50 फाइटर जेट्स से इजराइल का हमला, Iran vs Israel conflict में हूती विद्रोहियों की एंट्री
जंग के 28वें दिन हालात और बिगड़ गए हैं, क्योंकि अब यमन के हूती विद्रोही भी इस संघर्ष में शामिल हो गए हैं।
मध्य पूर्व में जारी Iran vs Israel conflict अब और अधिक खतरनाक मोड़ लेता नजर आ रहा है। जंग के 28वें दिन हालात और बिगड़ गए हैं, क्योंकि अब यमन के हूती विद्रोही भी इस संघर्ष में शामिल हो गए हैं। ताजा घटनाक्रम में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ गई है।
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Toggleईरान में इजराइल के बड़े हवाई हमले
Israel ने शुक्रवार रात Iran के अंदर कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए। इजराइली सेना के मुताबिक करीब 50 फाइटर जेट्स की मदद से यह ऑपरेशन चलाया गया, जो कई घंटों तक जारी रहा।
हमलों में अराक और यज्द जैसे रणनीतिक रूप से अहम इलाकों को निशाना बनाया गया। सेना का दावा है कि ये हमले सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए, जिनका उद्देश्य ईरान के सैन्य ढांचे को कमजोर करना था।
परमाणु और मिसाइल ठिकाने निशाने पर
इजराइल ने जिन ठिकानों पर हमला किया, उनमें हथियार निर्माण से जुड़ी फैक्ट्रियां और मिसाइल सिस्टम के पुर्जे बनाने वाले प्लांट शामिल थे। खासतौर पर अराक में स्थित हेवी वॉटर प्लांट को निशाना बनाया गया, जिसे इजराइल ने परमाणु हथियार कार्यक्रम के लिए अहम बताया है।
यज्द में भी उस प्लांट पर हमला किया गया, जहां यूरेनियम संवर्धन के लिए जरूरी विस्फोटक सामग्री तैयार की जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों का मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम की रफ्तार को धीमा करना है।
सऊदी एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन अटैक
हमलों के जवाब में Iran ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए Saudi Arabia के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर 6 बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 ड्रोन दागे। इस हमले में कम से कम 15 सैनिक घायल हो गए, जिनमें 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इसके अलावा ईरान ने Tel Aviv में भी ड्रोन हमले किए, जहां सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरानी सेना का दावा है कि ये हमले इजराइल के आक्रामक रुख का जवाब हैं।
UAE और हूती विद्रोहियों की भूमिका
इस संघर्ष में अब क्षेत्रीय शक्तियों की भूमिका भी बढ़ती दिख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक United Arab Emirates भी अमेरिका और इजराइल के साथ इस जंग में शामिल हो सकता है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ हफ्तों में ईरान ने UAE पर 2200 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिनमें से अधिकांश को एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया।
वहीं, यमन के हूती विद्रोहियों के शामिल होने से जंग का दायरा और बढ़ गया है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता की आशंका और गहरा गई है।
इराक के ऑयलफील्ड पर ड्रोन गिरा
इसी बीच Iraq के दक्षिणी हिस्से में स्थित मजनून ऑयलफील्ड में एक ड्रोन गिरने की घटना सामने आई। हालांकि वह फटा नहीं, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। यह क्षेत्र देश के सबसे अहम तेल उत्पादन केंद्रों में से एक है, इसलिए यहां किसी भी हमले से वैश्विक तेल बाजार पर असर पड़ सकता था।
पाकिस्तान की पहल
बढ़ते तनाव के बीच Shehbaz Sharif ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर बातचीत की। करीब एक घंटे चली इस बातचीत में दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति बहाल करने के उपायों पर चर्चा की।
बताया जा रहा है कि जल्द ही इस्लामाबाद में तुर्किये, मिस्र, सऊदी अरब और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बैठक होने वाली है, जिसमें इस संकट का कूटनीतिक समाधान तलाशने की कोशिश की जाएगी।
लेबनान में अलर्ट
Lebanon में भी हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के 7 गांवों के लोगों को तुरंत इलाका खाली करने का आदेश दिया है। लोगों को जहरानी नदी के उत्तर की ओर जाने के लिए कहा गया है।
इस फैसले के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं, जिससे मानवीय संकट की स्थिति बनने लगी है।
स्थिति बेहद गंभीर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। वैश्विक तेल सप्लाई, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सुरक्षा पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, यह जंग अब सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप लेती जा रही है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
