Amit Shah vs Rahul Gandhi: अमित शाह बोले- हर सवाल का जवाब देने को तैयार, राहुल गांधी ने किया पलटवार
Amit Shah vs Rahul Gandhi: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि वे 24 घंटे संसद में बैठकर हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं। इस पर राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई का जवाब मांगा। संसद में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है।
Amit Shah vs Rahul Gandhi: अमित शाह हर मुद्दे का जवाब देने को त्यार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि वह विपक्ष की चिंताओं को सुनने और हर मुद्दे का जवाब देने के लिए आज दोपहर 3 बजे से अगले दिन दोपहर 3 बजे तक संसद में बैठने को तैयार हैं। यह बयान छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच आया है।
अमित शाह का यह प्रस्ताव विपक्ष के उन विरोध प्रदर्शनों के बीच आया, जिसमें 20 जुलाई को NEET पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों के मार्च के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर संसद में गृह मंत्री के बयान की मांग की जा रही है। मीडिया से बात करते हुए शाह ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि वह संसद से गायब थे। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।
‘लापता’ और ‘भाग गए’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल
शाह ने कहा कि ‘लापता’ और ‘भाग गए’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल अब भारतीय सार्वजनिक और संसदीय जीवन में बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सत्र शुरू होने के बाद से वह नियमित रूप से संसद आ रहे हैं और अपने चैंबर में मौजूद रहते हैं। लेकिन उनके मुताबिक, विपक्ष दोनों सदनों में संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है, ऐसे में वह क्या कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार छात्र प्रदर्शनों के मुद्दे पर पूरी चर्चा के लिए तैयार है। शाह के मुताबिक, सरकार ने चर्चा के लिए समय तय करने और विपक्ष के तैयार रहने की मांग की थी। शाह ने कहा कि विपक्ष की शुरुआती मांग ही इस मुद्दे पर चर्चा की थी और सरकार इसके लिए तैयार हो गई थी। उन्होंने कहा कि वह संसद में हर सवाल का जवाब देने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन विपक्ष चर्चा होने ही नहीं दे रहा।
शाह ने कहा, “अब जनता तय करे कि भाग कौन रहा है।”
विपक्ष से कहा कि आज दोपहर 3 बजे तक स्पीकर को पत्र सौंपें। शाह के मुताबिक, सरकार आज 3 बजे से कल 3 बजे तक इस मुद्दे के हर पहलू पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि वह सदन में बैठेंगे, सभी की बात सुनेंगे और हर सवाल का जवाब देंगे। सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अगर चाहे तो इस बात पर भी चर्चा कर सकता है कि अब तक बहस क्यों नहीं हो पाई।
शाह ने आगे कहा कि मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, बस विपक्ष को संसद की कार्यवाही चलने देनी होगी। उन्होंने विपक्ष से दोपहर 2 बजे तक स्पीकर को पत्र देने को कहा और कहा कि 3 बजे से चर्चा शुरू की जा सकती है, जिसका जवाब वह अगले दिन 3 बजे तक देंगे। शाह ने यह भी कहा कि संसद में गंभीर मुद्दों पर तय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत विस्तृत चर्चा होती है, सिर्फ बयान देना संसदीय तरीका नहीं है।
राहुल गांधी का पलटवार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमित शाह के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष गृह मंत्री से कोई लेक्चर नहीं, बल्कि छात्रों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर जवाब चाहता है। बल्कि देश की युवा पीढ़ी छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के जवाब चाहती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर गोली किसने चलाई और कील लगी लाठियों से उन्हें पीटने का आदेश किसने दिया? राहुल गांधी ने कहा कि अगर इसका आदेश अमित शाह ने दिया था, तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 20 दिनों से गृह मंत्री संसद से गायब हैं और उनमें सदन में आने की हिम्मत नहीं है।
राहुल गांधी ने आगे कहा, “क्या गृह मंत्री अमित शाह ने हमारे बच्चों पर गोली चलाने का आदेश दिया था या नहीं? अगर उन्होंने आदेश दिया था, तो वे दोषी हैं और अगर उन्होंने आदेश नहीं दिया, तो वे अक्षम हैं।”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने X पर भी शेयर किया वीडियो
X पर भी अपने बयान का वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा कि “जब किसी व्यक्ति में सच बोलने की हिम्मत नहीं होती, तो उसकी खामोशी बहुत कुछ कहती है। अमित शाह की खामोशी उनका इकबाल-ए-जुर्म है।”
केंद्र बनाम विपक्ष
विपक्ष लगातार अमित शाह की संसद में मौजूदगी और जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर उनके बयान की मांग कर रहा है। इससे पहले दिन में, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन अयोध्या के राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी और छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर किया गया।
प्रियंका गांधी ने भी छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग को लेकर सरकार से सवाल किए। वहीं, INDIA ब्लॉक के सांसद तीन हफ्ते से ज्यादा समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और अमित शाह की सदन में मौजूदगी के साथ उनके बयान की मांग कर रहे हैं। इससे पहले सोमवार को संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा था कि सरकार छात्र आंदोलन के मुद्दे पर पूरी और विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि जब अमित शाह इस मुद्दे पर जवाब दें, तो सदन की कार्यवाही बाधित न की जाए।
रिजिजू ने विपक्ष से क्या अपील ?
रिजिजू ने कहा कि उनकी विपक्ष से सिर्फ इतनी अपील है कि जब गृह मंत्री बयान दें और जवाब दें, तब विपक्ष सदन में हंगामा न करे। उन्होंने कहा कि विपक्ष को गृह मंत्री और सरकार का जवाब सुनना चाहिए और चर्चा शुरू होने के बाद हर पहलू पर विस्तार से बात होनी चाहिए।
रिजिजू का यह बयान राहुल गांधी द्वारा 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र की आलोचना और कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग के बाद आया। वहीं, मानसून सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही लगातार बाधित हुई है। जारी गतिरोध के बीच लोकसभा में कई विधेयक भी पारित किए जा चुके हैं।
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