मुंशी प्रेमचंद, जिनका असली नाम धनपत राय श्रीवास्तव था, हिंदी और उर्दू के सर्वाधिक लोकप्रिय साहित्यकारों में गिने जाते हैं। 31 जुलाई 1880 को वाराणसी के पास लमही गांव में जन्मे प्रेमचंद ने अपने साहित्य के माध्यम से समाज के यथार्थ को इतनी सजीवता से चित्रित किया कि उन्हें “कलम का सिपाही” और “आदर्श यथार्थवाद” का प्रवर्तक कहा गया।

