INDIA Bloc Meeting 2026: विपक्षी दलों ने दिखाई एकजुटता, BJP को 2029 में चुनौती देने की रणनीति पर मंथन
नई दिल्ली। केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा सरकार के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करने और विपक्षी एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से सोमवार को नई दिल्ली में INDIA Bloc Meeting 2026 आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी), सीपीआई समेत कई प्रमुख विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया।
बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव तथा जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला मौजूद रहे। वहीं शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
INDIA Bloc Meeting 2026 में विपक्षी एकता पर जोर
बैठक की शुरुआत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी दलों की एकजुटता को लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में विपक्ष ने एकजुट होकर परिसीमन (Delimitation) से जुड़े विधेयकों को पराजित कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया था।
खड़गे ने कहा कि अब उसी भावना को और अधिक मजबूत करते हुए देश के सामने मौजूद राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरने की जरूरत है।
मोदी सरकार पर साधा निशाना
बैठक के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संविधान पर लगातार हमला किया जा रहा है और जांच एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को डराने तथा परेशान करने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश का आर्थिक माहौल बेहद निराशाजनक है और नए निवेश उस गति से नहीं आ रहे हैं, जिससे युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा हो सकें।
रोजगार और परीक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली के प्रबंधन में गंभीर खामियां हैं, जिससे लाखों युवाओं के सपनों को झटका लगा है।
खड़गे ने कहा कि रोजगार के अवसरों की कमी और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं ने युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विपक्ष इन मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगा।
ममता बनर्जी और अखिलेश यादव की मौजूदगी रही चर्चा में
हाल के दिनों में विपक्षी गठबंधन में मतभेदों की खबरों के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बैठक में शामिल होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक INDIA गठबंधन की एकजुटता का संदेश देने का प्रयास है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बैठक से पहले कहा कि एजेंडा पर सभी सहयोगी दल सामूहिक रूप से निर्णय लेंगे। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को समय की आवश्यकता बताया।
शिवसेना (UBT) ने दोहराई गठबंधन के प्रति प्रतिबद्धता
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी INDIA गठबंधन की प्रतिबद्ध सदस्य बनी हुई है। उन्होंने कहा कि गठबंधन को और अधिक मजबूत तथा प्रभावी बनाने की आवश्यकता है ताकि देश के सामने मौजूद चुनौतियों का मिलकर सामना किया जा सके।
राउत ने कहा कि विपक्षी दल 2029 के लोकसभा चुनाव में एकजुट होकर भाजपा को चुनौती देने की दिशा में काम करेंगे।
CPI ने बताया महत्वपूर्ण
सीपीआई महासचिव डी. राजा ने कहा कि काफी समय बाद INDIA गठबंधन की यह महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। उनके अनुसार गठबंधन के घटक दलों के सामने कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर व्यापक चर्चा और साझा रणनीति की जरूरत है।
BJP ने किया पलटवार
वहीं भाजपा ने INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर तंज कसते हुए कहा कि यह गठबंधन केवल कल्पना मात्र है और जमीन पर इसकी कोई ठोस एकजुटता दिखाई नहीं देती। भाजपा नेताओं का दावा है कि विपक्ष के पास न तो स्पष्ट नेतृत्व है और न ही कोई साझा विजन।
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