राजस्थान का छोटा सा शहर Sikar आज देशभर में “एजुकेशन हब” के रूप में तेजी से पहचान बना चुका है।
राजस्थान का छोटा सा शहर Sikar आज देशभर में “एजुकेशन हब” के रूप में तेजी से पहचान बना चुका है।
राजस्थान का छोटा सा शहर Sikar आज देशभर में “एजुकेशन हब” के रूप में तेजी से पहचान बना चुका है। कभी पारंपरिक शहर के तौर पर जाना जाने वाला सीकर अब मेडिकल, इंजीनियरिंग, डिफेंस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए देश के टॉप डेस्टिनेशन में शामिल हो गया है। इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा योगदान Prince Education Hub का माना जा रहा है, जिसने शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मॉडल स्थापित किया है।
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Toggleप्रिंस एजुकेशन हब लगातार देशभर में टॉप रैंक देने के लिए जाना जाता है। हाल के वर्षों में यहां के विद्यार्थियों ने कई बड़े एग्जाम्स में इतिहास रचा है।
हर साल IIT-JEE, NEET, CLAT, CA Foundation और अन्य परीक्षाओं में हजारों छात्रों का चयन इस संस्थान से हो रहा है, जो इसकी गुणवत्ता को दर्शाता है।
प्रिंस का सबसे बड़ा आकर्षण उसका कॉम्पिटिशन स्कूलिंग मॉडल है, जिसमें कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों को नियमित पढ़ाई के साथ-साथ ओलंपियाड और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती है।
IOQM, NSEJS, IMO, IJSO और STSE जैसे एग्जाम्स में यहां के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। STSE में राजस्थान स्तर पर टॉप-3 स्थानों के साथ 278 से ज्यादा छात्रों का चयन होना इस मॉडल की सफलता को दिखाता है।
यह मॉडल इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें बच्चों की पर्सनैलिटी ग्रूमिंग, स्पोर्ट्स और एक्स्ट्रा एक्टिविटीज पर भी बराबर ध्यान दिया जाता है, जिससे उनका समग्र विकास होता है।
सीनियर क्लासेस में Prince Education Hub IIT-JEE, NEET, NDA, CLAT, CUET जैसे एग्जाम्स के लिए विशेष कैंपस और अनुभवी फैकल्टी उपलब्ध कराता है।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रिंस केवल कोचिंग ही नहीं, बल्कि करियर बनाने का मजबूत प्लेटफॉर्म बन चुका है।
PCP (Prince Career Pioneer) प्रोग्राम के तहत NEET और JEE की तैयारी कराने वाला प्रिंस आज अभिभावकों की पहली पसंद बन चुका है।
एक ही कैंपस में कोचिंग, हॉस्टल, लाइब्रेरी और डाउट काउंटर जैसी सुविधाएं इसे अन्य संस्थानों से अलग बनाती हैं।
प्रिंस के सभी कैंपस मोबाइल फ्री जोन हैं, जिससे छात्र पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे पाते हैं। अभिभावकों से बातचीत के लिए फोन बूथ और डिजिटल कॉलिंग सुविधाएं दी गई हैं।
साथ ही, रिटायर्ड सैनिकों द्वारा संचालित कम्युनिटी पुलिस 24×7 सुरक्षा सुनिश्चित करती है, जिससे छात्रों को सुरक्षित और अनुशासित माहौल मिलता है।
यहां केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि ऑफिसर्स लाइक क्वालिटीज (OLQs), कम्युनिकेशन स्किल्स और लीडरशिप पर भी विशेष फोकस किया जाता है।
हर छात्र को एक पर्सनल मेंटर दिया जाता है, जो उसकी पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक और व्यक्तिगत समस्याओं में भी मार्गदर्शन करता है। यही वजह है कि यहां का “स्टूडेंट केयर सिस्टम” काफी प्रभावी माना जाता है।
प्रिंस के कैंपस में इंटरनेशनल लेवल के स्पोर्ट्स ग्राउंड और कोचिंग की सुविधा है। 2025-26 में 100+ छात्र राष्ट्रीय स्तर और 300+ छात्र राज्य स्तर पर चयनित हुए।
इसके अलावा, 10% से 100% तक स्कॉलरशिप और “कलाम सक्षम योजना” के तहत गरीब छात्रों को मुफ्त शिक्षा और हॉस्टल सुविधा भी दी जा रही है।
आज Sikar में प्रिंस एजुकेशन हब के 13 से अधिक बड़े कैंपस हैं, जहां देशभर से छात्र पढ़ने आते हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि प्रिंस ने सीकर को एक छोटे शहर से देश की एजुकेशन कैपिटल बना दिया है।
बदलते समय में जहां शिक्षा का स्तर और प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, वहीं प्रिंस एजुकेशन हब जैसे संस्थान छात्रों को उनके सपनों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
