Fuel Price Update: Petrol-Diesel के दाम पर बड़ा अपडेट, Oil Minister के बयान के बाद क्या बदला?
Fuel Price Update: Petrol-Diesel के नए रेट 3 जुलाई 2026 को देशभर में जारी किए गए। सरकारी तेल कंपनियों इंडियन आयल (IOCL), हिन्दुस्तान पेट्रोलियम(HPCL), भारत पेट्रोलियम(BPCL) ने आज भी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। इससे एक दिन पहले केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हदीप सिंह पूरी ने कहा था की मौजूद हालात में पेट्रोल डीजल के दाम काम करने का कोई औचित्य नहीं है।
आज जारी हुए पेट्रोल डीजल के नए रेट
सरकारी तेल कंपनियों ने शुक्रवार सुबह 6 बजे देशभर में पेट्रोल डीजल के नए दाम जारी किए। कंपनियों ने 25 मई 2026 के बाद से कीमतों में कोई संशोधन नहीं ककिया है, यानी करीब एक महीने से अधिक समय से भाव स्थिर बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों ने फ़िलहाल खुदरा कीमतों में बलाव नहीं किया है।
चारों महानगरों में पेट्रोल-डीजल का भाव
राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल का दाम 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है।
कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है। चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 107.77 रुपये और डीजल की कीमत 99.55 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। चारों महानगरों में आज किसी भी तरह का बदलाव नहीं हुआ है।
अन्य शहरों में भी दाम स्थिर
दिल्ली से सटे नोएडा में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 97.56 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। चंडीगढ़ में पेट्रोल का भाव 101.51 रुपये और डीजल का भाव 89.47 रुपये प्रति लीटर है। लखनऊ में पेट्रोल 101.89 रुपये और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध हैं। पटना में पेट्रोल 113.37 रुपये और डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर, रांची में पेट्रोल 105.26 रुपये और डीजल 100.49 रुपये प्रति लीटर तथा भोपाल में पेट्रोल 114.57 रुपये और डीजल 99.64 रुपये प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है।
दाम काम क्यों नहीं हो रहे, मंत्री ने बताई वजह
गुरुवार, 2 जुलाई को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने प्रेस वार्ता में कहा की मौजूदा हालात में खुदरा ईंधन कीमतें कम करने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने बताया की तेल को प्रोसेस कर रही है, जिए पश्चिम एशिया संकट के चरम पर ऊंची कीमत पर ख़रीदा गया था। पूरी ने कहा की अगर आने वाले दो से तीन महीनों तक कच्चे तेल की कीमतें स्थिर और कम बानी रहती है, तभी दाम घटाने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया की तेल खरीद, परिवहन, रिफाइनिंग और वितरण की पूरी प्रक्रिया में समय लगता है, इसलिए वैश्विक कीमतों में कमी का फायदा उपभोक्ताओं तक पहुँचने में देरी होती है।
तेल कपनियों को हुआ भारी नुक्सान
मंत्री ने बताया की सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को 30 जून 2026 तक पेट्रोल, डीजल और एलपीजी को लागत से कम कीमत पर बेचने के कारन करीब 74,781 करोड़ रुपये का नुक्सान हुआ। यह नुक्सान पश्चिम एशिया संगर्ष के दौरान कच्चे तेल की कीमांतों में हुई बढ़ोतरी के कारन हुआ।
उन्होंने बताया की इस संकर के दौरान भी देश में ईंधन आपूर्ति में कोई बंधा आई और किसी पम्प पर लम्बी कतारें नहीं देखि गई। पिछले चार वर्षों में पेट्रोल की कीमत में केवल 5.58 प्रतिशत और ईएसएल में 6.23 प्रतिशत की ही बढ़ोतरी हुई है।
पेट्रोल डीजल की कीमत कैसे तय होती है?
भारत में पेट्रोल डीजल के दाम कई कारकों पर निर्भर करते हैं। इनमे कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत, रुपये डॉलर विनियम दर, रिफाइनिंग व परिवहन लागत, केंद्र राज्य सरकारों के टैक्स और डीलर कमीशन शामिल है। इन्ही आधार पर तेल कम्पनियाँ हर दिन सुबह 6 बजे नै कीमतें जारी करती है।
आगे कब मिलेगी राहत?
फिलहाल सरकारी तेल कंपनियों ने कीमाओं में रहत को लेकर कोई नै घोषणा नहीं की है। ऐसे में देशभर के अधिकतर पेट्रोल पम्पो पर उपभोक्ताओं को पुराने रेट पर ही पेट्रोल डीजल खरीदना पड़ रहा है।अब सबकी नज़रे आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों और सरकार के अगले फैसले पर तिकी हुई है।
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