India China LAC Face Off: भारत-चीन सीमा पर फिर हलचल, अरुणाचल में सैनिकों का आमना-सामना, वायरल वीडियो पर सेना ने बताई सच्चाई
India China LAC Face Off: भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव की खबरें एक बार फिर चर्चा में हैं। अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर दोनों देशों के सैनिकों के आमने-सामने आने की जानकारी सामने आई है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुस आए और भारतीय सेना ने उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, वीडियो को लेकर भारतीय सेना ने अलग स्पष्टीकरण दिया है और इसे भ्रामक दावों से जोड़कर साझा करने पर सवाल उठाए हैं।
अरुणाचल प्रदेश में कहां-कहां हुआ सैनिकों का आमना-सामना?
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने 22 अक्टूबर को राजस्थान के अलवर में एक कार्यक्रम के दौरान बताया था कि अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना हुआ है। उनके बयान के बाद सीमा पर मौजूदा हालात को लेकर चर्चा तेज हो गई।
हालांकि, इस दौरान हर स्थान की जानकारी या घटनाओं की पूरी परिस्थितियां सार्वजनिक नहीं की गईं। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि सभी घटनाएं एक जैसी थीं या हर जगह किसी तरह की झड़प हुई थी।
विदेश मंत्रालय ने भी दी प्रतिक्रिया
23 अक्टूबर को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत-चीन सीमा की स्थिति पर बात की। उन्होंने कहा कि जब चीनी सैनिक तय गश्त प्रक्रियाओं से अलग हटते हैं, तो सीमा पर स्थिति प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देश सीमा से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए सैन्य और कूटनीतिक माध्यमों से बातचीत कर रहे हैं। कोशिश यही है कि किसी तरह की गलतफहमी न बढ़े और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति बनी रहे।
वायरल वीडियो में किए गए दावे कितने सही?
सीमा पर सैनिकों के आमने-सामने आने की खबरों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया गया। इसके साथ दावा किया गया कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों पर नियंत्रण कर लिया है और भारतीय सैनिकों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
भारतीय सेना की फैक्ट-चेक इकाई ने 25 अक्टूबर को इस वीडियो से जुड़े दावों को भ्रामक बताया। सेना के मुताबिक, वीडियो में लेफ्टिनेंट जनरल गिरिश कालिया के नाम से दिखाई गई बातों को उनका वास्तविक बयान बताना सही नहीं है। जांच में सामने आया कि पुराने सैन्य ब्रीफिंग फुटेज में AI की मदद से बदलाव किए गए थे, ताकि ऐसा लगे कि अधिकारी अरुणाचल प्रदेश को लेकर ये बातें कह रहे हैं।
सेना ने बताया कि वीडियो में इस्तेमाल किया गया मूल फुटेज 27 अक्टूबर 2023 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में हुई एक ब्रीफिंग का था। उस ब्रीफिंग में अरुणाचल प्रदेश को लेकर वायरल वीडियो में किए गए दावों का उल्लेख नहीं था।
इसलिए वायरल वीडियो को इस बात का सबूत नहीं माना जा सकता कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के किसी इलाके पर नियंत्रण कर लिया है या उसमें दिखाई गई बातें भारतीय सेना के किसी अधिकारी ने कही हैं।
सीमा पर तनाव और वायरल दावे, दोनों को अलग समझना जरूरी
यहां एक बात समझना जरूरी है। अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सैनिकों के आमने-सामने आने की जानकारी ITBP प्रमुख ने दी थी। वहीं, वायरल वीडियो में किए गए दावे एक अलग मामला हैं, जिन्हें सेना ने भ्रामक बताया है। दोनों घटनाओं को एक ही बात मान लेना सही नहीं होगा।
भारत और चीन के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी है। ऐसे में LAC पर शांति बनाए रखना दोनों देशों के लिए अहम है। सीमा से जुड़ी किसी भी खबर के सामने आने पर आधिकारिक बयान और विश्वसनीय रिपोर्ट देखना जरूरी है, खासकर तब जब सोशल मीडिया पर वीडियो के साथ बड़े दावे किए जा रहे हों।
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