Rahul Gandhi Debate Challenge: Rahul Gandhi ने PM मोदी को फिर दी बहस की चुनौती, अमित शाह बोले- संसद में हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार सरकार
Rahul Gandhi Debate Challenge: राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर आमने-सामने बैठकर बहस करने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि इस चुनौती को दिए हुए 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। दूसरी ओर, गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कहा है कि सरकार SIR, EVM और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है।
देश की राजनीति में राहुल गांधी और केंद्र सरकार के बीच जुबानी जंग तेज होती नजर आ रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को खुले मंच पर बहस करने के लिए कहा है। उनका कहना है कि इस चर्चा में मीडिया और देश के युवाओं को भी शामिल किया जाना चाहिए। राहुल गांधी की इस चुनौती के बीच अमित शाह का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के साथ संसद में सभी अहम मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है।
Rahul Gandhi Debate Challenge: राहुल गांधी ने 24 घंटे बाद क्या कहा?
राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया। इसके जरिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को एक बार फिर बहस के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि चुनौती दिए हुए 24 घंटे गुजर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री अपनी पसंद की जगह और मंच चुन सकते हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि चर्चा के दौरान मीडिया और देश के युवा मौजूद रहें। बहस को कौन संचालित करेगा, इसका फैसला भी प्रधानमंत्री अपनी पसंद से कर सकते हैं। इसके लिए राहुल गांधी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत का नाम भी सुझाया। उनका कहना है कि इस चर्चा में देश की अर्थव्यवस्था, विदेश नीति और अमेरिका के साथ हुए समझौते जैसे अहम मुद्दों पर बात होनी चाहिए।
अमेरिकी डील और अडानी मामले को लेकर भी सवाल
राहुल गांधी ने अपनी चुनौती में सिर्फ राजनीतिक मुद्दों की बात नहीं की, बल्कि कुछ बड़े आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अमेरिका के साथ हुए समझौते को लेकर पूछा कि इसे इतनी जल्दी क्यों किया गया और इस फैसले में केंद्रीय मंत्रिमंडल की भूमिका क्यों नहीं रही।
इसके अलावा, उन्होंने गौतम अडानी से जुड़े मामले और जेफ्री एपस्टीन के मुद्दे का भी जिक्र किया। राहुल गांधी चाहते हैं कि इन सभी सवालों पर खुलकर चर्चा हो, ताकि जनता को अपना पक्ष समझने का मौका मिले।
उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मानहानि के मामलों का भी जिक्र किया और दावा किया कि उनके खिलाफ करीब 45 मामले दर्ज हैं। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री को अपने विदेशी संबंधों से जुड़े आरोपों पर कानूनी कार्रवाई करने की चुनौती भी दी।
अमित शाह ने कहा- संसद में चर्चा से पीछे नहीं हटेगी सरकार
राहुल गांधी की चुनौती के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। शाह ने SIR, EVM और अवैध घुसपैठ जैसे विषयों पर विशेष संसद सत्र बुलाकर चर्चा करने की बात भी कही।
उन्होंने विपक्ष को इन मुद्दों पर संसद में आकर अपना पक्ष रखने की चुनौती दी। शाह ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नक्सलवाद का समर्थन करती रही है। उनका यह बयान छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह के दौरान आया।
किरेन रिजिजू ने भी राहुल गांधी पर किया पलटवार
इस पूरे विवाद में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के बयान की आलोचना की। रिजिजू ने कहा कि भारत के विरोधियों के एजेंडे को आगे बढ़ाने के बाद दूसरों पर विदेशी समर्थन के आरोप लगाना सही नहीं है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि बड़ी बहस के लिए परिपक्वता की जरूरत होती है।
निशिकांत दुबे ने भी राहुल गांधी को दी बहस की चुनौती
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी को कांग्रेस कार्यालय में आकर बहस करने की चुनौती दी। दुबे ने कहा कि वह दस्तावेजों और कई दूसरे मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने राहुल गांधी से बहस के लिए तारीख और समय तय करने को भी कहा।
कैसे शुरू हुआ राहुल गांधी और PM मोदी के बीच यह विवाद?
इस पूरे विवाद की शुरुआत 31 अक्टूबर को हुई थी। उस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रम को संबोधित किया था। अपने भाषण में उन्होंने ऐसी ताकतों पर निशाना साधा था, जिन पर देश को बांटने, अफवाह फैलाने और सोशल मीडिया के जरिए भारत की छवि खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया। प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए उसे ‘विरोध पक्ष’ की जगह ‘अवरोध पक्ष’ बताया था। उनका कहना था कि विपक्ष देश के विकास में रुकावट पैदा कर रहा है।
इसके बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने विदेशी ताकतों के प्रभाव और देश की आर्थिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को आमने-सामने बैठकर बहस करने की चुनौती दी थी।
संसद के विशेष सत्र पर अब सबकी नजर
अमित शाह के बयान के बाद संसद के विशेष सत्र को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने कहा है कि सरकार SIR, EVM और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर संसद में बहस करने के लिए तैयार है। वहीं, विपक्ष लगातार SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठा रहा है। INDIA गठबंधन के नेता मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाए जाने के मुद्दे पर चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं।
क्या PM मोदी और राहुल गांधी के बीच होगी बहस?
फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच किसी सार्वजनिक बहस की तारीख तय नहीं हुई है। सरकार की ओर से विशेष संसद सत्र बुलाने को लेकर भी अभी कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।
ऐसे में देखना होगा कि राहुल गांधी की खुली बहस की चुनौती पर प्रधानमंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं। फिलहाल इस मुद्दे ने देश की राजनीति में नई बहस जरूर छेड़ दी है।
