Iran Wrestler Execution: 19 साल के Champion को फांसी, क्या ये Political Killing है? Saleh Mohammadi Case Explained
Iran Wrestler Execution: दुनिया इस वक्त अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर नजर रखे हुए है। इसी बीच ईरान से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। ईरान सरकार ने अपने ही देश के 19 साल के उभरते रेसलिंग चैंपियन सालेह मोहम्मदी समेत तीन युवाओं को सरेआम फांसी दे दी।
यह सिर्फ एक सजा नहीं, बल्कि एक बड़ा सवाल भी है—क्या यह कानून का फैसला है या विरोध की आवाज़ को दबाने की कोशिश?
कौन था सालेह मोहम्मदी?
सालेह मोहम्मदी सिर्फ 19 साल का था, लेकिन उसने बहुत कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना ली थी। वह ईरान की राष्ट्रीय फ्रीस्टाइल रेसलिंग टीम का हिस्सा था और 2024 में रूस में हुए Saytiyev International Cup में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका था।
यानी एक ऐसा खिलाड़ी, जो देश का नाम रोशन कर रहा था… आज वही खिलाड़ी फांसी के फंदे पर झूल गया।
क्या था आरोप?
Saleh Mohammadi Case में ईरान सरकार के अनुसार, सालेह मोहम्मदी और उसके दो साथियों—सईद दावोदी और मेहदी घासेमी—पर आरोप था कि उन्होंने 8 जनवरी 2026 को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दो पुलिसकर्मियों की हत्या की।
इन पर सबसे गंभीर आरोप लगाया गया “खुदा के खिलाफ जंग छेड़ना” (Moharebeh)
ईरान में इस अपराध की सजा सीधी मौत है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, तीनों को कोम (Qom) शहर में भीड़ के सामने फांसी दी गई।
https://x.com/IHRights/status/2034639566221496641?s=20
मानवाधिकार संगठनों का बड़ा आरोप
इस पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। Iran Human Rights (IHRNGO) और Amnesty International का कहना है—
- आरोपियों को टॉर्चर किया गया
- उनसे जबरन जुर्म कबूल करवाया गया
- उन्हें निष्पक्ष सुनवाई का मौका नहीं मिला
संगठन के डायरेक्टर महमूद अमीरी-मोघद्दाम ने कहा—“यह एक गैर-कानूनी हत्या है, जिसका मकसद सिर्फ डर पैदा करना है।”
क्या यह सिर्फ शुरुआत है?
सबसे डराने वाली बात यह है कि यह मामला अकेला नहीं हो सकता। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 तक ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को डर है कि आने वाले दिनों में और भी प्रदर्शनकारियों को फांसी दी जा सकती है।
“राजनीतिक हत्या” का आरोप
ईरानी एथलीट और एक्टिविस्ट नीमा फार ने इस घटना को साफ तौर पर राजनीतिक हत्या “Political Killing” बताया। उन्होंने कहा “सरकार एथलीट्स को निशाना बना रही है ताकि समाज में डर बैठाया जा सके और कोई आवाज़ न उठे।” उन्होंने 2020 में फांसी दिए गए रेसलर नविद अफकारी का भी जिक्र किया, जिसके बाद दुनियाभर में भारी विरोध हुआ था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुस्सा
इस घटना के बाद सोशल मीडिया से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक गुस्सा देखने को मिल रहा है। ईरान के पूर्व शाह के बेटे रेज़ा पहलवी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा “ये युवा अब आज़ादी के प्रतीक बन गए हैं, उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।”
साथ ही मांग उठ रही है कि—
- ईरान को अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं से बैन किया जाए
- राजनीतिक कैदियों को तुरंत रिहा किया जाए
- और फांसी की सजा पर रोक लगे
आखिर सच क्या है?
यह मामला सिर्फ तीन लोगों की फांसी का नहीं है। यह उस सिस्टम पर सवाल है जहां—
- न्याय प्रक्रिया पर शक है
- विरोध करने वालों को सख्ती से दबाया जा रहा है
- और युवाओं की आवाज़ को खत्म किया जा रहा है
क्या सालेह मोहम्मदी सच में दोषी था?
या वह एक ऐसा युवा था, जो सिस्टम के खिलाफ खड़ा हो गया था?
निष्कर्ष
ईरान में सालेह मोहम्मदी की फांसी एक बड़ा संदेश देती है— सत्ता के खिलाफ आवाज उठाना कितना भारी पड़ सकता है। लेकिन साथ ही यह भी सच है कि जितना दबाव बढ़ता है, उतनी ही तेज आवाज भी उठती है।
यह भी पढ़े








Manergy is an advanced male vitality supplement created to help support healthy testosterone levels
NerveGenics is a naturally formulated nerve-health supplement created to promote nerve comfort, cellular energy support, antioxidant defense