि उनकी प्रार्थनाओं से जूलिया की आंखों की रोशनी लौट आई।
सम्राट ने संत वैलेंटाइन को मृत्युदंड की सजा सुनाई। 14 फरवरी 270 ईस्वी को उन्हें फांसी दे दी गई। कहा जाता है कि फांसी से पहले उन्होंने जूलिया को एक पत्र लिखा, जिस पर अंत में लिखा था – “From Your Valentine।” यही वाक्य आगे चलकर प्रेम पत्रों की परंपरा का प्रतीक बन गया।
मध्ययुग से आधुनिक दौर तक
मध्ययुगीन यूरोप में 14 फरवरी को प्रेम से जोड़कर देखा जाने लगा। प्रसिद्ध अंग्रेज़ कवि ज्योफ्री चौसर ने अपनी रचनाओं में इस दिन को प्रेम और पक्षियों के मिलन से जोड़ा, जिससे यह दिन रोमांस का प्रतीक बन गया।
18वीं सदी में इंग्लैंड में प्रेम पत्र और हस्तलिखित संदेश भेजने की परंपरा शुरू हुई। 19वीं सदी में मुद्रित ग्रीटिंग कार्ड बनने लगे और धीरे-धीरे यह एक व्यावसायिक उत्सव में बदल गया। लाल गुलाब, दिल के आकार के प्रतीक और क्यूपिड (प्रेम के देवदूत) वैलेंटाइन डे के स्थायी चिन्ह बन गए।
भारत और दुनिया में Valentine’s Day
भारत में Valentine’s Day 1990 के दशक के बाद लोकप्रिय हुआ। वैश्वीकरण, मीडिया और शहरी संस्कृति के प्रभाव से यह युवाओं के बीच तेजी से फैला। आज कैफे, मॉल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इस दिन को खास बनाने के लिए विशेष ऑफर और आयोजन करते हैं।
दुनिया के अलग-अलग देशों में इसे अलग अंदाज में मनाया जाता है। जापान में महिलाएं पुरुषों को चॉकलेट देती हैं और एक महीने बाद ‘व्हाइट डे’ पर पुरुष जवाब देते हैं। फिलीपींस में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाते हैं।
प्रेम का प्रतीक या इतिहास की विरासत?
Valentine’s Day केवल उपहार और पार्टियों तक सीमित नहीं है। इसकी जड़ें एक ऐसे व्यक्ति के बलिदान से जुड़ी हैं जिसने प्रेम का साथ दिया और उसके लिए प्राण न्यौछावर कर दिए।
समय के साथ इसका स्वरूप बदल गया है, लेकिन 14 फरवरी आज भी प्रेम, समर्पण और भावनाओं की अभिव्यक्ति का प्रतीक बना हुआ है।
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