दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Oracle Corporation ने एक बड़े फैसले के तहत करीब 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।
दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Oracle Corporation ने एक बड़े फैसले के तहत करीब 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।
दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Oracle Corporation ने एक बड़े फैसले के तहत करीब 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इनमें लगभग 12,000 कर्मचारी भारत से बताए जा रहे हैं। यह छंटनी ऐसे समय में हुई है जब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में तेजी से निवेश बढ़ा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह छंटनी यहीं नहीं रुकेगी। कंपनी अगले महीने दूसरे चरण में और कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा सकती है।
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Toggleकर्मचारियों के लिए यह फैसला बेहद चौंकाने वाला रहा। सोमवार सुबह करीब 6 बजे कर्मचारियों को उनके इनबॉक्स में टर्मिनेशन मेल मिला, जिसमें उसी दिन को उनका आखिरी वर्किंग डे बताया गया।
मेल मिलने के कुछ ही मिनटों बाद कर्मचारियों का सिस्टम एक्सेस—जिसमें ईमेल, कंप्यूटर और अन्य फाइल्स शामिल थीं—पूरी तरह बंद कर दिया गया।
कंपनी की ओर से भेजे गए मेल में कहा गया कि संगठन में बदलाव और मौजूदा जरूरतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
Oracle Corporation ने अपने ईमेल में कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए सेवरेंस पैकेज देने की बात कही है। इसके लिए कर्मचारियों को जरूरी दस्तावेज साइन करने होंगे।
हालांकि, कंपनी ने आधिकारिक तौर पर छंटनी के पीछे की वजह साफ नहीं की है, जिससे कर्मचारियों में असमंजस बना हुआ है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Oracle Corporation के अंदर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग तेजी से बढ़ाया जा रहा है।
कई वरिष्ठ कर्मचारियों का कहना है कि AI टूल्स की मदद से अब कम लोगों के साथ ज्यादा काम किया जा सकता है। यही कारण है कि कंपनी अपने वर्कफोर्स को कम कर रही है।
एक सीनियर मैनेजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म LinkedIn पर लिखा कि यह छंटनी परफॉर्मेंस के आधार पर नहीं, बल्कि स्ट्रक्चरल बदलाव के तहत की गई है।
विशेषज्ञ इस तरह की छंटनी को ‘इनविजिबल लेऑफ’ का नाम दे रहे हैं। इसमें कंपनियां बिना बड़ी घोषणा के धीरे-धीरे कर्मचारियों की संख्या कम करती हैं।
पिछले कुछ महीनों में Amazon, Meta Platforms और Dell Technologies जैसी बड़ी कंपनियों में भी बड़े पैमाने पर छंटनी देखने को मिली है। अनुमान है कि इन कंपनियों में मिलाकर 90 हजार से ज्यादा लोग नौकरी खो चुके हैं।
कुछ पूर्व कर्मचारियों ने कंपनी पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। एक कर्मचारी ने दावा किया कि 16 घंटे की लंबी शिफ्ट का विरोध करने के बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया था।
हालांकि, इन आरोपों पर कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Oracle Corporation दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों में से एक है, जिसकी स्थापना 1977 में Larry Ellison ने अपने साथियों के साथ की थी।
कंपनी मुख्य रूप से डेटाबेस मैनेजमेंट और क्लाउड सर्विसेस प्रदान करती है। दुनिया भर की बैंकिंग, सरकारी और कॉर्पोरेट संस्थाएं ओरेकल के सिस्टम का इस्तेमाल करती हैं।
दिलचस्प बात यह है कि ओरेकल नाम की शुरुआत एक CIA प्रोजेक्ट से हुई थी, जिसमें बड़े पैमाने पर डेटा मैनेज करने की जरूरत थी।
ओरेकल की यह छंटनी इस बात का संकेत है कि टेक इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है। AI और ऑटोमेशन के बढ़ते उपयोग से कंपनियां कम कर्मचारियों में ज्यादा काम करने की दिशा में बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह की छंटनी और बढ़ सकती है, जिससे टेक सेक्टर में नौकरी की प्रकृति और स्किल्स की मांग दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
