Parliament Monsoon Session 2026: पहले ही दिन भारी हंगामा, समान वांग्चू और NEET मुद्दे पर घिरी सरकार
Parliament Monsoon Session 2026: संसद का मानसून सत्र सोमवार 20 जुलाई से शुरू हो गया। सत्र के पहले ही दिन सदन में भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्षी सदस्यों की लगातार नारेबाजी के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। यह सत्र 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 25 दिनों में संसद की कुल 19 बैठकें होंगी।
विपक्ष के हंगामे पर जोर
सत्र शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए चर्चा की मांग की। हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही पहले सुबह 12 बजे तक स्थगित की। इसके बाद दोबारा हंगामा होने पर सदन को दोपहर 3 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
राज्यसभा की कार्यवाही बार बार स्थगित
राज्यसभा में भी विपक्ष का भारी हंगामा देखने को मिला। सभापति सी.पी.राधाकृष्णन ने कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे, फिर 12:30 बजे तक स्थगित की। अंत में राज्यसभा की कार्यवाही पुरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। अब सदन की अगली बैठक 21 जुलाई को सुबह 11 बजे होगी।
सोनम वांगचुक और CJP का ‘चलो संसद’ मार्च
सत्र की शुरुआत कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च के शोर के बीच हुई। CJP नीट परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी। CJP संसद भवन के करीब 2-3 किलोमीटर दूर जंतर मंतर पर धरना दे रही है। शनिवार को प्रदर्शन उस समय और तेज हो गया जब पुलिस ने 21 दिन से भूख हड़ताल पर रहे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को वहां से उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया। राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को निंदनीय बताया।
डिंपल यादव का मार्च और अन्य मुद्दे
समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने पार्टी के अन्य सांसदों के साथ भवन से जंतर-मंतर तक मार्च निकाला, उन्होंने सरकार पर छात्रों की अनदेखी का आरोप लगया और सोनम वांगचुक का हवाला दिया। विपक्ष ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरूपयोग, ई20 पेट्रोल नीति और पहले गिर चुके परिसीमन से जुड़े संविघान संशोधन विधेयक का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा की शिक्षा व्यवस्था की नाकामियों और राम मंदिर चढ़ावे के मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा की सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है लेकिन, बार बार हंगामा करना उचित नहीं है।
पीएम मोदी का संबोधन और नए विधेयक
सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा की पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर्ज की है। उन्होंने अंतरिक्ष स्टार्टअप ‘स्काईरुट’ की युवा टीम की तारीफ़ की, जिसके सदस्यों की औसत आयु 28 वर्ष है। सत्र में सरकार संविधान (131वां संशोधन) विधेयक दुबारा पेश कर सकती है, जिसमे लोकसभा सीटें बढाकर 850 करने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव है। अप्रैल में यह विधेयक दो तिहाई बहुमत न मिलने से पारित नहीं हो सका था। लोकसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। हालांकि वंदे मातरम विधेयक सोमवार को पेश नहीं किया गया।
आगे क्या हो सकता है?
संसद में INDIA गठबंधन के फ्लोर लीडर्स की बैठक भी हुई, जिसमे राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी शामिल हुए। राजनितिक जानकारों का मानना है की आने वाले दिनों में भी नीट, राम मंदिर चढ़ावा और सोनम वांगचुक जैसे मुद्दों पर संसद में टकराव जारी रह सकता है। सरकार ने विपक्ष से पारित कराने में सहयोग की अपील की है।
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