हाल ही में इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने लोगों को ‘Doxing scam’ को लेकर सतर्क किया है।
डिजिटल दौर में सोशल मीडिया हमारी पहचान का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन यही ऑनलाइन मौजूदगी कई बार खतरे का कारण भी बन जाती है। हाल ही में इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने लोगों को ‘Doxing scam’ को लेकर सतर्क किया है। डॉक्सिंग का अर्थ है—किसी व्यक्ति की निजी या पहचान संबंधी जानकारी को उसकी अनुमति के बिना इंटरनेट पर सार्वजनिक कर देना। यह न केवल निजता का उल्लंघन है, बल्कि कानूनन अपराध भी है।
इंदौर की घटना से बढ़ी चिंता
I4C द्वारा जारी एक जागरूकता वीडियो में इंदौर की एक घटना का जिक्र किया गया है। इसमें एक छात्र ने अपने शिक्षक की निजी जानकारी—जैसे नाम, पता, फोन नंबर और अन्य व्यक्तिगत विवरण—सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा कर दिए। इतना ही नहीं, उसने लोगों को ऑनलाइन और ऑफलाइन उन्हें परेशान करने के लिए भी उकसाया।
इस घटना के बाद शिक्षक को ट्रोलिंग, धमकी भरे कॉल और आपत्तिजनक संदेशों का सामना करना पड़ा। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि डॉक्सिंग किसी की प्रतिष्ठा, मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर कितना गंभीर प्रभाव डाल सकती है।
क्या Doxing scam कानूनन अपराध है?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी की निजी जानकारी उसकी सहमति के बिना सार्वजनिक करना स्पष्ट रूप से साइबर अपराध की श्रेणी में आता है।
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act) की धारा 66E के तहत निजता के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, धारा 72 गोपनीय जानकारी के दुरुपयोग से संबंधित है। यदि इस कृत्य के साथ बदनाम करना, धमकी देना या उत्पीड़न भी शामिल हो, तो भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत मानहानि, आपराधिक धमकी और उत्पीड़न जैसी धाराएं भी लागू हो सकती हैं।
दोष सिद्ध होने पर आरोपी को जुर्माना, कारावास या दोनों की सजा हो सकती है। गंभीर मामलों में सजा की अवधि बढ़ सकती है, विशेषकर जब पीड़ित को शारीरिक या मानसिक नुकसान पहुंचा हो।
Doxing scam से क्या-क्या खतरे हो सकते हैं?
डॉक्सिंग का असर केवल ऑनलाइन ट्रोलिंग तक सीमित नहीं रहता। इसके कई गंभीर परिणाम हो सकते हैं—
पहचान की चोरी (Identity Theft): अपराधी लीक हुई जानकारी का इस्तेमाल फर्जी दस्तावेज या बैंक खाते खोलने में कर सकते हैं।
आर्थिक नुकसान: बैंकिंग डिटेल्स लीक होने पर फ्रॉड और अनधिकृत ट्रांजैक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
मानसिक तनाव: लगातार धमकियों और अपमान से पीड़ित अवसाद या चिंता का शिकार हो सकता है।
सामाजिक बदनामी: निजी जानकारी के दुरुपयोग से व्यक्ति की छवि और पेशेवर जीवन प्रभावित हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार डॉक्सिंग बदले की भावना, ऑनलाइन बहस या व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण की जाती है, जो स्थिति को और गंभीर बना देती है।
जानकारी लीक हो जाए तो तुरंत क्या करें?
अगर किसी को पता चले कि उसकी निजी जानकारी ऑनलाइन साझा कर दी गई है, तो घबराने की बजाय तुरंत कदम उठाना जरूरी है—
- लीक हुई जानकारी के स्क्रीनशॉट और संबंधित लिंक सुरक्षित रखें।
- जिस प्लेटफॉर्म पर कंटेंट डाला गया है, वहां तुरंत रिपोर्ट करें और हटाने की मांग करें।
- सभी सोशल मीडिया, ईमेल और बैंकिंग अकाउंट्स के पासवर्ड बदलें।
- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) सक्रिय करें।
- परिवार और दोस्तों को सूचित करें, ताकि वे किसी फ्रॉड का शिकार न हों।
- नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।
तेजी से उठाया गया कदम संभावित बड़े नुकसान को रोक सकता है।
ऑनलाइन सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
साइबर अपराधी अक्सर ‘सोशल इंजीनियरिंग’ तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। इसमें वे लोगों को धोखे या डर के जरिए उनकी निजी जानकारी खुद ही साझा करने पर मजबूर कर देते हैं। इससे बचने के लिए कुछ अहम सावधानियां अपनानी चाहिए—
- मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड का उपयोग करें।
- कभी भी OTP, पासवर्ड या बैंक डिटेल्स साझा न करें।
- अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले URL की जांच करें।
- पब्लिक Wi-Fi पर बैंकिंग या पेमेंट ऐप का इस्तेमाल न करें।
- फोन और ऐप्स को नियमित रूप से अपडेट रखें।
- सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग्स समय-समय पर चेक करें।
कौन सी जानकारी कभी ऑनलाइन शेयर न करें?
विशेषज्ञों के अनुसार, आधार नंबर, पैन कार्ड डिटेल्स, बैंक खाता संख्या, कार्ड CVV, घर का पता, यात्रा की रियल-टाइम लोकेशन और परिवार से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा करने से बचना चाहिए।
निष्कर्ष
Doxing scam सिर्फ एक ऑनलाइन शरारत नहीं, बल्कि गंभीर अपराध है जो किसी की सुरक्षा और सम्मान को खतरे में डाल सकता है। डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। अगर हर व्यक्ति अपनी निजी जानकारी को लेकर सजग रहे और साइबर सुरक्षा के मूल नियमों का पालन करे, तो ऐसे अपराधों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
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