Swatantra Bhardwaj: आरोपी स्वातंत्र भारद्वाज फरार, दिल्ली पुलिस की तलाश जारी
Swatantra Bhardwaj: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान छात्र के पिता से कथित मारपीट के मामले में आरोपी स्वातंत्र भारद्वाज के फरार होने की खबर है। वायरल इंटरव्यू के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। CJP ने हत्या के प्रयास और SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है, जबकि दिल्ली पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।
Swatantra Bhardwaj: आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज फरार
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान एक छात्र के पिता से कथित मारपीट के मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के फरार होने की खबर सामने आई है। समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को भरोसा दिलाया था कि स्वतंत्र को गिरफ्तार किया जाएगा। इसके कुछ ही घंटे बाद वह बुलंदशहर से फरार हो गया। अब पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
इंटरव्यू का वीडियो हुआ वायरल
PTI के मुताबिक, स्वतंत्र भारद्वाज नैथला गांव से Bullet बाइक पर खुर्जा की तरफ निकल गया। बताया जा रहा है कि अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने हेलमेट पहन रखा था। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें सादे कपड़ों में तैनात की गई हैं। तलाशी के दौरान पुलिस ने स्थानीय पत्रकारों से भी पूछताछ की। फिलहाल पुलिस स्वतंत्र भारद्वाज की लोकेशन पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।
इस मामले में नया मोड़ तब आया, जब भारद्वाज के एक इंटरव्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में वह कथित तौर पर यह दावा करते नजर आए कि प्रदर्शन के दौरान उन्होंने छात्र निशु आजाद के पिता संजय आजाद की “खोपड़ी फोड़ दी” थी।
इसके बाद CJP ने शुक्रवार को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर एक बार फिर प्रदर्शन किया। पार्टी के प्रतिनिधियों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें बताया है कि भारद्वाज के खिलाफ हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
इंटरव्यू में छात्र प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला करने की बात कही
पार्टी का आरोप है कि भारद्वाज ने इंटरव्यू में छात्र प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला करने और उसके बाद बच निकलने की बात कही थी। अब पुलिस की कार्रवाई को लेकर इस मामले में आगे की जांच का इंतजार है। पुलिस ने यह भी बताया कि पीड़ित की बेटी को ऑनलाइन गाली-गलौज करने और आपत्तिजनक तस्वीरें पोस्ट करने के मामले में अलग से FIR दर्ज की जाएगी।
पुलिस सूत्र के मुताबिक, SC/ST एक्ट जोड़े जाने के बाद पीड़ित का एक बार फिर मेडिकल कराया जाएगा। इसके साथ ही आगे की जांच में यह तय किया जाएगा कि आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास यानी Attempt to Murder की धारा लगती है या नहीं। वहीं, CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि दिल्ली पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हिंसा करने वालों को किसी भी हालत में बचने न दिया जाए।
सौरव दास ने हत्या के प्रयास पर पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग
सौरव दास ने आरोप लगाया कि स्वातंत्र भारद्वाज जैसे लोग जंतर-मंतर पर पहुंचे और वहां हिंसा हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या दिल्ली पुलिस ने ऐसे लोगों की पहचान नहीं की थी? दास ने भारद्वाज पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान CJP ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने 72 घंटे के अंदर कार्रवाई का भरोसा दिया है। पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस अपने वादे को पूरा नहीं करती है, तो वे दोबारा प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि वे छात्रों के साथ खड़े हैं।
प्रदर्शन में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद के साथ CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर स्वातंत्र भारद्वाज के खिलाफ नरमी बरतने का आरोप लगाया। प्रदर्शन को देखते हुए पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग भी की गई।
आशुतोष रांका के दावे से दिल्ली पोलीस ने किया इनकार
आशुतोष रांका ने दावा किया कि संजय आजाद के सिर में गंभीर चोट आई थी और उनकी खोपड़ी में फ्रैक्चर हुआ था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस दावे से इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक, झड़प के दौरान संजय को मामूली चोट लगी थी और उनकी शिकायत पर मामला पहले ही दर्ज किया जा चुका है।
रांका ने यह भी आरोप लगाया कि स्वातंत्र भारद्वाज ने खुद संजय पर हमला करने और उनकी जान लेने की कोशिश करने की बात कबूल की थी। उनका आरोप है कि BJP कार्यकर्ताओं और दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा के प्रभाव के कारण भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी जाए
CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने आरोप लगाया कि जब प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, तभी एक आपराधिक गिरोह से जुड़े कुछ लोग वहां पहुंचे और हिंसा करने लगे। दास ने कहा कि FIR दर्ज होने के बाद भी उन्होंने पुलिस पर लगातार दबाव बनाया और मांग की कि इस मामले में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार दलित समुदाय से आता है, इसलिए मामले में SC/ST एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मीडिया से बात करते हुए निशु ने आरोप लगाया कि अपने पिता पर हुए हमले की शिकायत करने और FIR दर्ज कराने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर गालियों और गंभीर धमकियों का सामना करना पड़ा। निशु ने बताया कि इन घटनाओं के बाद वह काफी परेशान थीं और कुछ हफ्तों तक स्कूल भी नहीं जा सकीं। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता था कि लोग उन्हें लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। निशु ने उम्मीद जताई कि पुलिस इस मामले में कार्रवाई करेगी।
स्वातंत्र भारद्वाज ने क्या दावा किया?
करीब एक घंटे के इस इंटरव्यू में स्वातंत्र भारद्वाज ने अपने राजनीतिक संपर्कों को लेकर भी कई दावे किए। उन्होंने कहा कि उन्हें हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त है और दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा उनके बड़े भाई जैसे हैं।
भारद्वाज ने दावा किया कि लोग कहते हैं कि कपिल मिश्रा के फोन करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। उन्होंने चिराग पासवान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपना “बड़ा भाई” बताते हुए कहा कि उन्हें कई नेताओं का समर्थन हासिल है।
CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने इन दावों को लेकर BJP के वरिष्ठ नेताओं से जवाब देने की मांग की। दास ने कहा कि अगर भारद्वाज खुद यह दावा कर रहे हैं कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान के फोन के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, तो BJP के बड़े नेताओं को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। CJP ने कहा है कि अगर दिल्ली पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को दिए आश्वासन के मुताबिक कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी दोबारा पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन करेगी।
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