NSAP Scheme: अगले पांच साल तक जारी रहेगा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, सरकार खर्च करेगी ₹53,428 करोड़
NSAP Scheme: केंद्र सरकार ने बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (National Social Assistance Programme – NSAP) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस अवधि के दौरान कार्यक्रम पर कुल 53,428 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए सामाजिक सहायता की व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी। हालांकि, योजना का लाभ निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले लोगों को ही मिलेगा।
NSAP Scheme: क्या है राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP)?
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम केंद्र सरकार की एक प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पहल है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और जरूरतमंद लोगों को कठिन परिस्थितियों में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
इस कार्यक्रम के तहत पात्र बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को पेंशन के माध्यम से सहायता दी जाती है। इसके अलावा, परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर पात्र परिवारों को आर्थिक मदद देने का भी प्रावधान है।
NSAP का उद्देश्य उन लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, जिनके पास आय के सीमित साधन हैं और जिन्हें अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता होती है।
NSAP के तहत कौन-कौन सी योजनाएं शामिल हैं?
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत कई प्रमुख योजनाएं संचालित की जाती हैं।
1. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS)
इस योजना के तहत निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले बुजुर्गों को आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि उन्हें जीवनयापन में मदद मिल सके।
2. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS)
यह योजना पात्र विधवाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित की जाती है।
3. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना (IGNDPS)
इस योजना के तहत निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
4. राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (NFBS)
इस योजना के अंतर्गत पात्र परिवार को परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर निर्धारित नियमों के अनुसार एकमुश्त आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है।
अगले पांच वर्षों में ₹53,428 करोड़ होंगे खर्च
केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के अनुसार, NSAP को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखा जाएगा। इस अवधि के लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी दी गई है। योजना को जारी रखने का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों के लिए सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था बनाए रखना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सहायता उपलब्ध कराना है।
हालांकि, इस राशि को प्रत्येक लाभार्थी को मिलने वाली पेंशन या व्यक्तिगत भुगतान के रूप में नहीं समझना चाहिए। अलग-अलग योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों पर निर्भर करती है।
किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ?
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत लाभ पाने के लिए संबंधित योजना के पात्रता मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है। लाभार्थियों की पात्रता आयु, आर्थिक स्थिति और संबंधित योजना के अन्य निर्धारित नियमों के आधार पर तय की जाती है।
इसलिए बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को आवेदन करने से पहले अपनी संबंधित योजना की पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत सभी लाभार्थियों के लिए एक जैसी पात्रता शर्तें लागू नहीं होती हैं।
जरूरतमंद परिवारों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए नियमित पेंशन और वित्तीय सहायता जीवनयापन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विशेष रूप से ऐसे बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के लिए यह मदद उपयोगी है, जिनके पास आय के सीमित साधन हैं।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी से सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी इन योजनाओं का संचालन आगे भी जारी रह सकेगा। साथ ही, राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को संकट की स्थिति में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान भी बना रहेगा।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम 2030-31 तक जारी
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को 2030-31 तक जारी रखने और इसके लिए 53,428 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी देना केंद्र सरकार का एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और पात्र परिवारों को वित्तीय सहायता के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
अब यह महत्वपूर्ण होगा कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे और जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल सके। लाभार्थियों को संबंधित योजना के नियमों और पात्रता की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही आवेदन करना चाहिए।
