Cabinet Decisions: दिल्ली को मिलेगी 6-Lane Dwarka Tunnel, यूपी-एमपी के लिए 4-Lane हाईवे, 14,115 करोड़ कि परियोजनाओ को मिली मंजूरी
Cabinet Decisions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार(1 जुलाई 2026) को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 14,115 करोड़ रुपये की दो बड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया ककी इसके तहत दिल्ली में एक छह लेन की टनल और उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश को जोड़ने वाले चार लेन के हाईवे का निरमा किया जाएगा।
ये दोनों प्रोजेक्ट्स पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत तैयार किए जा रहे हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य देश में लोजिस्टिक्स क्षमता को बढ़ाना, यात्रा के समय को काम करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
इल्ली को मिलेगी 6-lane की द्वारका टनल
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया की कैबिनेट का पहला बड़ा फैसला देश की राजधानी दिल्ली के लिए है। सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग 148AE(NH-148AE) पर द्वाका एक्सपेलसवाय के शिवमूर्ति इंटरचेंज से दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज में नेल्सन मंडेला मार्ग को जोड़ने वाली छह लेन की एक बेहद आधुनिक सड़क टनल केनिर्माण को हरी झंडी दे दी है।
इस पुरे प्रोजेक्ट की कुल लम्बाई 8.1 किलोमीटर होगी। इसके निर्माण पर लगभग 6,969.67 करोड़ रुपये की भरी भरकम राशि खर्च की जाएगी। इस प्रोजेक्ट से दिल्ली के अंदर का ट्रैफिक पूरी तरह बदल जाएगा।
दक्षिण रिज वन के नीचे बनेगी टनल
इस 8.1 किलोमीटर लम्बे प्रोजेक्ट के अंदर्गत दक्षिण रिज वन (Southern Ridge Forest) के निचे से गुजरने वाली 3.14 किलोमीटर लम्बी एक जुड़वाँ-ट्यूब (Twin Tube) भूमिगत टनल का निर्माण किया जाएगा। सतह पर काम से कम व्यव्घान पैदा हो, इसके लिए इस टनल को बनाने में आधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) का इस्तेमाल किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया की यह प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युटी मोड(HAM) के तहत पूरा लिया जाएगा और इसे बनाने में लहभग पांच साल का समय लगेगा। इस टनल के बनने से पश्चिम दिल्ली और दक्षिण दिल्ली के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित हो जाएगा।
ट्रैफिक जैम से मिलेगी बड़ी रहत
इस टनल के बन जाने से गुरुग्राम, द्वारका, अर्बन एक्सटेंशन रोड 2 और इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट से दक्षिण दिल्ली की तरफ आने जाने वाले वाहनों को भीषण जाम से छुटकारा मिलेगा। लोगो का समय और पैसा दोनों बचेगा।
यूपी-एमपी के लिए कानपूर-कबराई 4-lane हाईवे
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दूसरे बड़े फैसले के बारे में बताया, जिसका सम्बन्ध उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के आर्थिक विकास से है। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग 34(NH-34) के कानपूर से कबराई सेक्शन को /6lane वाले एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफ़ील्ड हाइवे के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को पास कर दिया है।
117.7 किलोमीटर लम्बे इस हाईवे कॉरिडोर के निर्माण पर कुल 7,145.14 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस कॉरिडोर को इस तरह डिज़ाइन किया गया है की भविष्य में इसे बहुत आसानी से छह लेन तक बढ़ाया जा सकेगा।
भोपाल-कानपूर इकनोमिक कॉरिडोर का हिस्सा
यह ग्रीनफ़ील्ड प्रोजेक्ट भोपाल कानपूर इकनोमिक कॉरिडोर का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे भारतीय राष्ट्रिय राजमार्ग प्राधिकरण(NHAI) द्वारा बीओटी (Toll) मोड पर विकसित किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के कानपूर, हमीरपुर और महोबा जिले से होकर गुजरेगा, जिसमे महोबा एक आकांक्षी जिला है।
इस हाईवे को 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार के अनुकूल डिज़ाइन किया गया है, जिससे कानपूर और कबराई के बीच लगने वाला यात्रा का समय साढ़े तीन घंटे से घटकर महज देह घंटा रह जाएगा। इसके अलावा, यह कॉरिडोर आगे चलकर सागर, भोपाल औरमध्यप्रदेश के अन्य हिस्सों के साथ संपर्क को बहुत मजबुत बना देगा।
विकास, रोजगार और बेहतर कनेक्टिविटी की और बड़ा कदम
केंद्र सरकार के इन दोनों इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से देश में कनेक्टिविटी, व्यापार और रोजगार को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है। दिल्ली की द्वारका टनल ट्रैफिक जाम काम कर एयरपोर्ट तक सफर आसान बनाएगी, जबकि कानपूर कबराई ग्रीनफ़ील्ड हाईवे बुन्देलखंड क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और माल परिवहन को गति देगा। साथ ही, इन परियोजनाओं से लाखों पर्सन डेज के रोजगार सृजित होंगे और सरकार का लक्ष्य तय समय सीमा के भीतर इन्हे पूरा कर विकास को नई रफ़्तार देना है।
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