कुछ फूड-ड्रग कॉम्बिनेशन शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं, इसलिए दवा लेते समय ‘Food drug interaction’ को समझना बेहद जरूरी है
Food drug interaction: आमतौर पर लोग दवाइयां लेते समय उनकी डोज और समय का तो ध्यान रखते हैं, लेकिन यह भूल जाते हैं कि दवा के साथ क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। यही लापरवाही कई बार दवा के असर को कम कर देती है या फिर साइड इफेक्ट्स का कारण बनती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कुछ फूड-ड्रग कॉम्बिनेशन शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं, इसलिए दवा लेते समय ‘Food drug interaction’ को समझना बेहद जरूरी है।
क्या है फूड-ड्रग इंटरैक्शन (FDI)?
जयपुर के Apollo Spectra Hospital के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. रोहित शर्मा के अनुसार, जब कोई दवा किसी विशेष फूड के साथ मिलकर शरीर में प्रतिक्रिया करती है, तो उसे फूड-ड्रग इंटरैक्शन कहा जाता है। यह प्रतिक्रिया पॉजिटिव या नेगेटिव दोनों तरह की हो सकती है।
कई बार यह इंटरैक्शन दवा के असर को बढ़ा देता है, तो कभी उसे पूरी तरह बेअसर कर देता है। यही वजह है कि कुछ दवाएं खाली पेट लेने की सलाह दी जाती हैं, जबकि कुछ को भोजन के बाद लेना जरूरी होता है।
Food drug interaction क्यों होता है?
फूड और दवा के बीच रिएक्शन के पीछे कई कारण होते हैं:
- कुछ खाद्य पदार्थ दवा को शरीर में घुलने या अवशोषित होने से रोक देते हैं।
- लिवर दवा को प्रोसेस करता है, लेकिन कुछ फूड इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
- दवा और भोजन मिलकर नया केमिकल बना सकते हैं, जिससे साइड इफेक्ट्स बढ़ जाते हैं।
- यह विटामिन और मिनरल्स के अवशोषण को भी प्रभावित करता है।
उदाहरण के तौर पर, ग्रेपफ्रूट जूस कई दवाओं के मेटाबॉलिज्म को बदल सकता है, जिससे दवा का असर असामान्य हो सकता है।
हर दवा के साथ हर फूड नहीं
यह मान लेना गलत है कि सभी दवाएं किसी भी भोजन के साथ ली जा सकती हैं। दवा का असर उसके केमिकल कंपोजिशन पर निर्भर करता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि कौन-सी दवा किस फूड के साथ नहीं लेनी चाहिए।
दवा के पैकेट पर अक्सर यह जानकारी दी जाती है कि उसे खाली पेट लेना है या भोजन के बाद। साथ ही कुछ फूड से बचने की सलाह भी दी जाती है।
एंटीबायोटिक्स के साथ क्या न खाएं?
अगर आप एंटीबायोटिक दवाएं ले रहे हैं, तो कुछ चीजों से दूरी बनाना जरूरी है:
- दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स (दही, पनीर)
- कैल्शियम सप्लीमेंट
ये चीजें दवा के अवशोषण को कम कर देती हैं, जिससे उसका असर घट सकता है।
थायरॉइड दवा के साथ सावधानी
थायरॉइड की दवा लेते समय विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके साथ ये चीजें नहीं लेनी चाहिए:
- सोया प्रोडक्ट्स
- अखरोट
- हाई-फाइबर फूड
ये सभी शरीर में दवा के अवशोषण को बाधित कर सकते हैं और इलाज की प्रभावशीलता कम कर सकते हैं।
दवा और भोजन के बीच कितना गैप जरूरी?
दवा और भोजन के बीच सही अंतराल बनाए रखना बेहद जरूरी है। यह दवा के प्रकार पर निर्भर करता है:
- कुछ दवाएं खाली पेट ज्यादा असरदार होती हैं
- कुछ दवाएं खाने के बाद ही लेनी चाहिए
- सही जानकारी के लिए दवा का लेबल पढ़ें या डॉक्टर से सलाह लें
आमतौर पर 30 मिनट से 2 घंटे का गैप रखने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह हर दवा के लिए अलग हो सकता है।
गलत कॉम्बिनेशन के साइड इफेक्ट्स
अगर गलती से दवा के साथ गलत फूड ले लिया जाए, तो इसके कई साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं:
- चक्कर आना
- उल्टी या मितली
- सांस लेने में परेशानी
- दिल की धड़कन का असामान्य होना
- एलर्जी या त्वचा पर रिएक्शन
- ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव
ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर दवा लेने के बाद निम्न संकेत दिखें, तो इसे नजरअंदाज न करें:
- तेज चक्कर या बेहोशी
- सांस लेने में दिक्कत
- सीने में दर्द
- लगातार उल्टी
- हार्टबीट बहुत तेज या धीमी होना
यह गंभीर Food drug interaction का संकेत हो सकता है।
विटामिन और सप्लीमेंट्स भी कर सकते हैं रिएक्ट
सिर्फ दवाएं ही नहीं, बल्कि विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट्स भी फूड के साथ रिएक्ट कर सकते हैं:
- कैल्शियम और आयरन साथ लेने से दोनों का असर कम हो सकता है
- आयरन को साइट्रिक फूड के साथ लेने से उसका अवशोषण बढ़ता है
- दूध आयरन का असर घटाता है, लेकिन विटामिन D का बढ़ाता है
- हाई-फाइबर फूड कुछ विटामिन्स के असर को कम कर सकता है।
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