
19th Day of Iran War: जो सबसे ख़ास बात है कि कब खत्म होगा आखिर ये युद्ध ? लेकिन उन्नीसवें दिन भी ऐसा कोई संकेत दिखाई नहीं दिया जिससे राहत की सांस ली जा सके।।
ईरान और इज़राइल के बीच जारी युद्ध अब 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस संघर्ष ने पूरे मध्य पूर्व को हिला दिया है और वैश्विक राजनीति में गहरी हलचल पैदा कर दी है। ईरान ने अपने शीर्ष सुरक्षा प्रमुख अली लारिज़ानी और बसीज बलों के कमांडर ग़ुलामरेज़ा सोलैमानी की हत्या के बाद बदला लेने की घोषणा की है।
ईरान में हालात
उच्च स्तरीय हत्याएँ: इज़राइली हमलों में ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारिज़ानी और बसीज कमांडर ग़ुलामरेज़ा सोलैमानी मारे गए। यह ईरानी व्यवस्था के लिए बड़ा झटका है।
राजनीतिक असर: लारिज़ानी को एक व्यावहारिक और अनुभवी नेता माना जाता था, जिन्होंने परमाणु वार्ता का नेतृत्व किया था। उनकी हत्या से कूटनीतिक रास्ते बंद करने की कोशिश मानी जा रही है।
ईरानी जवाबी हमला: ईरान ने केंद्रीय इज़राइल पर मिसाइलें दागीं, जिससे भारी नुकसान हुआ।
तनाव बढ़ा: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि खाड़ी में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति से हालात और बिगड़ेंगे।
स्वीडिश नागरिक की फांसी: ईरान ने एक स्वीडिश नागरिक को जासूसी के आरोप में मौत की सज़ा दी।
खुफिया मंत्री की हत्या: ईरान के राष्ट्रपति ने खुफिया प्रमुख इस्माइल खातिब की हत्या की पुष्टि की।
परमाणु संयंत्र पर हमला: ईरान के एकमात्र परमाणु संयंत्र पर हमला हुआ, हालांकि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
मौतों का आंकड़ा: ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 28 फरवरी से अब तक 1,444 लोग मारे गए और 18,551 घायल हुए।
खाड़ी क्षेत्र में असर
मिसाइल और ड्रोन हमले: ईरान और उसके सहयोगी समूहों ने सऊदी अरब, कुवैत और जॉर्डन पर हमले किए।
सऊदी अरब: रियाद में अरब और मुस्लिम देशों के विदेश मंत्रियों की आपात बैठक बुलाई गई।
यूएई और ऑस्ट्रेलिया: ईरानी मिसाइल यूएई में ऑस्ट्रेलिया के सैन्य मुख्यालय के पास गिरी।
बहरीन: चेतावनी सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया।
क़तर: ब्रिटिश एयरवेज ने दोहा की उड़ानें 30 अप्रैल तक स्थगित कर दीं। क़तर ने मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया।
यूक्रेन विशेषज्ञ: 200 से अधिक यूक्रेनी एंटी-ड्रोन विशेषज्ञ मध्य पूर्व में तैनात किए गए।
अमेरिका में हालात
अमेरिकी अधिकारी का इस्तीफ़ा: शीर्ष आतंकवाद विरोधी अधिकारी जो केंट ने इस्तीफ़ा दिया और कहा कि ईरान कोई खतरा नहीं है।
नाटो सहयोगियों से तनाव: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों, जापान, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया की आलोचना की।
सुरक्षा बढ़ाई गई: अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सभी दूतावासों को सुरक्षा समीक्षा का आदेश दिया।
इज़राइल में हालात
बसीज पर हमला: इज़राइली सेना ने तेहरान के आसपास बसीज ठिकानों पर हमले किए।
कमांड सेंटर पर हमला: इज़राइल ने ईरानी मिसाइल साइटों और कमांड सेंटर को निशाना बनाया।
रमात गन में मौतें: इज़राइल में दो लोग रॉकेट हमले में मारे गए और इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं।
लेबनान में हालात
निकासी आदेश: इज़राइल ने दक्षिणी लेबनान में बड़े पैमाने पर निकासी का आदेश दिया।
बेका घाटी में हमला: चार लोग इज़राइली हमले में मारे गए।
हिज़्बुल्लाह का बयान: संगठन ने कुवैत में अपने सदस्यों की मौजूदगी से इनकार किया।
इराक में हालात
अमेरिकी दूतावास पर हमला: बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास ड्रोन हमले हुए।
साराया औलिया अल-दम: इस समूह ने अमेरिकी ठिकानों पर हमलों की जिम्मेदारी ली।
तेल निर्यात: इराक ने सीमित तेल निर्यात फिर शुरू किया, क्योंकि ईरान ने होरमुज़ जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ
रूस की निंदा: रूस ने लारिज़ानी की हत्या की कड़ी आलोचना की। जर्मनी का बयान: जर्मनी ने कहा कि अगर उनसे सलाह ली जाती तो वे युद्ध शुरू करने के खिलाफ राय देते।
तेल कीमतों में उछाल: ईरान के गैसफील्ड पर हमले के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 5% बढ़कर $108.60 प्रति बैरल हो गई।
ईरान और इज़राइल के बीच यह युद्ध अब पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले चुका है। अमेरिका की भूमिका, नाटो देशों की प्रतिक्रिया और तेल कीमतों में उछाल ने इसे वैश्विक संकट बना दिया है। आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं, क्योंकि ईरान ने बदले की चेतावनी दी है और इज़राइल लगातार हमले कर रहा है।







