Odisha Flood: चक्रवात अर्नब के बाद ओडिशा में बाढ़ का कहर, गंजाम में 42 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित
Odisha Flood: चक्रवात अर्नब के बाद ओडिशा में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। गंजाम में 42,500 से ज्यादा लोग प्रभावित हैं, जबकि 59 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जानिए राहत और बचाव अभियान की पूरी जानकारी।
Odisha Flood: ओडिशा में चक्रवात अर्नब का असर
ओडिशा में चक्रवात अर्नब का असर कमजोर पड़ने के बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। तूफान के बाद हुई मूसलाधार बारिश ने राज्य के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। खासतौर पर गंजाम और गजपति जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। कहीं सड़कें पानी में डूब गई हैं, तो कहीं घरों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। कई गांवों का संपर्क भी आसपास के इलाकों से कट गया है।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में भंजनगर की सड़कों पर पानी भरा दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर जलभराव इतना ज्यादा है कि सामान्य आवाजाही मुश्किल हो गई है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।
गंजाम में 42 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित, 22 गांव बाढ़ से घिरे
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, गंजाम जिले में बाढ़ और भारी बारिश से करीब 42,500 लोग प्रभावित हुए हैं। जिले के 22 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इन इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत पहुंचाने के लिए बचाव दलों को तैनात किया गया है।
वहीं, गजपति जिले में वंशधारा और महेंद्रतनया नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। लगातार बारिश के कारण प्रशासन को हालात पर नजर बनाए रखनी पड़ रही है।
24 घंटे में 546 मिलीमीटर बारिश, कई इलाकों में रिकॉर्ड जलभराव
ओडिशा में बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गंजाम जिले के पात्रापुर में 24 घंटे के भीतर 546 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, सोरड़ा में इसी अवधि के दौरान 503 मिलीमीटर बारिश हुई।
इतनी भारी बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। निचले इलाकों में पानी जमा होने से घरों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर असर पड़ा है। कई जगहों पर सड़कें क्षतिग्रस्त होने की भी खबर है।
NDRF और ODRAF की टीमें तैनात, हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए ओडिशा सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में NDRF, ODRAF और फायर सर्विस की कुल 313 टीमें तैनात की गई हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के नौ जिलों से करीब 59 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा, बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टर की भी मदद ली गई।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरतमंदों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की व्यवस्था की जा रही है। बचाव दल लगातार उन क्षेत्रों पर ध्यान दे रहे हैं, जहां पानी भरने के कारण लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
सड़क और रेल सेवाएं प्रभावित, 31 अक्टूबर तक स्कूल-कॉलेज बंद
भारी बारिश और बाढ़ का असर यातायात पर भी पड़ा है। कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि कुछ रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। इससे लोगों की आवाजाही के साथ-साथ राहत और बचाव कार्यों में भी चुनौतियां सामने आ रही हैं।
स्थिति को देखते हुए गंजाम और गजपति जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को 31 अक्टूबर तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन का जोर फिलहाल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने पर है।
चक्रवात कमजोर, लेकिन बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
चक्रवात अर्नब का प्रभाव कमजोर पड़ने के बावजूद ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश की आशंका बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित जिलों में लगातार हालात पर नजर रख रही हैं।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना, उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना और कटे हुए गांवों तक राहत पहुंचाना है। चक्रवात के बाद आई भारी बारिश ने ओडिशा के सामने एक नई आपदा खड़ी कर दी है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और राहत कार्यों की रफ्तार यह तय करेगी कि प्रभावित इलाकों में जनजीवन कब तक सामान्य हो पाएगा।
