SIM Card Smuggling: दिल्ली में जासूसी नेटवर्क का खुलासा, दंपति गिरफ्तार
SIM Card Smuggling: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कथित जासूसी नेटवर्क से जुड़े एक दंपति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों पर भारतीय SIM कार्ड पाकिस्तान भेजने और ISI समर्थित हैंडलर्स को मदद पहुंचाने का आरोप है। जांच में व्हाट्सप्प चैट्स और विदेशी संपर्कों से जुड़े अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है।
जासूसी से जुड़े मामले में दंपति गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शहर में रहने वाले एक दंपति को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि दोनों देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल थे।
जांच के मुताबिक, दंपति कथित तौर पर बड़ी संख्या में भारतीय SIM कार्ड की सप्लाई कर रहा था। इन SIM कार्ड्स का इस्तेमाल कथित तौर पर ISI समर्थित संस्थाओं द्वारा व्हाट्सप्प अकाउंट सक्रिय करने और जासूसी से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जाता था। पुलिस मामले में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और SIM कार्ड का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया।
दंपति की पहचान और पुलिस की जांच
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय मोहम्मद साहिल और 21 वर्षीय समीरा, जो BPO में काम करती हैं, के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि उसकी टीमें इलाके में सक्रिय स्लीपर सेल और ऐसे लॉजिस्टिक नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटा रही थीं, जिन पर विदेशी खुफिया एजेंसियों के एजेंट्स को मदद पहुंचाने का शक था। DCP नारा चैतन्य के अनुसार, तकनीकी निगरानी के जरिए ACP (Northern Range) राहुल के नेतृत्व वाली टीम ने आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें चिन्हित किया।
2024 में शुरू हुआ कथित जासूसी नेटवर्क
पुलिस की जांच के मुताबिक, इस कथित जासूसी नेटवर्क की शुरुआत 2024 में हुई थी। जांच में सामने आया कि समीरा नाम की महिला को कथित तौर पर ISI से जुड़े लोगों ने संपर्क किया था। इसके बाद उसने इंस्टाग्राम के जरिए अपने पति को पाकिस्तान में मौजूद एक कथित संपर्क से मिलवाया।
पुलिस के अनुसार, इसी संपर्क के जरिए दंपति की पहचान एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी से कराई गई। आरोप है कि अधिकारी ने दोनों को लगातार आर्थिक भुगतान का लालच देकर अपने साथ जोड़ा और उनसे अलग-अलग तरह की ऑपरेशनल और लॉजिस्टिक मदद लेने लगा।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित नेटवर्क ने आगे किस तरह काम किया और इसमें और कौन लोग शामिल थे।
SIM कार्ड के जरिए जासूसी गतिविधियां
पुलिस के मुताबिक, 2024 से 2025 के बीच दंपति ने कथित तौर पर अपने हैंडलर्स के निर्देश पर आठ भारतीय SIM कार्ड हासिल किए और उन्हें दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजा। इसके बदले उन्हें 30,000 रुपये का भुगतान मिलने की बात सामने आई है।
जांच के अनुसार, पाकिस्तान में मौजूद कथित हैंडलर्स ने इन भारतीय नंबरों का इस्तेमाल व्हाट्सप्प अकाउंट सक्रिय करने के लिए किया। इसके बाद इन स्थानीय नंबरों के जरिए विदेशी एजेंट्स ने कथित तौर पर संवेदनशील भारतीय व्हाट्सप्प ग्रुप्स तक पहुंच बनाने की कोशिश की।
पुलिस का आरोप है कि इन नंबरों के जरिए स्थानीय लोगों से अलग-अलग बहानों से संपर्क किया गया और उनसे सैन्य तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास किया गया। मामले में पुलिस आगे की कड़ियों की जांच कर रही है।
साहिल पर लगाए गए आरोप
पुलिस के अनुसार, साहिल सराय काले खां इलाके में रहता है और IGNOU से BA की पढ़ाई कर चुका है। जांच में आरोप है कि उसे देश के अलग-अलग सेना छावनी क्षेत्रों की रेकी करने के लिए लोगों को तैयार करने का काम सौंपा गया था। साहिल की शादी 2022 में समीरा से हुई थी और वह हाल के समय में बेरोजगार था। उस पर यह भी आरोप है कि उसे कोर्ट-मार्शल की कार्यवाही का सामना कर रहे सैन्यकर्मियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी जुटाने का काम दिया गया था।
समीरा की भूमिका और जांच में अहम सुराग
पुलिस के मुताबिक, नोएडा के एक कॉल सेंटर में काम करने वाली समीरा ने कथित तौर पर भारतीय SIM कार्ड की खरीद और उन्हें अवैध तरीके से बाहर भेजने से जुड़ी व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई थी।
साहिल की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान पुलिस समीरा तक पहुंची और उसे भी गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, दंपति के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इन फोन की फॉरेंसिक जांच में कथित तौर पर कई अहम सबूत मिले हैं, जिनमें विदेशी हैंडलर्स से बातचीत से जुड़े व्हाट्सप्प चैट्स भी शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से देश में विदेशी हैंडलर्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले गोपनीय संचार तरीकों और लोगों को अपने नेटवर्क में शामिल करने की रणनीति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है। अब पुलिस कथित विदेशी हैंडलर्स की पहचान करने और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
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