Parliament Deadlock: गतिरोध के बीच राहुल गाँधी से मिले किरेन रिजिजू, विपक्ष का अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन
Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के हंगामे के चलते लगातार गतिरोध बना हुआ है। इसी बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। करीब 50 मिनट चली इस बैठक के बाद रिजिजू ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। वहीं विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया।
संसद में गतिरोध के बीच रिजिजू ने की राहुल गाँधी से मुलाकात
संसद के मानसून सत्र में गतिरोध लगातार बना हुआ है। विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार प्रभावित हो रही है। इस गतिरोध को दूर करने के लिए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। यह बैठक संसद भवन में हुई।
50 मिनट तक चली बैठक, प्रियंका गांधी भी रही मौजूद
रिजिजू और कांग्रेस नेताओं के बीच यह मुलाकात करीब 50 मिनट तक चली. बैठक में राहुल गांधी के साथ-साथ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद रहीं। राहुल गाँधी से मुलाकात के बाद रिजिजू ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी बातचीत की।
अमित शाह के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
इस मुलाकात से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गाँधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 20 जुलाई को CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई, अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफरी और अन्य मुद्दों को लेकर किया गया।
सपा सांसद नए अंदाज में, बदली परंपरागत टोपी
प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के सांसद ख़ास अंदाज में संसद भवन पहुंचे। पार्टी के सांसद Gen Z लुक में नजर आये। उन्होंने अपनी परंपरागत टोपी की जगह लाल रंग की ख़ास कैप पहनी। इसी कैप के साथ सपा सांसद अन्य विपक्षी सांसदों के साथ संसद परिसर में हुए मार्च में शामिल हुए।
तानाशाही नहीं, कसी का दरबार नहीं: प्रियंका
प्रदर्शन में शामिल प्रियंका गांधी ने कहा की जो पद पर आसीन है, उनकी जनता के प्रति कुछ जिम्मेदारियां होती है, उन्होंने कहा की यही लोकतंत्र है, तानाशाही नहीं है, किसी का राज दरबार नहीं है। उन्होंने आगे कहा की अगर बच्चों पर गोलियां चली है, पैलेट गन चलाए गए हैं, आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं, तो इसकी किसी न किसी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा की अपनी जिम्मेदारी लेना ही इस देश की परंपरा है।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आएं: खरगे
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा की विपक्ष की मांग है की प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों सदन में आएं और इन मुद्दों पर ब्यान दें। उन्होंने कहा की विपक्ष चर्चा के लिए तैयार है और चर्चा से ही हल निकलेगा। कांग्रेस के लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने कहा की प्रधनमंत्री और गृह मंत्री दोनों सदन से गायब हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रहा की गृह मंत्री को सदन में आकर पुलिस कार्रवाई और अयोध्या में चढ़ावा चोरी पर बयान देना चाहिए।
प्रदर्शन में शामिल समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने कहा की आस्था और जनता की अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा की E20 पेट्रोल इंजन को नुक्सान पहुंचा रहा है और इससे माइलेज भी काम मिल रहा है। उन्होंने कहा की सरकार ने इस पर अब तक कोई गाइडलाइन नहीं दी है।
लोकसभा और राज्यसभा में स्थगन
बुधवार को जैसे ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस हंगामे के कारण लोकसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल सुचारु रूप से नहीं चल सके। राज्यसभा में भी विपक्षी के हंगामे के कारण कार्रवाही बाधित हुई। एक बार स्थगन के बाद भी हंगामा जारी रहने पर राज्यसभा की बैठक दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
आगे क्या होगा?
रिजिजू और विपक्षी नेताओं के बीच हुई यह मुलाकात सांसद का गतिरोध ख़त्म करने की दिशा में एक कोशिश मानी जा रही है। राजनीती हलकों में चर्चा है की यदि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आकर मुद्दों पर बयान देते हैं, तो सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सकती है। मानसून सत्र के आने वाले दिनों में इस गतिरोह का क्या हल निकलता है, इस पर सबकी नजर तिकी हुई है।
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