Delhi Pollution 2026: दिवाली से पहले दिल्ली की हवा हुई बेहद खराब, AQI 307 के पार; आने वाले दिनों में बढ़ सकता है प्रदूषण
Delhi Pollution 2026: देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्थिति की ओर बढ़ रहा है। दिवाली से लगभग एक सप्ताह पहले ही दिल्ली की हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। सोमवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 307 दर्ज किया गया, जो इस सीजन में पहली बार ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंचा है। राजधानी के कई इलाकों में सुबह से ही धुंध की मोटी परत देखने को मिली।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 261 दर्ज किया गया था, जो खराब श्रेणी में आता है। वहीं, शनिवार को यह आंकड़ा 117 था, जिसे मध्यम श्रेणी में रखा गया था। पिछले सप्ताह हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदूषण से कुछ राहत मिली थी, लेकिन मौसम में बदलाव के साथ हवा की गुणवत्ता फिर बिगड़ने लगी है।
दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ा
राजधानी के अलग-अलग इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार सुबह उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 58 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 36 केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई।
जहांगीरपुरी में स्थिति सबसे चिंताजनक रही, यहां AQI 417 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। इसके अलावा कई अन्य इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर 300 के पार पहुंच गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, हवा में मौजूद PM2.5 प्रदूषक इस समय प्रदूषण बढ़ने का एक प्रमुख कारण है। ये बेहद छोटे कण होते हैं, जो सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।
मौसम में बदलाव बना प्रदूषण बढ़ने की वजह
दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के पीछे मौसम की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। तापमान में गिरावट, हवा की धीमी गति और वातावरण में नमी के कारण प्रदूषक कण आसानी से फैल नहीं पा रहे हैं।
आमतौर पर सर्दियों की शुरुआत के साथ हवा की गति कम होने लगती है। ऐसे में वाहनों और उद्योगों से निकलने वाला धुआं वातावरण में लंबे समय तक बना रहता है। इससे राजधानी में स्मॉग की स्थिति पैदा हो जाती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अनुकूल हवाएं नहीं चलने पर प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है।
पराली जलाने से भी बढ़ रहा दिल्ली का प्रदूषण
दिल्ली की खराब होती हवा के पीछे आसपास के राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं भी एक कारण हैं। NASA के उपग्रह आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच पंजाब और हरियाणा में कुल 1,394 खेतों में आग लगने की घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें पंजाब में 1,249 और हरियाणा में 145 घटनाएं शामिल थीं।
रिपोर्ट के अनुसार, 1 नवंबर को ही 171 ऐसी घटनाएं दर्ज की गईं। दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिए वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन और खेतों में पराली जलाने से निकलने वाला धुआं अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदार हैं। हालांकि, प्रदूषण में पराली जलाने की वास्तविक हिस्सेदारी मौसम और हवा की दिशा के अनुसार बदलती रहती है।
दिवाली से पहले और बिगड़ सकती है हवा की गुणवत्ता
दिवाली नजदीक आने के साथ दिल्ली में प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गई है। त्योहार के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा में प्रदूषक कणों की मात्रा बढ़ा सकता है।
केंद्र के एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (AQEWS) के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली की हवा खराब से बेहद खराब श्रेणी में रह सकती है।
मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया ने भी चेतावनी दी है कि दिल्ली-NCR में हवा की गति कम रहने और प्रदूषकों के वातावरण में जमा होने के कारण स्मॉग की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रदूषण रोकने के लिए उठाए जा रहे कदम
दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों के तहत सड़कों की सफाई, पानी का छिड़काव और धूल को नियंत्रित करने जैसे उपायों पर जोर दिया जा रहा है।
इसके अलावा वाहनों से होने वाले प्रदूषण और निर्माण गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण के स्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
AQI की अलग-अलग श्रेणियां क्या बताती हैं?
CPCB के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक को छह श्रेणियों में बांटा गया है:
- 0-50: अच्छी हवा
- 51-100: संतोषजनक
- 101-200: मध्यम
- 201-300: खराब
- 301-400: बेहद खराब
- 401-500: गंभीर
इस वर्गीकरण के अनुसार, दिल्ली का सोमवार सुबह का AQI 307 बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया।

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