INDIA Bloc Protest: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक का 'जनता का महाभियोग', राहुल गांधी ने 1 नवंबर को 'चलो दिल्ली' मार्च का किया ऐलान
INDIA Bloc Protest: देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। गठबंधन ने 31 अक्टूबर को नई दिल्ली में उनके खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जनता का महाभियोग’ आयोजित करने का फैसला किया। इसके साथ ही 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली और ‘चलो दिल्ली’ मार्च की तैयारी भी की गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नागरिकों, युवाओं और छात्रों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
बारिश के कारण टला कार्यक्रम, 31 अक्टूबर को हुआ आयोजन
INDIA ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जनता का महाभियोग’ कार्यक्रम पहले 30 अक्टूबर को आयोजित करने की योजना बनाई थी। हालांकि, दिल्ली में लगातार बारिश के कारण इसे एक दिन के लिए टाल दिया गया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जानकारी दी कि विपक्षी दलों की सहमति से कार्यक्रम को 31 अक्टूबर के लिए पुनर्निर्धारित किया गया।
यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास, 10 राजाजी मार्ग पर आयोजित किया जाना तय किया गया था। इसमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की अध्यक्षता, मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से प्रस्ताव पेश करने और राहुल गांधी के समापन संबोधन की योजना बनाई गई थी। इसमें विपक्षी दलों के नेताओं के साथ नागरिकों और SIR से प्रभावित होने का दावा करने वाले लोगों की भागीदारी भी प्रस्तावित थी।
विपक्ष का यह कार्यक्रम संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होने वाला औपचारिक महाभियोग नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के खिलाफ एक प्रतीकात्मक राजनीतिक विरोध है।
राहुल गांधी ने किया ‘चलो दिल्ली’ मार्च का ऐलान
राहुल गांधी ने 1 नवंबर को INDIA ब्लॉक की ओर से ‘चलो दिल्ली’ मार्च निकालने की घोषणा की है। उनके मुताबिक, यह मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के जंक्शन से शुरू होकर रामलीला मैदान पहुंचेगा। यहां विपक्षी गठबंधन की बड़ी रैली आयोजित की जाएगी।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लोगों से इस मार्च में शामिल होने की अपील करते हुए इसे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा से जुड़ा आंदोलन बताया। उन्होंने राजनीतिक दलों के अलावा छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों को भी इसमें हिस्सा लेने का निमंत्रण दिया।
SIR और वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध
INDIA ब्लॉक के विरोध का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं और इससे नागरिकों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष को चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों पर जवाब मांगने का अधिकार है। उन्होंने मतदाता सूची से कथित तौर पर 13.3 करोड़ नाम हटाए जाने के दावे का उल्लेख करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया।
हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर विपक्ष के आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। इन दावों को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि विपक्ष के आरोपों के रूप में देखा जाना चाहिए।
CJP और AISA ने भी बढ़ाया समर्थन
INDIA ब्लॉक की 1 नवंबर की रैली को कुछ अन्य संगठनों का भी समर्थन मिला है। कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के जरिए रैली को समर्थन देने की घोषणा की। वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।
नेहा बोरा ने कहा कि उनकी मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा, SIR प्रक्रिया पर रोक और 2023 के कानून को वापस लेने की मांग शामिल है।
दिल्ली में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर नजर
1 नवंबर की रैली को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में लगभग 200 से 250 CCTV कैमरे लगाए गए हैं। दिल्ली पुलिस आयोजकों के साथ मिलकर ट्रैफिक व्यवस्था और संभावित डायवर्जन को लेकर समन्वय कर रही है, ताकि आम लोगों और स्थानीय कारोबारियों को कम से कम परेशानी हो।
रिपोर्टों के अनुसार, INDIA ब्लॉक के नेता रैली से पहले खुले बसों में यात्रा करने की भी तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, मार्च और रैली के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस की अंतिम एडवाइजरी पर नजर रखना जरूरी होगा।
अब 1 नवंबर की रैली पर टिकी निगाहें
SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। INDIA ब्लॉक इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है। वहीं, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली से यह साफ होगा कि विपक्षी गठबंधन इस मुद्दे पर कितना बड़ा जनसमर्थन जुटा पाता है।
अब सबकी नजरें राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाले ‘चलो दिल्ली’ मार्च और रामलीला मैदान की रैली पर टिकी हैं।
