Skip to content
Aarambh News

Aarambh News

सत्य, सर्वत्र, सर्वदा

cropped-banner-1.png

Connect with Us

  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY
  • Disclaimer
  • Terms & Condtions
  • Become a News Writer
Primary Menu
  • Home
  • भारत
  • देश विदेश
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • ज्योतिष
  • शिक्षा/ रोजगार
  • स्वास्थ्य
  • Business
  • खेल
  • तकनीकी
  • Viral खबरे
  • Aarambh News Citizen Reporter Membership | Join Now
Light/Dark Button
  • भारत

Makar Sanskranti 2025 : जानिए उत्तराखंड में क्यों मनाई जाती है अलग तरीके से मकर संक्रांति

Rahul Pandey January 13, 2025 1 minute read
3

 

uttrakhand News : उत्तराखंड के कुमाऊं चैत्र में Makar Sanskranti मानाने का तरीका अन्य राज्यों से से अलग से है। जहाँ अन्य राज्यों में इस दिन खिचड़ी बनाने व खिचड़ी बाटने की परंपरा है वही उत्तराखंड में इस दिन “घुघुतिया” पर्व मानाने की परंपरा है। ghugutiya पर्व मानाने की परंपरा उतनी की पुराणी है जितनी पुराणी मकरसंस्कृति मानाने की है।
यह त्यौहार सूर्य के दक्षिण से उत्तर की ओर बढ़ने और प्रवासी पक्षियों के पहाड़ों पर लौटने का स्वागत करता है । यह त्यौहार कौवों का सम्मान करने के लिए भी मनाया जाता है, जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने एक लोक कथा में एक बच्चे को साँप के काटने से बचाया था।

Table of Contents

Toggle
    • ghugutiya पर्व क्या है ?
    • कौवे की विशेष मान्यता।
      • उत्तराखंड की लोकपर्व की है प्रचलित कथा
  • About the Author
    • Rahul Pandey

ghugutiya पर्व क्या है ?

यह त्यौहार सूर्य के दक्षिण से उत्तर की ओर बढ़ने और प्रवासी पक्षियों के पहाड़ों पर लौटने का स्वागत करता है। यह तयोहार मकर संक्रान्ति के दिन मनाया जाता है। इस दिन घर की महिलाये आटे , सूजी और गूढ़ के पानी को मिलाकर एक मीठा पकवान बनती है, जिसे “घुगुती” कहते है।
अगले दिन घर की महिलाये उन घुगुतियो की मालाएं बनाती है और बच्चो को पहनाती है। बच्चे बोहोत ख़ुशी से उन मालाओं को धारण करते है और पुरे गांव में घूमते है और ज़ोर ज़ोर से बोलते है “काले कौआ काले, घुघुति माला खा ले”

कौवे की विशेष मान्यता।

हलाकि कौवे को नकारात्मक शक्ति व ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है , पर सनातन धर्म में कौवे को विशेष महत्व दिया है।
इसके पीछे एक रोमांचिक कथा है। वैसे तोह कौवे की इतनी महत्वता के पीछे कई कथाये प्रचलित है पर इस कथा को बहुत महत्त्व दिया गया है।
त्रेता युग में एक कौवे ने भगवान राम की पत्नी सीता के पैर में चोंच मार दी. इससे माता सीता के पैर में घाव हो गया.
भगवान राम बुरी तरह क्रोधित हो उठे. उन्होंने एक तीर से कौवा की आंख फोड़ दी. दर्द से कराहते कौवे को देख भगवान राम द्रवित हो उठे. उन्होंने कौवे को वरदान दिया कि तुम्हें भोजन कराने से पितृ प्रसन्न हो जाएंगे. इसके बाद कौवे को सम्मान की दृष्टि से देखा जाने लगा. यह कौवा कोई और नहीं, इंद्रदेव का बेटा जयंत था. कौवा यमराज का संदेश वाहक भी माना जाता है. कौवा पितरों का आश्रय स्थल के रूप में भी चिह्नित है. उसकी खूबियों के कारण शनिदेव ने वरदान दे रखा है. कौवा कभी किसी बीमारी से नहीं मर सकता. उसकी मृत्यु सिर्फ आकस्मिक दशाओं में हो सकती है. कालांतर में भी इस किवदंती को काफी बल मिला है. कौआ अपने पूरे जीवन काल में लगभग रोगमुक्त बना रहता है.

उत्तराखंड की लोकपर्व की है प्रचलित कथा

उत्तराखंड में त्योहार के पीछे एक कथा प्रचलित है. कथा के अनुसार बात उन दिनों की है, जब कुमाऊं में चन्द्रवंश के राजा राज करते थे. राजा कल्याण चंद की कोई संतान नहीं थी. उनका कोई उत्तराधिकारी भी नहीं था. उनका मंत्री सोचता था कि राजा के बाद राज्य मुझे ही मिलेगा. एक बार राजा कल्याण चंद सपत्नीक बाघनाथ मंदिर में गए और संतान के लिए प्रार्थना की. बाघनाथ की कृपा से उनको एक पुत्र की प्राप्ति हुई. उसका नाम निर्भयचंद पड़ा. निर्भय को उसकी मां प्यार से ‘घुघुति’ बुलाया करती थी. घुघुति के गले में एक मोती की माला थी.

माला में घुंघुरू लगे हुए थे. घुंघरू से सुसज्जित मोती की माला को पहनकर घुघुति बहुत खुश रहता था. जिद करने कर मां कहती कि जिद न कर, नहीं तो मैं माला कौवे को दे दूंगी. उसको डराने के लिए कहती कि ‘काले कौवा काले घुघुति माला खा ले’. मां की बात सुनकर कई बार कौवा आ जाता. उसे देखकर घुघुति जिद छोड़ देता. कौवे के आने पर मां खाने को दे देती. धीरे-धीरे घुघुति की कौवों के साथ दोस्ती हो गई.

राजपाट की उम्मीद लगाए बैठा मंत्री घुघुति को मारने की सोचने लगा. मंत्री ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा. एक दिन जब घुघुति खेल रहा था, तब उसे चुप-चाप उठाकर ले गया. घुघुति को जंगल की ओर ले जाने के दौरान एक कौवे ने देख लिया. कौवा जोर-जोर से कांव-कांव करने लगा. उसकी आवाज सुनकर घुघुति जोर-जोर से रोने लगा और अपनी माला को उतारकर दिखाने लगा. उत्तराखंड में त्योहार का मतलब पुरानी संस्कृति को याद करना है. आज भी कुमाऊं में त्योहार को धूमधाम से मनाया जाता है. सुबह से बच्चे काफी उत्साहित रहते हैं. सुबह सुबह घुघुती की माला गले में डालकर कव्वे को बुलाते हैं.

 

मकर संक्रांति: खिचड़ी का पर्व, परंपराएं और मान्यताएं

 

About the Author

5cb956c41add22969457e992e88428e962b75949014633290e30f9243ad5082a?s=96&d=mm&r=g

Rahul Pandey

Administrator

Visit Website View All Posts
Tags: #makarsankranti festival of uttarakhand ghughuti festival in uttarakhand makar sankranti in uttrakhand makar sankranti parv makarsankranti uttarakhand mkarsankranti Uttarakhand uttarakhand culture uttarakhand festival uttarakhand festivals uttarakhand lok parv olgiya (ghee sankranti) ki badhai uttarakhandi Uttrakhand uttrakhand andolan uttrakhand cultural activities uttrakhand ghee sankranti uttrakhand olgiya parv uttrakhand prawashi

Post navigation

Previous: ब्रह्मांड में पाया गया अब तक का सबसे बड़ा महासागर: पृथ्वी के महासागरों से 140 लाख करोड़ गुना ज्यादा पानी!
Next: Mahakumbh 2025: 1.5 करोड़ से अधिक लोगों की एकजुटता से 2 लाख करोड़ रुपये का व्यापार होने का अनुमान, CAIT का दावा

3 thoughts on “Makar Sanskranti 2025 : जानिए उत्तराखंड में क्यों मनाई जाती है अलग तरीके से मकर संक्रांति”

  1. Pingback: Sainik School Admission 2025: आज है AISSEE फॉर्म भरने की आखिरी तारीख, जानें परीक्षा की डेट और महत्वपूर्ण जानकारी
  2. Pingback: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया Z-Morh टनल का उद्घाटन: लद्दाख और कश्मीर को मिलेगा हर मौसम में सड़क
  3. Pingback: Makar Sankranti 2025: राशियों पर प्रभाव और लाभ-हानि

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Stories

Satya Niketan Building Collapse: 7 मौतों के बाद बड़ा एक्शन, मालिक समेत 3 गिरफ्तार, 27 घंटे बाद खत्म हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
  • भारत

Satya Niketan Building Collapse: 7 मौतों के बाद बड़ा एक्शन, मालिक समेत 3 गिरफ्तार, 27 घंटे बाद खत्म हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

Zahara Hasan September 8, 2026 0
Padmaavat Jauhar Controversy: स्वरा भास्कर की सफाई, ‘पद्मावत’ बयान पर बोलीं- मेरी बात का गलत मतलब निकाला गया
  • Viral खबरे
  • भारत

Padmaavat Jauhar Controversy: स्वरा भास्कर की सफाई, ‘पद्मावत’ बयान पर बोलीं- मेरी बात का गलत मतलब निकाला गया

Zahara Hasan September 2, 2026 1
SIM Card Smuggling: दिल्ली में जासूसी नेटवर्क का खुलासा, दंपति गिरफ्तार
  • Viral खबरे
  • भारत

SIM Card Smuggling: दिल्ली में जासूसी नेटवर्क का खुलासा, दंपति गिरफ्तार

Zahara Hasan August 29, 2026 1

You may have missed

Satya Niketan Building Collapse: 7 मौतों के बाद बड़ा एक्शन, मालिक समेत 3 गिरफ्तार, 27 घंटे बाद खत्म हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
  • भारत

Satya Niketan Building Collapse: 7 मौतों के बाद बड़ा एक्शन, मालिक समेत 3 गिरफ्तार, 27 घंटे बाद खत्म हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

Zahara Hasan September 8, 2026 0
Chhatron Ki Goonj: PM मोदी की हुंकार, सच या सियासी वार?
  • Viral खबरे

Chhatron Ki Goonj: PM मोदी की हुंकार, सच या सियासी वार?

Zahara Hasan September 8, 2026 0
Swatantra Bhardwaj: आरोपी स्वातंत्र भारद्वाज फरार, दिल्ली पुलिस की तलाश जारी
  • Viral खबरे

Swatantra Bhardwaj: आरोपी स्वातंत्र भारद्वाज फरार, दिल्ली पुलिस की तलाश जारी

Zahara Hasan September 4, 2026 1
Padmaavat Jauhar Controversy: स्वरा भास्कर की सफाई, ‘पद्मावत’ बयान पर बोलीं- मेरी बात का गलत मतलब निकाला गया
  • Viral खबरे
  • भारत

Padmaavat Jauhar Controversy: स्वरा भास्कर की सफाई, ‘पद्मावत’ बयान पर बोलीं- मेरी बात का गलत मतलब निकाला गया

Zahara Hasan September 2, 2026 1

An Initiative of WTC Today Pvt Ltd

  • Facebook
  • Instagram
  • YouTube
  • X
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY
  • Disclaimer
  • Terms & Condtions
  • Become a News Writer
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY
  • Disclaimer
  • Terms & Condtions
  • Become a News Writer
| MoreNews by AF themes.