Jammu Kashmir Statehood: राज्य का दर्जा मांगने पर CM उमर अब्दुल्ला बोले- 'क्या Trump के पास जाएं?'
Jammu Kashmir Statehood पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को जम्मू में एक बड़ी जनसभा को सम्बोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य दर्जे की बहाली को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूछा की अगर देश की राजधानी दिल्ली में भी न्याय नहीं मिलता तो पार्टी आखिर कहां जाए।
जम्मू में हुई National Conference की बड़ी रैली
नेशनल कॉन्फ्रेंस की “चलो दिल्ली” रैली जम्मू के महाराज हरी सिंह पार्क में हुई। यह जम्मू शहर में उमर अब्दुल्ला की पिछले कई वर्षों में पहली जनसभा थी। जम्मू शहर को बीजेपी का मजबूत गढ़ मन जाता है। सभा में उमर अब्दुल्ला ने कहा की पार्टी ने जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए केंद्र सरकार को लगभग दो साल का समय दिया है। उन्होंने कहा की अब 20 जुलाई से पार्टी इस मांग को लेकर नए तरीके से आंदोलन शुरू करेगी।
‘क्या Trump के पास जाएं?’ उमर अब्दुल्ला का सवाल
नेशनल कॉन्फ्रेंस दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने जा रही है। इसकी घोषणा के बाद बीजेपी नेताओं ने कहा की दिल्ली में प्रदर्शन करने से जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा।
इस पर पलटवार करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा “अगर हमें हमारे ही देश की राजधानी में न्याय नहीं मिलता तो बताइए हम कहां जाए, क्या राज्य का दर्जा मांगने के लिए हमे अमेरिका जाकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वाइट हाउस के बहार प्रदर्शन करना चाहिए?” उन्होंने कहा अगर जंतर मंतर और संसद के बहार प्रदर्शन करना भी सही नहीं है तो बीजेपी बताए की यह मांग आखिर कहां उठाई जाए।
20 जुलाई को जंतर मंतर पर होगा प्रदर्शन
नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 20 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। उमर अब्दुल्ला ने बताया की केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने अभी तक इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है।
उन्होंने कहा की अनुमति मिले या न मिले, 20 जुलाई का कार्यक्रम तय है और यह आगे बढ़ेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा की एक “कॉकरोच पार्टी” को दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति 24 घंटे में मिल गई, जबकि उनकी पार्टी पिछले चार पांच दिनों से अनुमति मांग रही है।
बीजेपी पर विधायक तोड़ने का आरोप
इससे एक दिन पहले उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया था की बीजेपी उनकी सरकार गिराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया की बीजेपी के एक बड़े पदाधिकारी ने जम्मू क्षेत्र के एक विधायक से मुलाक़ात की और उसे 20-30 करोड़ रूपये, मंत्री पद तथा राज्य के दर्जे का लालच किया। बीजेपी नेताओं ने इस आरोप को ख़ारिज किया है। उमर अब्दुल्ला ने इसे ऑपरेशन लोटस बताते हुए कहा की जब भी बीजेपी चुनाव के जरिए सत्ता में नहीं आ पति, वह पिछले दरवाजे से सत्ता हासिल करने की कोशिश करती है। उन्होंने इसके लिए महाराष्ट्र , पश्चिम बंगाल और पंजाब का उदाहरण भी दिया।
मीरवाइज उमर फारूक को न्योते पर भी दिया जवाब
सीएम ने बीजेपी में मीरवाइज उमर फारूक को बुलाए जाने पर की गई आलोचना का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा की बीजेपी और मीडिया का एक हिस्सा मीरवाइज को अलगाववादी बताता है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह बार बार कहते हैं की जम्मू कश्मीर में अलगाववादी खत्म हो चूका है। उमर अब्दुल्ला ने कहा, “दोनों बातें एक साथ सच नहीं हो सकती या तो अलगाववाद ख़त्म हो चूका है, या फिर आपके दावे गलत हैं।”
PM मोदी के कटरा वाले वादे का किया जिक्र
उमर अब्दुल्ला ने प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वादे का जिक्र किया जो उन्होंने पिछले साल कटरा में वंदे भारत ट्रेन के उट्घाटन के मौके पर किया था। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री ने खुद कहा था की यह कोई साधारण वादा नहीं बल्कि मोदी का वादा है। उन्होंने सवाल किया की जब भी राज्य के दर्जे के बारे में पूछा जाता है तो कहा जाता है की यह “उचित समय” पर होगा। उमर ने कहा की या तो बीजेपी को खुद नहीं पता की यह समय कब आएगा, या फिर वह जम्मू कश्मीर में अपनी सरकार बनने का इंतजार कर रही है।
आगे क्या हो सकता है?
उमर अब्दुल्ला ने कहा की राज्य का दर्जा जम्मू कश्मीर के लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है, कोई एहसान नहीं। उन्होंने कहा की पार्टी दिल्ली के दरवाजे खटखटाना जारी रखेगी जब तक केंद्र सरकार अपना वादा पूरा नहीं करती।
गौरतलब है की अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाकर जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था। साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा था। अब सभी की नजरे 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर मंतर पर होने वाले प्रदर्शन पर टिकी है।
यह भी पढ़े…
Akhilesh Yadav vs Nishikant Dubey: ’10 मिनट में पोस्ट हटाओ, वरना FIR’ की चेतावनी
