Brij Bhushan Sharan Singh Acquitted: WFI Sexual Harassment Case में दिल्ली कोर्ट से बरी, Bajrang Punia जाएंगे हाईकोर्ट
Brij Bhushan Sharan Singh Acquitted: WFI Sexual Harassment Case
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को बरी कर दिया। राउस एवेन्यू कोर्ट की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने सोमवार सुबह फैसला सुनाया। ब्रिभुषण सिंह इस दौरान अदालत में मौजूद थे। इस मामले में उनके साथ भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी बरी किया गया है।
सबूतों के अभाव में मिली राहत
कोर्ट ने सबूतों के अनाव में दोनों को बरी कर दिया। छह महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर WFI अध्यक्ष रहते हुए यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इसी शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस थाने में केस दर्ज किया था। करीब साढ़े तीन साल तक चली सुनवाई के बाद यह फैसला आया है।
जनवरी 2023 में जंतर-मंतर से शुरू हुआ था मामला
इस मामले की शुरुआत जनवरी 2023 में पहलवानों के जंतर मंतत्र पर धरने से हुई थी। 18 जनवरी 2023 को विनेश फोगाट, साक्षी मालिक और बजरंग पुनिया समेत कई बड़े पहलवान दिल्ली के जंतर मंतर पर इक्कठा हुए थे। इसके बाद 23 अप्रैल 2023 से पहलवान दोबारा अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे। इसी दौरान एक नाबालिग पहलवान की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट के तहत अलग मामला भी दर्ज हुआ था, जिसे मई 2025 में नाबालिग के पिता की मांग पर पटियाला हाउस कोर्ट में बंद कर दिया गया था।
चार्जशीट और आरोप तय होने की प्रक्रिया
दिल्ली पुलिस ने जांच करने के बाद 15 जून 2025 को करीब 1500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 354, 354ए, 354डी और 506(1) के तहत प्रावधानों का जिक्र किया गया था। कोर्ट ने 7 जुलाई 2023 को चार्जशीट पर संज्ञान लिया। बृजभूषण शरण सिंह 20 जुलाई 2023 से नियमित जमानत पर थे। 10 मई 2024 को अदालत ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर आरोप तय किए, जिसके बाद ट्रायल शुरू हुआ था। सुनवाई के दौरान बृजभूषण सिंह ने दावा किया था की वे घटना वाले दिन भारत में मौजुद नहीं थे, लेकिन अदालत ने मांग को ख़ारिज कर दिया था।
फैसले के बाद बृजभूषण और करण भूषण सिंह की प्रतिक्रिया
फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा की उन्होंने पहले जो कहा था, वही अब अदालत के फैसले से सही साबित हुआ है। उनके बेटे और भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने भी अदालत के फैसले का स्वागत किया। करण भूषण सिंह ने कहा, “मैं अदालत का धन्यवाद करता हूं। यह सच की जीत है। आज हम पुरे देश के सामने मजबूती से खड़े हैं।”
बजरंग पुनिया ने जताया दुःख, हाईकोर्ट जाने का ऐलान
कोर्ट के फैसले पर पहलवान बजरंग पुनिया ने गहरा दुःख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा की सत्ताधारी पार्टी के एक ताकतवर नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए उन्हें बहुत हिम्मत जुटानी पड़ी थी। बजरंग ने आगे लिखा की सत्ता और बाहुबल के दम पर बृजभूषण ने कई लड़कियों को डराकर उनकी शिकायतें वापस कार्रवाई, लेकिन कुछ महिला पहलवान अंत तक कोर्ट में डटी रही। उन्होंने कहा की इस फैसले से उन्हें बेहद दुःख हुआ है। बजरंग पुनिया ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा की वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगे।
आगे क्या हो सकता है?
बजरंग पुनिया के हाईकोर्ट जाने के ऐलान के बाद यह मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। यह देखना बाकी है की हाईकोर्ट में यह मामला किस दिशा में जाता है और आने वाले दिनों में इस पर आगे क्या फैसला आता है। भारतीय कुश्ती जगत की यह बहुचर्चित कानूनी लड़ाई अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है।
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