Nepal Gen-Z Protest: जिन्होंने बालें शाह को सत्ता दिलाई, अब वही कर रहे विरोध, नेपाल में फिर सडकों पर उतरा Gen-Z
Nepal Gen-Z Protest: नेपाल की राजधानी काठमांडू में एक बार फिर बड़ा प्रदर्शन हुआ है। जिन Gen-Z युवाओं ने पिछले साल आंदोलन करके बालेन शाह को सत्ता दिलाई थी, अब वही युवा उनकी सरकार के खिलाफ सडकों पर उतर आए हैं। यह प्रदर्शन झुग्गी बस्तियों को हटाने के सरकारी फैसले के विरोध में हो रहा है।
काठमांडू में फिर सडकों पर उतरा Gen-Z
रविवार, 12 जुलाई को काठमांडू में सैंकड़ो लोगों ने प्रदर्शन किआ। यह प्रदर्शन सिंहदरबार सचिवालय के सामने मैतीघर मंडला में हुआ। इसे संयुक्त राष्ट्रीय भूमिहीन मोर्चा नाम के संगठन ने बुलाया था। प्रदर्शनकारी भूमिहीन झुग्गीवासियों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाने के सरकारी फैसले का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में “गरीबों पर अत्याचार बंद करो”, “मानवाधिकारों का सम्मान करो”, “अवैध गिरफ्तारियां बंद करो” और “भूमिहीन झुग्गीवासियों को आश्रय दो” जैसी तख्तियां थी।
झुग्गी बस्तियां हटाने से भड़का गुस्सा
काठमांडू महानगरपालिका पुलिस ने अप्रैल 2026 से झुग्गी बस्तियां हटाने का अभियान शुरू किया था। सरकार इसे अतिक्रमण हटाओ अभियान बता रही है। इस अभियान में अब तक 2600 से ज्यादा परिवारों को उनके घरों से हटाया जा चूका है। इससे करीब 15,000 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमे से 325 परिवारों को काठमांडू के अस्थायी होल्डिंग सेंटरों में रखा गया था। 2 जुलाई को सरकार ने आदेश दिया की सभी सेंटर 6 जुलाई तक खाली कर दिए जाए। लेकिन कम से कम 60 परिवारों ने यह कहकर जाने से मना कर दिया की उनके पास जाने के लिए कोई और जगह नहीं है।
होल्डिंग सेंटर में बाढ़ और लाठीचार्ज से बढ़ा तनाव
शुक्रवार रात कीर्तिपुर के एक अस्थायी आवास केंद्र में बाढ़ का पानी भर गया। वहां करीब 150 भूमिहीन झुग्गीवासी रह आहे थे। सुरक्षाबलों ने उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुँचाया।
अगले दिन जब Gen-Z कायकर्ता वहां हालात देखने पहुंचे, तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान एक प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद राजधानी में विरोध और तेज हो गया।
आत्मदाह की घटना ने आंदोलन को दी हवा
इसी महीने 25 साल के युवक गणेश नेपाली ने खुद को आग लगा ली। बताया जा अहा है की पुलिस ने उनकी मोटरसाइकिल पर व्हील लॉक लगा दिया था, जिससे वे नाराज थे। इस घटना ने भी आंदोलन को और तेज कर दिया।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की गिरफ्तारी
प्रदर्शन के दौरान कई सामजिक कार्यकर्ता, छात्र और पत्रकार गिरफ्तार किए गए। पुलिस का कहना है की यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई, लेकिन प्रदर्शनकारी इसे आवाज दबाने की कोशिश बता रहे हैं। कोशी प्रांत में प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आवाज उठाने वाले 26 लोगों को भी हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तार किए गए लोगों में कई ऐसे कार्यकर्ता भी शामिल हैं जो पिछले साल के Gen-Z आंदोलन में सक्रीय रह चुके हैं। उनका कहना है की अधिकारों की बात कर रहे थे, फिर भी उन्हें हिरासत में लिया गया। नेपाली कांग्रेस के नेता गगन कुमार थापा ने इन गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा की शांतिपूर्ण तरीके से आवाज़ उठाने वाले लोगों को गिरफ्तार करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
बालेन शाह की सत्ता पहुँचने की कहानी
2022 में काठमांडू के मेयर बनने के बाद बालेन शाह ने अवैध निर्माण हटाने, शहर की सफाई, विरासत संरक्षण और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त अभियान चलाकर लोकप्रियता हासिल की थी। पिछले साल जब नेपाल में Gen-Z आंदोलन हुआ, तब युवाओं ने उनके समर्थन किया।
मार्च 2026 में हुए चुनाव में उनकी पार्टी को भरी जीत मिली और 27 मार्च 2026 को बालेन शाह नेपाल के पधानमंत्री बने। लेकिन सत्ता सँभालते ही अब वही युवा वर्ग उनकी सरकार के फैसलों पर सवाल उठा रहा है।
आगे क्या हो सकता है?
राजनितिक जानकारों का मानना है की यह आंदोलन बालेन शाह की लोकप्रियता की सबसे बड़ी परीक्षा बन गया है। जिन युवाओं ने पहले विकास एजेंडे का समर्थन किया था, वही अब उनकी नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं।
प्रदर्शन अभी भी जारी है स्तिथि तनावपूर्ण बानी हुई है। आने वाले दिनों में सरकार इस विरोध का समाधान कैसे निकालती है, इस पर पुरे नेपाल की नजर बानी हुई है।
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