Blue Bottle Outside House: घरों के बाहर नीली या लाल पानी की बोतलें क्यों टांगी जाती हैं? जानिए इसके पीछे की सच्चाई
Blue Bottle Outside House: अगर आपने कभी किसी गली या मोहल्ले में घूमते हुए ध्यान दिया हो, तो कई घरों के गेट या दीवार के पास पानी से भरी नीली या लाल रंग की प्लास्टिक की बोतलें लटकी हुई दिखाई देती हैं। कुछ लोग इसे देसी जुगाड़ बताते हैं, तो कुछ इसे अंधविश्वास मानते हैं। कई जगहों पर लोग इसे एक ऐसा तरीका मानते हैं जिससे घर के आसपास आवारा कुत्ते और बिल्लियां गंदगी नहीं करते।
लेकिन क्या वाकई इन रंगीन बोतलों का जानवरों पर कोई असर पड़ता है? या यह सिर्फ एक लोक मान्यता है? आइए इस पूरे मामले को आसान भाषा में समझते हैं।
क्यों टांगी जाती हैं रंगीन पानी की बोतलें?
Dog Color Vision Myth के चलते कई लोग अपने घरों के बाहर नीली या लाल रंग की पानी भरी बोतलें टांग देते हैं, ताकि आवारा कुत्ते, बिल्लियां या अन्य जानवर घर के पास न आएं। कुछ लोगों का मानना है कि जब सूरज की रोशनी इन बोतलों पर पड़ती है, तो उससे निकलने वाली चमक और रंग जानवरों को भ्रमित कर देते हैं।
लोगों का यह भी विश्वास है कि कुत्तों को नीला रंग ज्यादा साफ दिखाई देता है। इसलिए जब वे ऐसी बोतलें देखते हैं, तो उन्हें लगता है कि वहां कोई खतरा या अजीब चीज मौजूद है। इसी वजह से वे उस जगह से दूर रहते हैं और घर के आसपास गंदगी नहीं करते।
यही कारण है कि कई शहरों और कस्बों में यह तरीका तेजी से लोकप्रिय हो गया है।
कई जगहों पर लाल बोतलें भी दिखती हैं
Red Blue Bottle Myth को लेकर अक्सर यह देखा जाता है कि नीली बोतलों के अलावा कई जगहों पर लाल रंग की पानी भरी बोतलें भी टंगी होती हैं। लाल बोतल लगाने वाले लोगों की सोच भी लगभग वही होती है। उनका मानना है कि लाल रंग भी जानवरों को दूर रखने या डराने में मदद करता है।
हालांकि इन दोनों रंगों को लेकर लोगों की मान्यताएं अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन वैज्ञानिक रूप से इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है कि इन रंगों की बोतलों से जानवर वास्तव में डरते हैं।
क्या कहता है विज्ञान?
अगर वैज्ञानिक नजरिए से इस बात को देखें, तो विशेषज्ञ इसे मिथक या अंधविश्वास मानते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार कुत्तों की आंखें इंसानों से अलग तरह से काम करती हैं।
कुत्तों को पूरी तरह से कलर ब्लाइंड नहीं कहा जा सकता, लेकिन वे इंसानों की तरह सभी रंग साफ नहीं देख पाते। वे मुख्य रूप से नीले और पीले रंग के कुछ शेड्स ही पहचान पाते हैं, जबकि बाकी रंग उन्हें अलग तरीके से दिखाई देते हैं।
लेकिन इस बात का कोई ठोस वैज्ञानिक सबूत नहीं मिला है कि कुत्ते नीली या लाल बोतल देखकर डर जाते हैं या वहां आने से बचते हैं।
फिर भी क्यों लोकप्रिय है यह तरीका?
हालांकि वैज्ञानिक आधार कमजोर है, लेकिन फिर भी यह तरीका कई जगहों पर काफी लोकप्रिय है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यह बहुत सस्ता और आसान उपाय है।
कई लोग कहते हैं कि बोतलें लगाने के बाद उनके घर के आसपास जानवर कम आने लगे। हालांकि यह पूरी तरह साबित नहीं किया जा सकता कि इसकी वजह बोतलें ही हैं।
कुछ मामलों में यह भी हो सकता है कि बोतलों से पड़ने वाली रोशनी या चमक कुछ समय के लिए जानवरों को असहज कर दे।
क्या गायों पर असर होता है?
कई लोग यह भी पूछते हैं कि क्या यह तरीका गायों को भी दूर रखने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका गायों पर लगभग कोई असर नहीं होता।
गायें स्वभाव से जिज्ञासु होती हैं और स्थिर चीजों से जल्दी नहीं डरतीं। कुछ समय बाद वे इन बोतलों की आदी हो जाती हैं और उन्हें नजरअंदाज करने लगती हैं।
जानवरों को दूर रखने के बेहतर उपाय
अगर आप सच में अपने घर के आसपास जानवरों को आने से रोकना चाहते हैं, तो कुछ बेहतर तरीके अपनाए जा सकते हैं।
सबसे आसान तरीका है मजबूत गेट या बाड़ लगाना। इसके अलावा आजकल बाजार में ऐसे सेंसर वाले स्प्रे भी मिलते हैं जो किसी जानवर के पास आने पर पानी की बौछार कर देते हैं।
कुछ लोग प्राकृतिक तरीके भी अपनाते हैं जैसे तीखी गंध वाले घोल का छिड़काव करना, जिससे जानवर उस जगह से दूर रहते हैं।
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