Akhilesh Yadav vs Nishikant Dubey: '10 मिनट में पोस्ट हटाओ, वरना FIR' की चेतावनी
Akhilesh Yadav vs Nishikant Dubey: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर साथ चेतावनी दी है। उन्होंने निशिकांत दुबे को सिर्फ 10 मिनट में पोस्ट हटाने का अल्टीमेटम दिया। ऐसा न करने पर उन्होंने नामजद एफआईआर दर्ज करने की बात कही है। यह पूरा विवाद अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से जुड़ा है।
क्या है पूरा विवाद ?
यह विवाद झारखण्ड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के एक पोस्ट से शुरू हुआ। निशिकांत दुबे ने अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले के मुख्या आरोपियों में से एक रामशंकर यादव उर्फ़ टिन्नू यादव के साथ अखिलेश याव की एक तस्वीर साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, टिन्नू टीपू से ही तो बात कर रहा था। बता दें की टीपू अखिलेश यादव का घरेलु नाम है। इस पोस्ट को देहते ही अखिलेश यादव नाराज हो गए। सोमवार, 6 जुलाई की शाम करीब 4:17 बजे उन्होंने एक्स पर आक्रामक अंदाज में जवाबी पोस्ट किया।
अखिलेश यादव की कड़ी चेतावनी
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा की यह सार्वजनिक सार्वभौमिक वैधानिक चेतावनी है। उन्होंने कहा की जितना विशेषाधिकार सत्ता पक्ष के सांसद को मिलता है, उतना ही विशेषाधिकार विपक्ष के सांसद को भी मिलता है। उन्होंने भगवान् राम की मर्यादा, सामाजिक शिष्टाचार और संसदीय परंपराओं का हवाला देते हुए निशिकांत दुबे को उनकी झूठी पोस्ट हटाने के लिए सिर्फ 10 मिनट का समय दिया। उन्होंने कहा की अगर तय समय में पोस्ट नहीं हटाई गई, तो उनके खिलाफ तुरंत नामजद रिपोर्ट दर्ज कराइ जाएगी। अखिलेश यादव ने उन सभी लोगों कप भी चेतावनी दी जिन्होंने सीस पोस्ट को शेयर किया है। उन्होंने कहा की ऐसे लोग भी अपनी पोस्ट हटाएं और सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगे, वरना कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहे। उन्होंने यह भी कहा की भाजपा नेता मुसीबत के समय किसी का साथ नहीं देते और जब अदालतों के चक्कर लगाने पड़ेंगे तो कोई मदद के लिए आगे नहीं आएगा।
निशिकांत दुबे का पलटवार
अखिलेश यादव की इस चेतावनी पर निशिकांत दुबे ने भी तुरंत जवाब दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा, जल्दी करिए, इतना परेशान कुओं हैं। इसके साथ ही उन्होंने मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में कारसेवकों पर हुई फायरिंग की घटना का जिक्र किया। इस तरह उन्होंने पुरे मामले को पुराने राजनीतिक मुद्दे की तरफ मोड़ दिया।
कौन है टिन्नू यादव?
अयोध्या पुलिस के अनुसार, रामशंकर उर्फ़ टिन्नू यादव चढ़ावा चोरी मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल है। वह पहले राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चम्पत राय के निजी ड्राइवर हुआ करते थे। बाद में वह मंदिर प्रशासन और वीआईपी प्रबंधन के करीबी सहयोगी बन गए। पुलिस का दावा है की उनके पास चढ़ावे की गिनती वाले कमरों और दान पात्रों की चाबियों तक अनधिकृत पहुंची थी, जिसके जरिए गिनती में गड़बड़ी की गई।
हालाँकि टिन्नी यादव की पत्नी पूनम यादव ने सही आरोपों को ख़ारिज किया है। उन्होंने कहा की उनके पति पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्हें मंदिर से जुए प्रभावशाली लोगों को बहाने के लिए बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
राम मंदिर ट्रस्ट में इस्तीफे की खबर
इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक अहम् बैठक में महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर भी चर्चा हुई। यह घटनाक्रम चढ़ावा चोरी मामले से जुड़ा हुआ माना जा रहा है, जिसकी वजह से राम मंदिर प्रशासन में हल चल बानी हुई है।
आगे क्या हो सकता है?
अखिलेश यादव और निशिकांत दुबे के बीच शुरू हुआ विवाद आने वाले दिनों में और तेज हो सकता हिअ। दोनों नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बयानबाजी जारी है। यह देखना बाकी है की निशिकांत दुबे अपनी पोस्ट हटते हैं या नहीं, और अखिलेश यादव अपनी चेतावनी के अनुसार एफआईआर अर्ज कराते हैं या नहीं। इस पुरे मामले पर आगे और स्पष्ट जानकारी आने की उम्मीद है।
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