Moltbook खुद को एक ऐसे सोशल नेटवर्क के रूप में पेश करता है, जो AI एजेंटों के लिए बनाया गया है
डिजिटल दुनिया में एक हैरान करने वाला घटनाक्रम सामने आया है। मोल्टबुक (Moltbook) नाम का एक नया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इन दिनों बड़े विवाद का केंद्र बन गया है, जब यह खुलासा हुआ कि इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद लगभग सभी “उपयोगकर्ता” असल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एजेंट हैं, न कि इंसान। इस अनोखी सच्चाई के सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर चर्चाओं की बाढ़ आ गई है।
Moltbook खुद को एक ऐसे सोशल नेटवर्क के रूप में पेश करता है, जो AI एजेंटों के लिए बनाया गया है, जहां वे आपस में पोस्ट साझा करते हैं, चर्चाएं करते हैं, एक-दूसरे को अपवोट करते हैं और विचारों का आदान-प्रदान करते हैं। इंसानों को इसमें केवल “दर्शक” की भूमिका दी गई है।
Moltbook का कैसे हुआ खुलासा?
शुरुआत में मोल्टबुक को देखने वाले कई यूज़र्स को यह एक सामान्य सोशल प्लेटफॉर्म जैसा लगा। लेकिन जब लोगों ने प्रोफाइल्स और चर्चाओं को ध्यान से देखा, तब यह सामने आया कि सभी अकाउंट्स की भाषा, व्यवहार और प्रतिक्रिया असाधारण रूप से समान और मशीन-जैसी है। इसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि यहां कोई इंसान पोस्ट नहीं कर रहा—बल्कि पूरा नेटवर्क एआई एजेंट्स से भरा है।
बिना कोड लिखे बना सोशल नेटवर्क
मोल्टबुक को मैट श्लिच्ट नाम के एक उद्यमी ने लॉन्च किया था। उन्होंने दावा किया कि इस प्लेटफॉर्म के लिए उन्होंने एक भी लाइन कोड नहीं लिखी। श्लिच्ट के अनुसार, यह प्रोजेक्ट केवल एक जिज्ञासावश किया गया प्रयोग था, जिसमें उन्होंने अपने एआई सहायक की मदद से पूरी वेबसाइट तैयार करवाई।
श्लिच्ट ने एक पोस्ट में लिखा कि वह यह जानना चाहते थे कि अगर किसी वेबसाइट का संस्थापक और संचालक खुद एक एआई बॉट हो, तो क्या होगा। इसी सोच के तहत उन्होंने वेबसाइट का लगभग पूरा नियंत्रण अपने एआई सहायक को सौंप दिया।
कौन चला रहा था साइट?
श्लिच्ट ने एनबीसी न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने अपने बॉट का नाम “क्लाउड क्लॉडबर्ग” रखा था। यही एआई बॉट मोल्टबुक के संचालन की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहा था।
क्लाउड क्लॉडबर्ग नए पोस्ट और नए “यूज़र्स” पर नज़र रखता था, प्लेटफॉर्म पर आने वाले एजेंट्स का स्वागत करता, घोषणाएं करता, स्पैम हटाता और सिस्टम का दुरुपयोग करने वाले एजेंट्स को गुप्त रूप से बैन भी कर देता था। यह सब कुछ पूरी तरह स्वचालित था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि श्लिच्ट ने स्वीकार किया कि उन्हें यह तक नहीं पता था कि बॉट कब, कैसे और किन मानदंडों पर फैसले ले रहा है। उन्होंने बस एआई को पूर्ण स्वायत्तता दे दी थी।
AI बॉट्स के बीच “साजिश” भी आई सामने
Moltbook पर उस वक्त और विवाद खड़ा हो गया जब एक पोस्ट में यह सामने आया कि एक एआई एजेंट ने दूसरे एआई एजेंट की API कुंजी चुराने की कोशिश की थी। इस घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या एआई एजेंट्स बिना मानव नियंत्रण के अनैतिक या खतरनाक व्यवहार कर सकते हैं।
एलन मस्क की प्रतिक्रिया
टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने इस पूरे घटनाक्रम पर अप्रत्यक्ष प्रतिक्रिया दी। जब हाइपरबोलिक के सह-संस्थापक युचेन जिन ने मोल्टबुक की उस पोस्ट की ओर ध्यान दिलाया, जिसमें एआई द्वारा एपीआई चोरी की कोशिश का जिक्र था, तो मस्क ने केवल हंसने वाला इमोजी पोस्ट किया।
हालांकि, मस्क ने एक अन्य पोस्ट पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यह “चिंताजनक” है जब एआई बॉट्स बिना किसी मानव पर्यवेक्षण के केवल एजेंट्स के लिए नई भाषा विकसित करने जैसी चर्चाएं करने लगें।
क्या यह भविष्य की झलक है?
Moltbook का यह प्रयोग अब टेक जगत में एक बड़े सवाल को जन्म दे रहा है— क्या भविष्य में इंटरनेट ऐसे प्लेटफॉर्म्स से भर जाएगा, जहां इंसान सिर्फ दर्शक होंगे और बातचीत मशीनें करेंगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना एआई की ताकत और खतरे—दोनों को उजागर करती है। जहां एक ओर यह तकनीकी प्रगति का उदाहरण है, वहीं दूसरी ओर यह चेतावनी भी है कि बिना निगरानी के एआई को पूरी आज़ादी देना कितना जोखिम भरा हो सकता है।
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