Race Course Mosque Controversy: दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद पर कार्रवाई का खतरा, ओवैसी ने केंद्र से मांगा हस्तक्षेप
Race Course Mosque Controversy: दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। केंद्र सरकार के भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) की ओर से मस्जिद परिसर खाली करने का नोटिस जारी किए जाने के बाद राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से तत्काल कदम उठाने की अपील की है।
Race Course Mosque Controversy: 19 अक्टूबर को जारी हुआ नोटिस
रिपोर्ट के मुताबिक, भूमि एवं विकास कार्यालय ने 19 अक्टूबर 2026 को मस्जिद परिसर खाली करने का नोटिस जारी किया। इसमें संबंधित पक्षों को परिसर खाली करने के लिए छह दिन का समय दिया गया है। इस नोटिस के बाद मस्जिद की कानूनी स्थिति और जमीन के स्वामित्व को लेकर बहस तेज हो गई है।
ओवैसी ने वक्फ संपत्ति होने का उठाया मुद्दा
असदुद्दीन ओवैसी ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि रेस कोर्स मस्जिद वर्ष 1977 से सरकारी राजपत्र में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। साथ ही, ओवैसी ने दिल्ली वक्फ बोर्ड की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि मस्जिद के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए।
L&DO का क्या है पक्ष?
वहीं, भूमि एवं विकास कार्यालय का पक्ष है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर स्थित है और परिसर को अनधिकृत माना गया है। ऐसे में विवाद का प्रमुख मुद्दा जमीन पर अधिकार, संपत्ति की कानूनी स्थिति और संबंधित दस्तावेजों की वैधता से जुड़ा है।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने भी की संरक्षण की मांग
इस मामले में जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने भी हस्तक्षेप करते हुए मस्जिद और उससे जुड़े कब्रिस्तान के संरक्षण की मांग की है। संगठन की मांग के बाद इस मुद्दे पर संबंधित अधिकारियों की भूमिका और संभावित कार्रवाई को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल, रेस कोर्स मस्जिद विवाद में एक ओर वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज होने का दावा है, तो दूसरी ओर सरकारी जमीन पर अनधिकृत कब्जे से जुड़ा L&DO का पक्ष है। अब निगाहें केंद्र सरकार, दिल्ली वक्फ बोर्ड और संबंधित अधिकारियों के अगले कदम पर हैं। यह देखना अहम होगा कि नोटिस के खिलाफ कोई कानूनी चुनौती दी जाती है या प्रस्तावित कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए कोई निर्णय लिया जाता है।
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