Ghaziabad E-Registration Protest: 20वें दिन भी वकीलों की हड़ताल जारी, Marriage Registration समेत कई सेवाएं प्रभावित
Ghaziabad E-Registration Protest: गाज़ियाबाद में ई रजिस्ट्रेशन व्यवस्था के विरोध में वकीलों और बैनामा लेखकों की हालत लगातार 20 वे दिन भी जारी रही। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर में धरना एकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल का असर जमीन की रजिस्ट्री, दस्तावेज़ों के पंजीकरण और विवाह पंजीकरण जैसी कई सेवाओं पर पड़ा है। इसके कारन आम लोगो को भी भरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
E-Registration के विरोध में तेज हुआ आंदोलन
गाज़ियाबाद तहसील में इ रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू किये जाने के विरोध में वकीलों और बैनामा लेखकों का आंदोलन लगातार जारी है। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर में धरना दिया और सरकार से ई-रजिस्ट्रेशन सम्बन्धी आदेश वापस लेने की मांग की। इससे पहले भी अधिवक्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर और ह्यूमन चेन बनाकर अपना विरोध दर्ज कराया था।
प्रार्शन कर रहे वकीलों का कहना है की नै व्यवस्था लागू होने से पारम्परिक रजिस्ट्री प्रणाली समाप्त हो जाएगी। इससे वकीलों, दस्तावेज लेखकों और इस व्यवस्था से जुड़े हज़रों लोगो के रोजगार पर सीधा असर पड़ेगा। उनका कहना है की इससे बड़ी संख्या में लोगो के सामने आजीविका संकट खड़ा हो सकता है।
क्या है प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगे?
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक वर्मा ने कहा की सरकार ने अधिवक्ताओं और सम्बंधित पक्षों से कोई चर्चा किए बिना इ पंजीकरण व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। उनके अनुसार इस व्यवस्था से केवल वकीलों का काम की प्रभावित नहीं बल्कि होगा बल्कि, आम लोगों को भी तकनीकी दिक्कतों का सना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा की जब तक सरकार इ पंजीकरण से जुड़ा आदेश वापस नहीं लेती या उनसे आव्यश्यक संशोधन नहीं करती, तब तक हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा।
बार एसोसिएशन ने सचिव दीपक वार्ष्णेय ने कहा की इस व्यवस्था का असर केवल अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे स्टाम्प विक्रेता, टाइपिस्ट, फोटोकॉपी संचालक, चाय विक्रेता, और तहसील परिसर में रोज़गार से जुए अन्य लोगो की आजीविका भी प्तभवित होगी। उनका कहना है की यदि भविष्य में रजिस्ट्री का कार्य निजी कंपनियों के माध्यम से कराया गया तो आम लोगो पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
10 हज़ार से ज़्यदा बैनामे और दस्तावेज लंबित लगातार 20 दिनों से जारी हड़ताल का असर संपत्ति से जुए सभी कार्यों पर साफ़ दिखाई दे रहा है। वकीलों के अनुसार अब तक करीब 10 हज़ार से ज्यादा बैनामे, अभिलेख और अन्य दस्तावेज विभिन्न स्तरों पर लंबित हो चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक जिले की विभिन्न तहसीलों में प्राटीन औसत 500-600 बैनामे पंजीकृत किए जाते हैं। इनमे आवासीय फ्लैट, प्लाट, दूकान, किरायानामा, विवाद पंजीकरण और अन्य संपत्ति सम्बंधित अस्तवेज शामिल होते हैं हड़ताल के कारन इन सभी कार्यों पर लगभग पूरी तरह रोक लग गई है।
Marriage Registration और आम लोगों के काम भी प्रभावित
हडता का सबसे अधिक असर उन लोगो पर पड़ रहा है जो दूसरे जिलों और राज्यों से गाज़ियाबाद संपत्ति सम्बन्धी काम कराने पहुंचे हैं। रजिस्ट्री का काम बंद होने से उन्हें बार बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे है।
इसके अलावा विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। वकीलों का कहना है की पिछले दो सप्ताह से बड़ी संख्या में मैरिज रजिस्ट्रेशन के आवेदन लंबित पड़े हैं। इसके कारन नवविवाहित दम्पतियों को बैंक, सकारी योजना और अन्य ज़रूरी दस्तावेजी कयों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार के फैसले का इंतज़ार, आंदोलन जारी रहनेकी चेतावनी
प्रदर्शनकारी वकीलों और बैनामा लेखकों ने साफ़ कहा है की यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। फिलहाल इ रजिस्ट्रेशन व्यवस्था के विरोध में हड़ताल जारी है और इसके चलते गाज़ियाबाद तहसील से रजिस्ट्री, स्टाम्प, दस्तावेज सत्यापन, विवाह पंजीकरण समेत कई राज्यव सेवाएं प्रभावित बानी हुई है। पशासन की और से अब तक इस मुद्दे पर कोई नया फैसला सामने नहीं आया है। जबकि प्रभावित लोग जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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