‘भोंदू बाबा’ Ashok Kharat पर तीसरा केस: महिला से शोषण, गर्भपात कराने का आरोप
महाराष्ट्र में कथित ‘भोंदू बाबा’ Ashok Kharat से जुड़ा एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है
महाराष्ट्र में कथित ‘भोंदू बाबा’ Ashok Kharat से जुड़ा एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। इस बार एक विवाहित महिला ने उसके खिलाफ यौन शोषण, धोखाधड़ी और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में सरकारवाड़ा पुलिस थाने में उसके खिलाफ तीसरा मामला दर्ज किया गया है।
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Toggleपारिवारिक विवाद का उठाया फायदा
शिकायत के मुताबिक, पीड़िता अपने वैवाहिक जीवन में चल रहे विवादों से परेशान थी और समाधान की तलाश में Ashok Kharat के पास पहुंची थी। आरोप है कि खरात ने खुद को त्रिकालज्ञानी और अवतारी पुरुष बताकर महिला का भरोसा जीत लिया।
उसने महिला को यह कहकर प्रभावित किया कि वह पिछले जन्म में अप्सरा थी और उसका वर्तमान जीवन भी पूर्वनिर्धारित है। इतना ही नहीं, उसने यह भी दावा किया कि महिला का तलाक तय है और वह जल्द ही उससे मुक्त हो जाएगी।
धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर शोषण
महिला का आरोप है कि Ashok Kharat ने धार्मिक अनुष्ठानों, तांत्रिक उपायों और भविष्यवाणी के नाम पर उसे अपने प्रभाव में ले लिया। धीरे-धीरे उसने महिला के मन में डर और अंधविश्वास पैदा किया और इसी का फायदा उठाकर उसका यौन शोषण किया।
यह मामला एक बार फिर इस बात को उजागर करता है कि कैसे कुछ लोग धर्म और आस्था का सहारा लेकर कमजोर और परेशान लोगों को निशाना बनाते हैं।
गर्भवती होने के बाद करवाया गर्भपात
मामले का सबसे गंभीर पहलू तब सामने आया जब शिकायत में बताया गया कि शोषण के दौरान महिला गर्भवती हो गई। इसके बाद खरात ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया और कथित तौर पर गर्भपात की दवाएं दीं।
पुलिस इस पहलू की विशेष जांच कर रही है, क्योंकि इसमें न केवल शोषण बल्कि मेडिकल नियमों के उल्लंघन की भी आशंका है।
Ashok Kharat शादी का झांसा देकर करता रहा गुमराह
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि खरात ने उसे शादी का झूठा वादा किया। उसने कहा कि “मेरे भाग्य में दो शादियां हैं, तुम मुझसे विवाह कर लो, मैं तुम्हें और तुम्हारे बच्चों को खुश रखूंगा।”
इस तरह के झूठे वादों के जरिए वह लगातार महिला को अपने जाल में फंसाए रखता था।
पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
यह पहला मौका नहीं है जब Ashok Kharat पर ऐसे आरोप लगे हैं। इससे पहले भी उसके खिलाफ महिलाओं के शोषण और धोखाधड़ी के मामले दर्ज हो चुके हैं। हालांकि, डर और सामाजिक दबाव के चलते कई महिलाएं सामने नहीं आ पाती थीं।
अब धीरे-धीरे पीड़ित महिलाएं हिम्मत जुटाकर शिकायत दर्ज करा रही हैं, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis का बयान
इस मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फडणवीस ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें महिलाओं के आत्मसम्मान का सवाल जुड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले में किसी को भी बिना जांच के क्लीन चिट नहीं देगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पुलिस पहले से ही इस मामले पर नजर रख रही थी और 10 मार्च को अशोक खरात के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था, ताकि वह देश छोड़कर भाग न सके।
अंधविश्वास के खिलाफ चेतावनी
यह घटना समाज में फैल रहे अंधविश्वास और तथाकथित ‘गॉडमैन’ के प्रभाव को लेकर एक गंभीर चेतावनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में लोगों को सतर्क रहने और किसी भी व्यक्ति पर आंख मूंदकर विश्वास न करने की जरूरत है।
जांच जारी, और खुलासों की आशंका
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
इस घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि समाज में फैले अंधविश्वास और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






