Guru Pradosh Vrat 2025 सनातन धर्म में प्रदोष व्रत की बहुत महत्व होता है। प्रदोष का व्रत हर महीने के कृष्ण व शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को रखा जाता है। प्रदोष व्रत पूरी तरीके से भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा आराधना करने से भक्तों को उनका मनचाहा फल मिलता है। अगर प्रदोष का व्रत बुधवार के दिन रखा हो तो इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को गुरु प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इस बार प्रदोष गुरुवार के दिन मनाए जाने वाला है इसीलिए इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाएगा।





