Prashant Kishor Victory in Bankipur: BJP को 19,324 वोटों से हराया, RJD तीसरे स्थान पर
Prashant Kishor Victory in Bankipur: बिहार की राजधानी पटना स्थित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जन सूरज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बड़ी जीत हासिल की है। यह जीत भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं राष्ट्रीय जनता दाल के तीसरे स्थान पर खिसकने को उसके लिए खतरे की घंटी बताया जा रहा है। यह उपचुनाव ऐसे समय पर हुआ है जब सम्राट चौधरी के बिहार का मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला बड़ा चुनावी मुकाबला था। इसलिए इस नतीजे को काफी अहम माना जा रहा है।
Bankipur में हुआ बड़ा उलटफेर
बांकीपुर सीट पर भाजपा, जन सूरज और राजद के बीच त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है। मतगणना पूरी होने के बाद प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले। भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 44,827 वोट मिले। प्रशांत किशोर ने उन्हें 19,324 वोटों से हराया। राजद उम्मीदवार रखस कुमारी तीसरे स्थान पर रहीं। उन्हें 14,273 वोट मिले।
सीट खाली होने की वजह
बांकीपुर सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खली हुई थी। नितिन नवीन राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद यह सीट छोड़ी थी। नितिन नवीन ने नवंबर 2025 में लगातार पांचवी बार बांकीपुर सीट जीती थी। यह सीट भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जा रही है। 1995 से भाजपा यह सीट कभी नहीं हारी थी।
मतदान और मतगणना
बांकीपुर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान हुआ था। मतगणना 3 अगस्त को पटना के बोरिंग रोड स्थित ए. एन. कॉलेज में सुबह 8 बजे शुरू हुई। कुल 32 राउंड में वोटों की गिनती पूरी हुई। शुरूआती राउंड से ही प्रशांत किशोर बढ़त बनाए हुए थे।
Prashant Kishor का बयान
जीत के बाद प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा की बिहार का मुख्यमंत्री किसी योग्य और चरित्रवान व्यक्ति को बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा की अगर भाजपा सम्राट चौधरी को हटाकर कुशवाहा समाज के किसी और नेता को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है, तो यह उनका आंतरिक मामला है। लेकिन जिसे भी जिम्मेदारी मिले, वह ईमानदार और शक्षम होना चाहिए। प्रशांत किशोर ने भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद के उस बयान का जिक्र किया जिसमे उन्होंने कहा था की बांकीपुर से कुत्ता-बिल्ली को भी उतार दे तो जीत जाएंगे। प्रशांत किशोर ने कहा की भाजपा इतने वोटों से हारेगी की आगे ऐसा दावा करने की हिम्मत नहीं करेगी।
प्रशांत किशोर ने यह भी कहा की बांकीपुर रातोंरात बेंगलुरु नहीं बन जाएगा, लेकिन अगले दो से तीन महीनों में क्षेत्र में बदलाव जरूर दिखेगा। उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास ने भी बांकीपुर के मतदाताओं का आभार जताया।
राजद की प्रतिक्रिया
राजद सांसद मीसा भारती ने प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए उन्हें भाजपा की “लोमड़ी” बताया। उन्होंने कहा की अगर प्रशांत किशोर जीतते हैं तो यह असल में भाजपा में बड़ी साजिश होने का आरोप भी लगाया और नितिन नवीन तथा सम्राट चौधरी का जिक्र किया।
जीत के पीछे के कारण
बांकीपुर सीट पर करीब 7 प्रतिशत ब्राह्मण, 7 प्रतिशत भूमिहार और 5 प्रतिशत राजपूत मतदाता है। प्रशांत किशोर खुद ब्राह्मण जाती से आते हैं। उन्होंने खुद को भाजपा के विकल्प के रूप में पेश किया। माना जा रहा है की उन्होंने ऊंची जाती और ईबीसी वर्ग के वोटों में सेंध लगाई। साथ ही राजद के परंपरागत मुस्लिम वोट में भी उन्होंने बड़ी सेंधमारी की। खुद राजद के नेताओं का कहना है की भाजपा और जदयू का वोट प्रशांत किशोर को ट्रांसफर हुआ है।
अन्य सीटों के नतीजे
30 जुलाई को बांकीपुर के साथ मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मंजलपुर सीट पर भी उपचुनाव हुए थे। दतिया सीट कांग्रेस ने जीती, जबकि मंजलपुर सीट भाजपा के पास बरकरार रही।
आगे क्या हो सकता है?
राजनितिक विश्लेषकों का मानना है की बांकीपुर में मिली हार का असर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कुर्सी पर भी पड़ सकता है, क्योंकि उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला जनादेश था। वहीं राजद के तीसरे स्थान पर खिसकने से उसके परंपरागत जनाधार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आने वाले दिंनो में इस नतीजे का असर बिहार की राजनीती पर देखने को मिल सकता है।
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