Tibet Earthquake 2026: तिब्बत में 7.0 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही, 16 लोगों की मौत, सैकड़ों मकान ढहे
Tibet Earthquake 2026: चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत में गुरुवार रात आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। उत्तरी तिब्बत के नागकू (Nagqu) क्षेत्र में 7.0 तीव्रता के भूकंप से कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, भूकंप के कारण सैकड़ों मकान ढह गए और कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं।
Tibet Earthquake 2026: रात में आया शक्तिशाली भूकंप, घरों से बाहर निकले लोग
रिपोर्ट्स के अनुसार, भूकंप गुरुवार, 22 अक्टूबर की रात करीब 10:33 बजे स्थानीय समय पर आया। इसका केंद्र उत्तरी तिब्बत के नागकू क्षेत्र के एक कम आबादी वाले पहाड़ी इलाके में था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र नागकू शहर से लगभग 190 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में स्थित था।
भूकंप के तेज झटकों से प्रभावित इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय मीडिया की ओर से जारी वीडियो में लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाते देखा गया। कई मकानों के ढहने और इमारतों में दरारें आने की खबरें भी सामने आई हैं।
16 लोगों की मौत, दर्जनों घायल
चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई और 32 लोग घायल हुए। बाद की रिपोर्टों में घायलों की संख्या 46 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई। अधिकारियों के मुताबिक, घायलों का इलाज जारी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
नागकू क्षेत्र में कम से कम 339 मकानों और 20 पशुशालाओं के ढहने की सूचना दी गई है। इन आंकड़ों के आधार पर प्रभावित परिवारों के सामने आवास और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन गया है।
राहत और बचाव अभियान जारी
भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 1,600 से अधिक कर्मियों को अभियान में लगाया गया है। प्रभावित लोगों की मदद के लिए टेंट, अस्थायी आवास, बिस्तर और सर्दियों में इस्तेमाल होने वाले कपड़े भी भेजे गए हैं।
प्रशासन के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना और बेघर हुए परिवारों को आश्रय देना है।
आफ्टरशॉक्स और खराब मौसम से बढ़ सकती हैं मुश्किलें
मुख्य भूकंप के बाद क्षेत्र में कई छोटे झटके भी दर्ज किए गए हैं। ऐसे आफ्टरशॉक्स से पहले से क्षतिग्रस्त इमारतों और राहत कार्यों पर अतिरिक्त जोखिम पैदा हो सकता है। इसके अलावा, क्षेत्र की अधिक ऊंचाई और ठंडा मौसम बचाव अभियान को कठिन बना सकते हैं।
भूकंप के कारण कुछ इलाकों में रेल सेवाएं रोकने और सड़कों पर मलबा गिरने से यातायात प्रभावित होने की भी खबरें हैं। अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य करने के प्रयास कर रहे हैं।
नुकसान का आकलन जारी
तिब्बत में आए इस शक्तिशाली भूकंप के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने और क्षतिग्रस्त इमारतों का आकलन करने में जुटा है। आने वाले समय में मृतकों, घायलों और संपत्ति के नुकसान से जुड़े आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।
